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Showing posts from August, 2016

मर्चेंट नेवी बनकर करे लहरों से अठखेलियां

समुद्र की लहरों पर अठखेलियां करने के साथ अगर आपको विदेशों की सैर करने का शौक है तो निश्चय ही आपके लिए मर्चेंट नेवी का करियर मददगार साबित हो सकती है। दरअसल यह फील्ड रोमांच और साहस से भरा होता है। पर आपके अंदर थोड़े से सब्र और साहस के साथ कुछ नया जानने व करने की ललक होनी चाहिए। अगर ऐसा है तो निश्चय ही आप मर्चेंट नेवी बनकर बुलंदियों तक जा सकते हैं। बता रहे हैं मनीष झा-
नौसेना से अलग: मर्चेंट नेवी में जहाज के सामान और लोगों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का काम करते हैं। इसलिए अगर आप जहाज पर काम करना चाहते हैं, पर नौसेना में नहीं तो मर्चेंट नेवी आपके लिए एक बेहतर करियर विकल्प है। अक्सर लोगों को मर्चेंट नेवी का नाम सुनते ही ऐसा लगता है कि यह नौसेना का हिस्सा है, जबकि ऐसा नहीं है।
क्या है मर्चेंट नेवी: मर्चेंट नेवी के तहत यात्री जहाज, मालवाहक जहाज, तेल और रेफ्रिजरेटेड जहाज आते हैं। इन जहाजों के संचालन के लिए एक ट्रेंड टीम की जरूरत होती है, जिसमें तकनीकी टीम से लेकर क्रू मेंबर तक शामिल होते हैं। जहाज में काम करने वाले प्रफेशनल्स जहाज के संचालन, तकनीकी रखरखाव और यात्रियों को कई प्रकार की सेवाए…

वैश्विक ऊर्जा प्रबंधन में एमएससी

क्यों इस कोर्स? वैश्विक ऊर्जा प्रबंधन में एमएससी (मणि) ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य के नेताओं का उत्पादन लक्ष्य एक गहन पाठ्यक्रम है। वैश्विक ऊर्जा प्रणाली सहित तेजी से परिवर्तन की एक प्रक्रिया के दौर से गुजर रहा है: तना मांगआपूर्ति पर बाधाओंऊर्जा की कीमतों में वृद्धिनियामक दबाव कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिएऊर्जा का उपयोग और आपूर्ति की जनसांख्यिकी और पैटर्न बदल रहा है इंडस्ट्रीज, अर्थव्यवस्था और समाज के लिए भविष्य में और अधिक उग्र हो सकता है कि जटिल चुनौतियों और अनिश्चितताओं का सामना। सरकार और उद्योग दोनों को समझते हैं और इस बदलते संदर्भ के लिए अनुकूल करने में सक्षम होने की जरूरत है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से वैश्विक ऊर्जा प्रणालियों की एक कठोर विश्लेषणात्मक प्रशिक्षण और गहराई में वास्तविक दुनिया ज्ञान हासिल करेंगे। वहाँ भी हाथ-पर ऊर्जा से संबंधित मुद्दों के प्रबंधन में प्रशिक्षण। अपने प्रशिक्षण आप ऊर्जा रोजगार के बाजार में एक बेजोड़ धार देने में मदद मिलेगी। इस परास्नातक डिग्री अर्थशास्त्र विभाग द्वारा दिया जाता है। आप अध्ययन करेंगे कोर वर्ग आज ऊर्जा प्रबंधकों का सामना करना पड़ मुद्…

अतीत की खोज में भविष्य

हजारों साल पहले मानव जीवन कैसा रहा होगा? किन-किन तरीकों से जीवन से जुड़े अवशेषों को बचाया जा सकता है? एक सभ्यता, दूसरी सभ्यता से कैसे अलग है? क्या हैं इनकी वजहें? ऐसे अनगिनत सवालों से सीधा सरोकार होता है आर्कियोलॉजिस्ट्स का।

अगर आप भी देश की धरोहर और इतिहास में रुचि रखते हैं तो आर्कियोलॉजिस्ट के रूप में एक अच्छे करियर की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें आपको नित नई चीजें जानने को तो मिलेंगी ही, सैलरी भी अच्छी खासी है। आर्कियोलॉजी के अंतर्गत पुरातात्विक महत्व वाली जगहों का अध्ययन एवं प्रबंधन किया जाता है।

हेरिटेज मैनेजमेंट के तहत पुरातात्विक स्थलों की खुदाई का कार्य संचालित किया जाता है और इस दौरान मिलने वाली वस्तुओं को संरक्षित कर उनकी उपयोगिता का निर्धारण किया जाता है। इसकी सहायता से घटनाओं का समय, महत्व आदि के बारे में जरूरी निष्कर्ष निकाले जाते हैं।



जरूरी योग्यता
एक बेहतरीन आर्कियोलॉजिस्ट अथवा म्यूजियम प्रोफेशनल बनने के लिए प्लीस्टोसीन पीरियड अथवा क्लासिकल लैंग्वेज, मसलन पाली, अपभ्रंश, संस्कृत, अरेबियन भाषाओं में से किसी की जानकारी आपको कामयाबी की राह पर आगे ले जा सकती …

