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Showing posts from March, 2018

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में करियर

एविएशन का नाम आते ही आसमान में उड़ने का मन करता है लेकिन यदि आप बनाना चाहते हो हो एविएशन में अपना करियर तो आप कहाँ पर अपनी लाइफ बना सकते हो। एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) में हो रहे लगातार विस्तार से रोजगार के अवसरों में काफी इजाफा हुआ है। ऐसे में बहुत से अवसर हैं कई लोग सोचते हैं केवल पायलट या एयर होस्टेस तक ही एविएशन में जॉब सीमित हैं,  लेकिन ऐसा कतई नही है क्योंकि इनके इलावा भी आप एविएशन में अपना करियर बना सकते हो। इसी लाइन में में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर (AME) भी बहुत अच्छा विकल्प है।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर की कार्य प्रकृति कैसी है उसका क्या काम होता है: किसी भी जहाज की तकनीकी जिम्मेदारी एएमई के ऊपर होती है। हर उड़ान के पहले एएमई जहाज का पूरी तरह से निरीक्षण करता है और सर्टिफिकेट जारी करता है कि जहाज उड़ान भरने को तैयार है। इस काम के लिए उसके पास पूरी तकनीकी टीम होती है। कोई भी विमान एएमई के फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना उड़ान नहीं भर सकता। गौरतलब है कि एक हवाईजहाज के पीछे करीब 15-20 इंजीनियर काम करते हैं। इसी से इनकी जरूरत का अनुमान लगाया जा सकता है।
कैसे बन सकते हो आप एयरक…

वेबसाइट डिजाइनिंग में करियर

आज लगभग हर क्षेत्र में वेब ड‍िजाइनिंग की आवश्‍यकता होती है। एक वेब डिजाइनर के रूप में आपका काम यह तय करना है कि वेबसाइट का लुक क्‍या होगा, कंटेंट कहां और कैसे रखा जाएगा। इतना ही नहीं वेबसाइट से जुड़े हर पहलुओं का ध्‍यान रखना उनकी प्रोफाइल में आता है। वेबसाइट का डिजाइन यानी वेबपेज का लेआउट, स्‍ट्रक्‍चर और आर्किटेक्‍चर तैयार करना वेब डिजाइनर का काम होता है। एक वेब डिजाइनर विशेष रूप से ग्राफ‍िक डिजाइनिंग और लेआउट पर ध्‍यान केंद्रित करता है। इस क्षेत्र में करियर की काफी संभावनाएं हैं। किसी कंपनी के लिए वेबसाइट तैयार करने में वेब डिजाइन की तरह ही सारे काम किसी एक व्‍यक्ति द्वारा संभव नहीं होता। इसलिए किसी भी वेबसाइट डेवलपमेंट कंपनी में विभिन्‍न प्रकार के कामों के लिए भी अलग-अलग लोग हो सकते हैं। जिन्‍हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है। जो व्‍यक्ति वेबसाइट के कंटेंट को तैयार करता है उसे कंटेंट डिजाइनर या कंटेंट डेवलपर कहते हैं। जो व्यक्ति वेबसाइट के स्ट्रक्चर या लेआउट को निरूपित करता है यानी वेबसाइट के थीम का वर्णन करता है उस डेवलपर को थीम डिजाइनर कहा जा सकता है। जो व्यक्ति वेबसाइट के ग्राफि…

फैशन इंडस्ट्री में करियर

फैशन डिज़ाइनिंग को आम तौर पर कॅरियर का एक आप्शन भर माना जाता है. जबकि ऐसा नहीं है, दरअसल यह एक ऐसी कला है जो ड्रेस और एक्सेसरीज़ की मदद से किसी इनसान की लाइफ स्टाइल को सामने लाती है. क्या है फैशन डिजाइनिंग? मॉडर्न फैशन के अंतर्गत दो मूल विभाग हैं. पहला वर्ग है वस्त्रों को डिज़ाइन करना और दूसरा रेडी-टू-वियर अर्थात तैयार पोशाकें. इन दोनो वर्गों मे फैशन डिज़ाइनिंग का इस्तेमाल प्रथम वर्ग मे किया जाता है. वर्तमान समय मे फैशन शो इसी के बूते चल रहे हैं. इन शो के ज़रिए ही फैशन डिज़ाइनर्स की सृजनात्मकता और रचनात्मकता का पता चलता है. अहमियत रंग और बुनावट की यदि किसी को टेक्सटाइल, पैटर्न, कलर कोडिंग, टेक्सचर आदि का अच्छा ज्ञान हो तो फैशन डिज़ाइनिंग को कॅरियर के रूप मे अपनाने मे उसे बिल्कुल हिचकना नहीं चाहिए. उसकी सफलता को कोई गुंजाइश नहीं रह जाती और उसका नाम फैशन इंडस्ट्री मे तहलका मचा सकता है. खासकर भारत जैसे देश में जहाँ के फैशन मे पश्चिमी सभ्यता का भी संगम है, और इसी मिलन ने फैशन इंडस्ट्री को एक नयी दिशा और पहचान दी है. फॅशन डिज़ाइनिंग मे रंगों के संयोजन और कपड़े के आधार पर उसकी बुनाई का बड़ा…

