फूड प्रोसेसिंग के रूप में करियर

फूड प्रोसेसिंग खाद्य सामग्री और पेय पदार्थों को कई रूपों में सहेजने की एक बेहतर प्रक्रिया है। इस क्षेत्र में स्वरोजगार अच्छे करियर के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
योग्यता
फूड प्रोसेसिंग में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्सेज के अलावा डिग्री भी प्राप्त की जा सकती है। इस क्षेत्र से स्नातक डिग्री में प्रवेश पाने के लिए केमिस्ट्री, फिजिक्स, मैथमेटिक्स या बायोलॉजी आदि विषयों में 12वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। एमएससी कोर्स करने के लिए फूड टेक्नोलॉजी से संबंधित विषयों में स्नातक की डिग्री आवश्यक है।
कोर्सेज
फूड प्रोसेसिंग में 3 साल के कोर्सेज में बीएससी इन फूड टेक्नोलॉजी, बीएससी इन फूड न्यूट्रीशियन एंड प्रिजरर्वेशन हैं। 4 साल में बीटेक इन फूड इंजीनियरिंग और 2 साल में एमएससी इन फूड टेक्नोलॉजी के कोर्स कराए जाते हैं।
कॉलेज स्तर पर इस क्षेत्र में बी टेक., बी़ एससी़, एम़ टेक़., एम़ एससी़ और पीएच़ डी इन फूड टेक्नोलॉजी एंड प्रोसेसिंग पाठय़क्रम उपलब्ध हैं। इस क्षेत्र में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स भी कराए जाते हैं।
कैसे लें प्रवेश
फूड प्रोसेसिंग की पढ़ाई के लिए प्रवेश प्रक्रिया अलग-अलग है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए परीक्षा देनी होती है। अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा के आधार पर राज्यों के विश्वविद्यालयों में स्नतकोत्तर कोर्स की पच्चीस प्रतिशत सीटें भरी जाती हैं। बी टेक., बी.एससी पाठय़क्रम में प्रवेश के लिए विज्ञान (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी) में 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है। एम.टेक. पाठय़क्रम के लिए खाद्य प्रौद्योगिकी, रसायन इंजीनियरी में बी टेक. परीक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिए। खादी ग्रामोद्योग में इसके लिए सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध है।
शुल्क: सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में कोर्स के हिसाब से शुल्क निर्धारित है। फिर भी इस क्षेत्र में 500 रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक शुल्क खर्च करके आप शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
खर्च: फूड प्रोसेसिंग का काम करीब एक लाख रुपए से शुरू किया जा सकता है।
कच्चा माल - फूड प्रोसेसिंग दो से तीन स्तरों पर चलने वाला स्वरोजगार है। आप अपने सामर्थ्य के मुताबिक इसे शुरू कर सकते हैं। इसमें जैविक फसलें उगाना, जैविक फूड तैयार करना और उसे बाजार में उतारना आदि भी शामिल है। अगर आप केवल फूड प्रोसेसिंग का काम शुरू करते हैं तो कच्चा माल जैविक फसलें उगाने वाले किसानों से खरीद सकते हैं।
बिक्री: आप तैयार माल को बाजार में सीधे उतारने के अलावा एजेंट्स के जरिए भी बिक्री कर सकते हैं। खादी से प्रशिक्षण लेने वाले अगर लोन लेकर काम शुरू करते हैं तो खादी के बिक्री संस्थान तब तक आपका माल खरीदने की जिम्मेदारी उठाएंगे, जब तक कि आप लोन नहीं चुका देते।
आमदनी : एक लाख की लागत से प्रतिमाह 10 से 30 हजार तक कमाए जा सकते हैं। आमदनी आपके द्वारा तैयार माल, उसकी पैकिंग और मार्केटिंग पर भी निर्भर करती है।
ऋण: वैसे तो किसी भी तरह के स्वरोजगार को शुरू करने के लिए आप प्राइवेट और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत ऋण ले सकते हैं, लेकिन अगर आपने खादी से प्रशिक्षण लिया है तो आप इस संस्थान से भी ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। खादी में प्रशिक्षण लेने वाले पच्चीस हजार से पच्चीस लाख तक का लोन ले सकते हैं। इसके लिए नजदीकी बैंक से संपर्क करना होगा।
फूड प्रोसेसिंग क्या है
फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री काफी बड़ा क्षेत्र है। इसमें खाद्य सामग्री और पेय पदार्थों को प्रोसेस करके रखा जाता है। फूड प्रोसेसिंग एक तरह की टेक्नोलॉजी है। इस क्षेत्र में करियर बनाने से पहले आपको फूड टेक्नोलॉजिस्ट होना पड़ेगा।
प्रमुख संस्थान
फूड प्रोसेसिंग अथवा प्रिजर्वेशन का प्रशिक्षण आप निम्न संस्थानों में से किसी एक में प्रवेश लेकर प्राप्त कर सकते हैं-
आंचलिक बहु-उद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र, खादी और ग्रामोद्योग, गांधी दर्शन, राजघाट, नई दिल्ली-110002
सीएफटीआरआई, मैसूर
जीबी पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, पंतनगर, उत्तराखंड 
नेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रिन्योर
मां धंतेश्वरी हर्बल प्रोडक्ट, कोडा गांव-494226, मुंबई, महाराष्ट्र
माता फाउंडेशन 23/201, ईस्ट एंड अपार्टमेंट, फेज-1, दिल्ली-110096
राजस्थान ऑग्रेनिक सर्टिफिकेट अथॉरिटी, जयपुर, राजस्थान
स्पाइलिस बोर्ड, कोचीन

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