एनर्जी इंजीनियरिंग में कॅरियर

एनर्जी इंजीनियरिंग का कोर्स इन दिनों काफी पॉपुलर हो रहा है। यदि भविष्य की बात करें, तो इसकी मांग आगे भी बनी रहेगी। यदि आप इससे संबंधित कोर्स कर लेते हैं, तो करियर के लिहाज से बेहतर हो सकता है। योग्यता व कोर्स इस क्षेत्र में करियर की संभावनाएं तलाशने वाले छात्रों को बीई या बीटेक करने के लिए 12वीं में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित होना आवश्यक है। अगर आप चाहें, तो बीटेक करने के बाद एमटेक भी कर सकते हैं। अधिकतर संस्थानों में एडमिशन प्रवेश परीक्षाओं द्वारा दिया जाता है। वैसे एनर्जी में दक्षता या स्पेशलाइजेशन अंडर ग्रेजुएट स्तर पर उतना लोकप्रिय नहीं है, जितना पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर। मास्टर्स कोर्स में ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों और ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों में सुधार पर अधिक जोर दिया जाता है। संभावनाएं जलवायु में बदलाव और ग्लोबल वार्मिंग के बारे में बढी जागरूकता के चलते नौकरियों के बाजार में ऊर्जा इंजीनियरिंग की बहुत मांग है। विभिन्न सरकारी संस्थानों, खासकर विभिन्न राज्यों की नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसियों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की काफी मांग है। सरकार ने उद्योगों क…

ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग में करियर

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नई दिल्ली। अगर आप रेडियो या टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग इंजीनियरिंग में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आप इसके लिए ज्यादा सोचिए मत। आपको बता दें कि ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की ही ब्रांच है। इसे रेडियो, टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग में सिग्नल स्ट्रेंथ, साउंड व कलर्स रेंज के लिए डिवाइस की देखरेख के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसमें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड ऑडियो इंजीनियरिंग भी शामिल हैं। वहीं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के दो प्रमुख एरिया, ऑडियो इंजीनियरिंग और रेडियो फ्रीक्वेंसी इंजीनियरिंग भी ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग से संबंधित हैं। योग्यता ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग कोर्स में मुख्य विषय के तौर पर नहीं पढ़ाया जाता है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड ऑडियो इंजीनियरिंग में चार वर्षीय बैचलर्स कोर्स कर चुके उम्मीदवार पीजी स्तर पर इसमें स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। वहीं, सीधे …

एस्ट्रोनॉमी में बनाएं अपना कॅरियर

आसमान में लाखों जगमगाते एवं टिमटिमाते तारों को निहारना दिमाग को सुकून से भर देता है। इन्हें देखने पर मन में यही आता है कि अगली रात में पुन: आने का वायदा कर जगमगाते हुए ये सितारे आखिर कहां से आते हैं और कहां गायब हो जाते हैं?  हालांकि,  इसी तरह के कई अन्य सवालों जैसे उल्कावृष्टि, ग्रहों की गति एवं इन पर जीवन जैसे रहस्यों से ओत-प्रोत बातें सोचकर व्यक्ति खामोश रह जाता है। एस्ट्रोनॉमी (Astronomy) या खगोल विज्ञान वह करियर है, जो इन सभी रहस्यों, सवालों एवं गुत्थियों को सुलझाता है। अगर आप ब्रह्मांड (Universe) के रहस्यों से दो-चार होकर अंतरिक्ष को छूना चाहते हैं तो यह करियर आपके लिए बेहतर है। वैसे भी कल्पना चावला (Kalpana Chawla), राकेश शर्मा (Rakesh Sharma) तथा सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) जैसे प्रतिभावान एस्ट्रोनॉट (Astronaut) के कारण आज यह करियर युवाओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। एस्ट्रोनॉमी (Astronomy) क्या है
एस्ट्रोनॉमी (Astronomy) वह विज्ञान है, जो पृथ्वी के वातावरण से परे अंतरिक्ष (Space) से संबंधित है। यह ब्रह्मांड में उपस्थित खगोलीय पिंडों (Celestial Bodies) की गति, प्रकृति और स…