एक्वाकल्चर में करियर

एक्वाकल्चर में समुद्र, नदियों और ताजे पानी के कंजर्वेशन, उनके मौलिक रूप और इकोलॉजी की सेफ्टी के बारे में स्टडी की जाती है। इन दिनों घटते जल स्रोतों, कम होते पेयजल संसाधनों के चलते इस फील्ड में विशेषज्ञों की मांग बढ़ी है। कोर्स ऐंड एलिजिबिलिटी इस फील्ड में बीएससी और एमएससी इन एक्वा साइंस जैसे कोर्स प्रमुख हैं। इनमें एडमिशन के लिए बायोलॉजी सब्जेक्ट के साथ 10+2 पास होना अनिवार्य है। इसके अलावा, वाटर कंजर्वेशन और उसकीइकोलॉजी के बारे में गहरा रुझान जरूरी है। एनवॉयर्नमेंट इंजीनियरिंग एनवॉयर्नमेंट कंजर्वेशन के फील्ड में बढ़ती टेक्नोलॉजी के एक्सपेरिमेंट्स से आज एनवॉयर्नमेंट इंजीनियर्स की मांग बढ़ी है। अलग-अलग सेक्टर्स के कई इंजीनियर्स आज एनवॉयर्नमेंट इंजीनियरिंग में अपना योगदान दे रहे हैं। इनमें एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, बायोलॉजिस्ट केमिकल इंजीनियरिंग, जियोलॉजिस्ट, हाइड्रो-जियोलॉजिस्ट, वॉटर ट्रीटमेंट मैनेजर आदि कारगर भूमिका निभाते हैं। इंस्टीट्यूट वॉच -आइआइटी, रुड़की www.iitr.ac.in (भूजल जल-विज्ञान और वाटरशेड मैनेजमेंट) -इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली www.ignou.ac.in -अन्ना व…

समाज सेवा में करियर

समाज सेवा कोई फुलटाइम काम थोड़ी है। आम धारणा है कि समाज सेवा को पार्टटाइम आधार पर किया जाता है। यह एक अपेक्षाकृत हल्का विकल्प है, जो लड़कियों को ही करना चाहिए। दरअसल, यह सब विचार गलतफहमियां हैं। आज समाज सेवा एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें कॉरपोरेट और अनेक बहुराष्ट्रीय एनजीओ भी भारत में अपनी पहचान बनाने के लिए सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के आधार पर पैसा लगा रहे हैं। इसका एक उदाहरण है अजीम प्रेमजी द्वारा अपनी निजी आय में से 9000 करोड़ रुपए दान किया जाना, जिसका इस्तेमाल प्रेमजी फाउंडेशन शिक्षा और ग्राम सुधार के लिए कर रही है। इसके अलावा, इंडियन ऑयल, यूनीलिवर, नेस्ले, एनटीपीसी, एलएंडटी आदि कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी विभाग हैं। वह अपनी परियोजनाओं के लिए एमएसडब्ल्यू (मास्टर इन सोशल वर्क) को रखते हैं। यहां तक कि बहुराष्ट्रीय संस्थाएं जैसे यूनेस्को, यूनिसेफ और अन्य संस्थाएं भी समाज सेवा पृष्ठभूमि वाले लोगों को रखती हैं। एक समाज सेवी मूलत: मॉडर्न मैनेजमेंट और समाज विज्ञान के विचारों को मिला कर सामाजिक समस्याओं का हल खोजता है। आज के समाज सेवियों को सरकारों और निजी …

जीएनएम नर्सिंग कोर्स

सरकारी और गैर सरकारी 33 नर्सिंग स्कूलों में वर्ष 2018 व 19 सत्र के लिए जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी ((जीएनएम)) नर्सिंग कोर्स में प्रवेश का लेकर आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। चिकित्सा निदेशालय में इच्छुक उम्मीदवार अपने आवेदन 20 जून तक कर सकते हैं। जबकि हार्ड एरिया के उम्मीदवार 27 जून तक आवेदन कर सकते हैं।

ये आवेदन सरकारी स्कूलों में 130 सीटों और प्राइवेट स्कूलों में 555 सीटों के लिए लिए जा रहे हैं।इनमें सरकारी 5 स्कूलों में 46 सीटें सामान्य वर्ग के लिए है। 11 सीटें सामान्य भूतपूर्व सैनिक परिवार, 10 सीटें सामान्य आईआरडीपी, 3 सामान्य विकलांग, 1 सीट सामान्य स्वतंत्रता सेनानी के परिवार, 19 सीटें अनुसूचित जाति, 4 सीटें अनुसूचित जाति भूतपूर्व सैनिक परिवार, 4 सीटें एससी आईडीपी वर्ग, 1 सीट एससी विकलांग, 4 सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग, 2 सीटे एसटी भूतपूर्व सैनिक परिवार, 1 सीट एसटी आईआरडीपी, 16 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग, 3 सीटें ओबीसी भूतपूर्व सैनिक परिवार, 4 सीटें ओबीसी आईआरडीपी व 1 सीटी ओबीसी भूतपूर्व सैनिक परिवार वर्ग के लिए आरक्षित है।

इसी तरह 555 प्राइवेट नर्सिंग स्कूलों में 196 सीटें सामान्य वर्ग के…

कमा लो बूंद-बूंद पानी

प्रकृति को बचाने की मुहिम के परिणामस्वरूप ग्रीन जॉब्स का एक बड़ा मार्केट खड़ा हो रहा है, जहां पे-पैकेज भी अच्छा है। इसमें भी वॉटर कंजर्वेशन का फील्ड इंटेलिजेंट यूथ में काफी पसंद किया जा रहा है.... बिजली की बचत, सोलर व विंड एनर्जी?का मैक्सिमम यूटिलाइजेशन करने वाली इमारतें बनाने वाले आर्किटेक्ट, वॉटर रीसाइकल सिस्टम लगाने वाला प्लंबर, कंपनियों में जल संरक्षण से संबंधित रिसर्च वर्क और सलाह देने वाले, ऊर्जा की खपत कम करने की दिशा में काम करने वाले एक्सपर्ट, पारिस्थितिकी तंत्र व जैव विविधता को कायम रखने के गुर सिखाने वाले एक्सपर्ट, प्रदूषण की मात्रा और ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के तरीके बताने वाले एक्सपर्ट...अपने आस-पास नजर दौड़ाइए तो ऐसे अनगिनत प्रोफेशनल्स दिख जाएंगे, जो किसी न किसी रूप में ग्रीन कैम्पेन से जुड़े हुए हैं।? वॉटर कंर्जवेशन पर जोर नदियों की सफाई, वर्षाजल का भंडारण, मकानों के निर्माण के साथ ही वाटर हार्वेस्टिंग की प्रणाली की स्थापना, नदियों की बाढ़ से आने वाले पानी को सूखाग्रस्त इलाकों के लिए संग्रहित करना, सीवेज जल का प्रबंधन कर खेती आदि के कार्यकलापों में इस्त…

लेखक बनने में स्कोप

लेखक बनने में कोई स्कोप नहीं है.. क्या राइटिंग करके फैमिली मैनेज कर सकते हैं। अगर बैकग्राउंड अच्छा नहीं तो राइटिंग में सस्टेन करना मुश्किल है। आम धारणा है कि लेखन रईसों का पेशा है, जबकि सच्चाई यह नहीं है। एक दशक तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कार्य करने के बाद लेखन की ओर मुड़े अनिल अनंतस्वामी का कहना है, ‘लेखक होने का सबसे बड़ा फायदा है कि इससे आपकी एकाग्रता में विकास होता है। यदि आप दुनिया के बारे में कौतुहल रखते हैं तो लेखन आपको अपनी प्रतिक्रियाओं को सटीक तरीके से सामने रखने में मदद करता है।’ इसलिए यदि आप लेखन का प्रयास कर रहे हैं तो इसके लक्षण आपके जीवन की शुरुआत से ही दिख जाते हैं। संभावित विकल्प पत्रकारिता: एक पत्रकार के तौर पर कई स्तरों पर कार्य किया जा सकता है, जिनमें एक स्तंभकार, फ्रीलांस जर्नलिस्ट, एडिटर और सब एडिटर आदि प्रमुख होते हैं। इसके अलावा, एक रिपोर्टर या फोटोजर्नलिस्ट का कार्य भी होता है।
स्क्रिप्ट राइटिंग: लेखन का यह विकल्प उन लोगों के लिए आदर्श है, जो कौतुहल से जीवन के प्रत्येक पक्ष को देखते हैं। हालांकि, अपने लिखे हुए कार्य के व्यावसायिक पक्ष को हमेशा ध्यान में रखना होता …