जोअलॉजी: जीव-जंतुओं संग पाएं मंजिल

जीव-जंतु प्रेमियों को निश्चय ही उनके साथ समय बिताना अच्छा लगता है। आप अपने इसी प्रेम को अपने करियर में भी बदल सकते हैं। प्राणि विज्ञान या जोअलॉजी जीव विज्ञान की ही एक शाखा है, जिसमें जीव-जंतुओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। इसमें प्रोटोजोआ, मछली, सरीसृप, पक्षियों के साथ-साथ स्तनपायी जीवों के बारे में अध्ययन किया जाता है। इसमें हम न सिर्फ जीव-जंतुओं की शारीरिक रचना और उनसे संबंधित बीमारियों के बारे में जानते हैं, बल्कि मौजूदा जीव-जंतुओं के व्यवहार, उनके आवास, उनकी विशेषताओं, पोषण के माध्यमों, जेनेटिक्स व जीवों की विभिन्न जातियों के विकास के साथ-साथ  विलुप्त हो चुके जीव-जंतुओं के बारे में भी जानकारी हासिल करते हैं। अब आपके मन में सवाल उठ रहे होंगे कि प्राणि विज्ञान में किस-किस प्रकार के जीवों का अध्ययन किया जाता है। जवाब है, इस पाठय़क्रम के तहत आप लगभग सभी जीवों, जिनमें समुद्री जल जीवन, चिडियाघर के जीव-जंतु, वन्य जीवों, यहां तक कि घरेलू पशु-पक्षियों के जीव विज्ञान एवं जेनेटिक्स का अध्ययन करते हैं। आइए जानते हैं कि इस क्षेत्र में प्रवेश करने का पहला पड़ाव क्या है? प्राणि विज्ञान के …

सिविल इंजीनियरिंग में करियर

आज देश प्रगति के पथ पर सरपट दौड़ रहा है। बड़े शहरों के अलावा छोटे शहरों में भी विकास की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। रियल एस्टेट के कारोबार में आई चमक ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को रोशन किया है। इन्हीं में से एक प्रमुख क्षेत्र ‘सिविल इंजीनियिरग’ भी है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कदम रखने वाले अधिकांश छात्र सिविल इंजीनियरिंग की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। वह रियल एस्टेट के अलावा भी कई सारे कंट्रक्शन कार्य जैसे पुल निर्माण, सड़कों की रूपरेखा, एयरपोर्ट, ड्रम, सीवेज सिस्टम आदि को अपने कौशल द्वारा आगे ले जाने का कार्य कर रहे हैं। क्या है सिविल इंजीनियरिंग?जब भी कोई योजना बनती है तो उसके लिए पहले प्लानिंग, डिजाइनिंग व संरचनात्मक कार्यों से लेकर रिसर्च एवं सॉल्यूशन तैयार करने का कार्य किया जाता है। यह कार्य किसी सामान्य व्यक्ति से न कराकर प्रोफेशनल लोगों से ही कराया जाता है, जो सिविल इंजीनियरों की श्रेणी में आते हैं। यह पूरी पद्धति ‘सिविल इंजीनियरिंग’ कहलाती है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षित लोगों को किसी प्रोजेक्ट, कंस्ट्रक्शन या मेंटेनेंस के ऊपर कार्य करना होता है। साथ ही इस कार्य के लिए उनक…

ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग के साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मौका

अगर आप रेडियो या टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग इंजीनियरिंग में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आप इसके लिए ज्यादा सोचिए मत। आपको बता दें कि ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की ही ब्रांच है। इसे रेडियो, टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग में सिग्नल स्ट्रेंथ, साउंड व कलर्स रेंज के लिए डिवाइस की देखरेख के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसमें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड ऑडियो इंजीनियरिंग भी शामिल हैं। वहीं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के दो प्रमुख एरिया, ऑडियो इंजीनियरिंग और रेडियो फ्रीक्वेंसी इंजीनियरिंग भी ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग से संबंधित हैं। योग्यता ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग कोर्स में मुख्य विषय के तौर पर नहीं पढ़ाया जाता है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड ऑडियो इंजीनियरिंग में चार वर्षीय बैचलर्स कोर्स कर चुके उम्मीदवार पीजी स्तर पर इसमें स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। वहीं, सीधे ब्रॉडकास्टिंग फर्म्स के …

औषधीय रसायन विज्ञान

औषधीय रसायन विज्ञान में मास्टर इस मास्टर में "उच्च स्तर के अनुसंधान के माध्यम से प्रशिक्षण के लिए एक मजबूत बिंदु है" मान्यता है कि जो राष्ट्रीय प्रत्यायन एजेंसी (A3ES) से छह साल के लिए, 2015 में मान्यता प्राप्त थी। बेशक निदान और उपचार के लिए डिजाइन, संश्लेषण और नई दवाओं के विकास के लिए सक्षम है कि कौशल पैदा करना है। औषधीय रसायनज्ञ जीव विज्ञान के लिए सैद्धांतिक रसायन विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ बातचीत के दौरान, इन दोनों क्षेत्रों की टीमों में काम को विकसित करने के लिए सक्षम होना चाहिए। कोर्स औषधीय रसायन विज्ञान बोलोग्ना घोषणा के दिशा निर्देशों का पालन करता है और चार सेमेस्टर में आयोजित किया जाता है। 1 वर्ष, जो प्रयोगशाला चरित्र के दो 10 पाठ्यक्रम इकाइयों (यूसी) अनिवार्य है। सैद्धांतिक UCs में कार्बनिक रसायन विज्ञान, संरचनात्मक लक्षण और संश्लेषण रणनीतियों में ज्ञान की गहराई में हैं। वे पेश कर रहे हैं और विस्तृत आणविक मॉडलिंग अवधारणाओं को इस क्षेत्र में छात्र सबसे आम उपकरण देने के लिए। औषधीय रसायन विज्ञान के सिद्धांतों शुरू की है और मामले के अध्ययन के लिए…