फिटनेस ट्रेनर सुरक्षित करें भविष्य

गजनी फिल्म में आमिर खान के 8 पैक्स या ओम शांति ओम में शाहरुख के 6 पैक्स एब्स, बिना फिटनेस ट्रेनर के लिए यह इंपॉसिबल थे। बॉलीवुड में एक कहावत है कि बॉडी फिट, तो फिल्म हिट। अपने सेलिब्रिटी कस्टमर्स के जरिए इन्हें पॉपुलरिटी तो मिलती ही है, साथ ही मोटे पैकेज के रास्ते भी खुल जाते हैं। अगर आपमें फिटेनस का जुनून है, तो सत्यजीत चौरसिया, अलखस जोसेफ, मनीष अदविलकर जैसे फिटनेस व‌र्ल्ड के बडे नामों में आप भी शामिल हो सकते हैं।

वर्क प्रोफाइल

फिटनेस ट्रेनर का बेसिक काम क्लाइंट्स को फिजीकली फिट रखने के साथ लाइफ स्टाइल, प्रोफेशन और उम्र जैसे फैक्टर्स के मुताबिक एक्सरसाइज शेड्यूल तय करना है। ट्रेनर्स जिम में मशीनों से क्लाइंट्स को वेट, कॉर्डियो, स्ट्रेचिंग, मसल्स कंडीशनिंग एक्सरसाइज, रूटीन फॉलो कराते हैं।

करियर ऑपर्चुनिटीज

आज मल्टीनेशनल कंपनियों में वर्क करने वाले एग्जीक्यूटिव्स से लेकर टीनएजर्स तक हेल्थ कॉन्शियस हुए हैं। ऐसे में क्वालिफाइड फिटनेस ट्रेनर्स के लिए शानदार ऑपर्चुनिटीज हैं। जिम, होटल्स, हेल्थ क्लब, फिटनेस सेंटर्स, स्पो‌र्ट्स हॉस्टल में फिटनेस ट्रेनर की काफी डिमांड है।

क्वालिफिकेशन एंड स्किल्स

इ…

मॉडलिंग में करियर

चुकी है। इसमें अब नेम और फेम के साथ पैसा भी कम नहीं है। यही वजह है कि आज इस क्षेत्र में काफी युवा अपना करियर तलाश रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं। लेकिन मॉडलिंग की दुनिया में कैसे कदम बढ़ाएं, इस बारे में एक्सपर्ट क्या कहते हैं, बता रहे हैं संतोष सिंह क्या आपके दोस्त आपको ‘मॉडल’ कह कर हल्की-फुल्की छेड़छाड़ करते हैं? अगर हां तो उनकी इस प्यार-भरी छेड़छाड़ को गंभीरता से लीजिए। हो सकता है आप में एक सफल मॉडल बनने के तमाम गुण मौजूद हों और आप अपनी इस प्रतिभा से बेखबर हों। अगर ऐसा है तो मॉडलिंग के क्षेत्र में आप निश्चित ही सफलता पा सकते हैं, बशर्ते आप में कठिन परिश्रम के साथ एक दीवानापन भी हो। यह दीवानगी आपको दौलत के साथ-साथ शोहरत भी दिलवा सकती है। लेकिन मॉडलिंग एक दिन की कला नहीं है। अभ्यास से ही इसे निखारा जा सकता है। दरअसल यह फील्ड शुद्घ रूप से आपके व्यक्तित्व (पर्सनेलिटी) से ही जुड़ी हुई है। यहां आप अपने आपको कैसे पेश करते हैं, यह ज्यादा महत्त्वपूर्ण होता है। क्या गुण होने चाहिए? आपका चेहरा फोटोजेनिक होना चाहिये। प्रारम्भ में मॉडलों का चयन फोटो देख कर ही किया जाता है। उसके बाद रैम्प पर उतरने …

पृथ्वी के रहस्यों में करियर

अगर आपको पृथ्वी के रहस्यों को जानने की उत्सुकता है और आप उससे जुड़े क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो अर्थ साइंस आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। संभावनाओं के लिहाज से देखें तो इस क्षेत्र में अवसरों की कमी नहीं है। अर्थ साइंस में मुख्यत: भूगोल, जियोलॉजी और ओशियोनोग्राफी जैसे विषय होते हैं। भूगोल में जहां पृथ्वी के एरियल डिफरेंसिएशन के बारे में जानकारी दी जाती है, वहीं इसके दूसरे कारक जैसे कि मौसम, उन्नयन कोण, जनसंख्या, भूमि का इस्तेमाल आदि का अध्ययन किया जाता है। जियोलॉजी में पृथ्वी के फिजिकल इतिहास का अध्ययन किया जाता है, जैसे पृथ्वी किस तरह की चट्टानों से बनी है और इसमें लगातार किस तरह के परिवर्तन होते रहते हैं, इसका अध्ययन किया जाता है। ओशियनोग्राफी में मुख्यत: समुद्रों का अध्ययन किया जाता है। जियोफिजिक्स का पहली बार इस्तेमाल 1799 में विलियम लेंबटन ने एक सर्वे के लिए किया था। वहीं 1830 में गुरुत्व क्षेत्र का अध्ययन कर्नल जॉर्ज एवरेस्ट ने किया था। तेल के अन्वेषण के लिए पहली बार जियोफिजिक्स का प्रयोग 1923 में बर्मन ऑयल कॉरपोरेशन ने किया था। इलेक्ट्रिकल सर्वे पहली बार …

केमोइन्फॉर्मेटिक में करियर

विज्ञान में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के समावेश से कई ऐसे क्षेत्र सामने आए हैं, जिनमें हाल के दिनों में करियर की अच्छी संभावनाएं देखी गई हैं। खासकर बायोटेक्नोलॉजी, बायोइंजीनियरिंग, बायोइन्फॉर्मेटिक आदि ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें देश में ही नहीं, बल्कि देश के बाहर भी करियर के अच्छे स्कोप हैं। अब इसमें एक और नया नाम जुड़ गया है केमोइन्फॉर्मेटिक्स का। यदि आप विज्ञान के क्षेत्र में कुछ नए की तलाश में हैं, तो केमोइन्फॉर्मेटिक्स आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।

क्या है केमोइन्फॉर्मेटिक?
केमिकल डाटा को कम्प्यूटर की सहायता से एक्सेस या चेंज करने का काम होता है केमोइन्फॉर्मेटिक्स में। पहले यही कार्य ढेर सारे बुक, जर्नल्स और पिरिडियोकल्स की सहायता से किए जाते थे। जाहिर है यह बेहद जटिल और समय खपाऊ काम रहा होग, लेकिन अब इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने इस प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है।
केमोइन्फॉर्मेटिक्स का प्रयोग ड्रग डिस्कवरी प्रक्रिया में होता है। इसमें शोधकर्ता अलग-अलग रसायनों का जैविक प्रभाव तलाशते हैं। किस रसायन का कैसा प्रभाव होगा, वह कितना खतरनाक या प्रभावी हो सकता है, इसके लिए केमिकल कंपोनेंट्स का…

केमोइन्फॉर्मेटिक में करियर

विज्ञान में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के समावेश से कई ऐसे क्षेत्र सामने आए हैं, जिनमें हाल के दिनों में करियर की अच्छी संभावनाएं देखी गई हैं। खासकर बायोटेक्नोलॉजी, बायोइंजीनियरिंग, बायोइन्फॉर्मेटिक आदि ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें देश में ही नहीं, बल्कि देश के बाहर भी करियर के अच्छे स्कोप हैं। अब इसमें एक और नया नाम जुड़ गया है केमोइन्फॉर्मेटिक्स का। यदि आप विज्ञान के क्षेत्र में कुछ नए की तलाश में हैं, तो केमोइन्फॉर्मेटिक्स आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।

क्या है केमोइन्फॉर्मेटिक?
केमिकल डाटा को कम्प्यूटर की सहायता से एक्सेस या चेंज करने का काम होता है केमोइन्फॉर्मेटिक्स में। पहले यही कार्य ढेर सारे बुक, जर्नल्स और पिरिडियोकल्स की सहायता से किए जाते थे। जाहिर है यह बेहद जटिल और समय खपाऊ काम रहा होग, लेकिन अब इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने इस प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है।
केमोइन्फॉर्मेटिक्स का प्रयोग ड्रग डिस्कवरी प्रक्रिया में होता है। इसमें शोधकर्ता अलग-अलग रसायनों का जैविक प्रभाव तलाशते हैं। किस रसायन का कैसा प्रभाव होगा, वह कितना खतरनाक या प्रभावी हो सकता है, इसके लिए केमिकल कंपोनेंट्स का…