Posts

Showing posts from April, 2016

केमिकल इंजीनियरिंग में करियर

केमिकल इंजीनियरिंगके क्षेत्र में आप अपने करियर को बेहतर बना सकते। औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे-प्लास्टिक, पेंट्स, फ्यूल्स, फाइबर्स, मेडिसिन, फर्टिलाइजर्स, सेमीकंडक्टर्स, पेपर में काम करने के अलावा, पर्यावरण सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाते हैं। आइए, जानते हैं केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आपके लिए किस तरह के मौके हैं।

समय के साथ करियर
समय के साथ स्टूडेंट्स के सामने करियर के ढेरों नए ऑप्शंस खुल हुए रहते हैं, लेकिन आज भी इंजीनियरिंग फील्ड स्टूडेंट्स के लिए पसंदीदा करियर ऑप्शन बना हुआ है। जिसमें करियर के हमेशा ऑप्शंस रहते है। इंजीनियरिंग से जुड़ी एक फील्ड है केमिकल इंजीनियरिंग का, जिसमें करियर ऑप्शंस की कोई कमी नहीं रहती है। जैसे-जैसे इसका दायरा बढ़ रहा है, इस फील्ड में प्रोफेशनल्स की डिमांड भी बढ़ती जा रही है।

केमिकल इंजीनियर का मुख्य काम विभिन्न रसायनों और रासायनिक उत्पादों के निर्माण में आने वाली समस्याओं को सॉल्व करना है। इस फील्ड से जुड़े प्रोफेशनल्स पेट्रोलियम, रिफाइनिंग, फर्टिलाइजर टेक्नोलॉजी, खाद्य व कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, सिंथेटिक फूड, पेट्रो केमिकल्स, सिंथ…

एथिकल हैकिंग में करियर

वचरुअल दुनिया का दायरा जिस तरह दिन-दुनी रात-चौगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है, आईटी (इफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) आधारित सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी परेशानी का सबब बन रही हैं। हर रोज दुनिया के किसी न किसी कोने में नेटवर्क, वेबसाइट और ई-मेल अकाउंट्स की सुरक्षा दांव पर लगी होती है। इंटरनेट पर साइबर अपराध के मामलों में चिंताजनक रफ्तार से वृद्धि देखी जा रही है
इन मामलों में किसी व्यक्ति या संस्था के कंप्यूटर सिस्टम में सेंध लगाकर संवेदनशील डाटा चुराने से लेकर पासवर्ड चोरी करने, भद्दे ई-मेल भेजने और ई-मेल अकाउंट को हैक करने जैसी घटनाएं शामिल होती हैं। इंटरनेट से जुड़े कंप्यूटरों से सूचनाओं को अवैध ढंग से प्राप्त करने वालों को हैकर कहा जाता है। मगर जब यही काम कंप्यूटर सिस्टम के सुरक्षा उपायों को जांचने और उसे पुख्ता बनाने के उद्ेदश्य से किया जाता है, तो उसे एथिकल हैकिंग कहते हैं। इस कार्य को करने वाले पेशेवर एथिकल हैकर के नाम से जाने जाते हैं। साइबर अपराधों की बढ़ती तादाद के बीच मूल्यवान इंफॉर्मेशन सिस्टम की सुरक्षा के लिए एथिकल हैकरों की मांग जोर पकड़ रही है। इस कारण यह पेशा नौकरी की आक…

मॉडलिंग में करियर

सुंदर-सुंदर पोशाकों में खूबसूरत चेहरे जब दर्शकों के सामने आते हैं तो अपनी नपी-तुली चाल से रैम्प पर चलते हुए उनके दिलों में उतर जाते हैं। फिर चाहे वे किसी फैशन डिजाइनर के लिए मॉडलिंग कर रहे हों या किसी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के लिए। रौशनी, चकाचौंध, नाम-पहचान और ग्लैमर से भरा मॉडलिंग का प्रोफेशन सभी को, खासकर युवाओं को शुरू से ही अपनी ओर काफी आकर्षित करता रहा है, लेकिन इन दिनों दूसरे उद्योगों की फैशन शोज में बढ़ती रुचि के कारण आज उनके सामने बतौर करियर मॉडलिंग में ढेरों विकल्प हैं।
न सिर्फ फैशन, बल्कि आज हर बड़ी कंपनी को अपने नए उत्पादों या सेवाओं को एन्डोर्स करने के लिए खूबसूरत मॉडल्स की जरूरत होती है। नाम और पैसे के साथ-साथ इस क्षेत्र में मॉडल्स को घूमने और नए-नए लोगों के साथ काम करने का मौका मिलता है। ग्लिट्ज मॉडलिंग एजेंसी एंड एकेडमी, नई दिल्ली के संस्थापक प्रणव अवस्थी का कहना है, ‘आज एक फ्रेशर अपने एक शो के लिए 10 से 15 हजार रुपये कमा सकता है, वहीं कुछ जाने-माने चेहरे भारतीय बाजार में भी प्रति शो 60 से 70 हजार रुपये कमाते हैं। नाम के साथ-साथ पैसा एक ऐसा फैक्टर है, जिसकी व…

बायो-इन्फॉर्मेटिक्स में करियर

चिकित्सा का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। इसी कडी में बायोइन्फॉर्मेटिक्समें संभावनाओं के मद्देनजर यह युवाओं के लिए पंसदीदा करियर ऑप्शन बनता जा रहा है। क्या है बायोइन्फॉर्मेटिक्स यह शब्द इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी से मिल कर बना है। इन दिनों बायोइन्फॉर्मेटिक्स का इस्तेमाल मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के क्षेत्र में खासतौर से किया जाता है। यह एक स्पेशलाइज्ड एरिया है। विशेषज्ञों की मानें, तो इन दिनों बायोइन्फॉर्मेटिक एक्सप‌र्ट्स की डिमांड सप्लाई से कहीं ज्यादा है। क्या करते हैं बायोइन्फॉर्मेटिस्ट इस फील्ड से जुडे पेशेवर कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के माध्यम से बायोलॉजिकल डाटा का सुपरविजन और एनालिसिस करते हैं। साथ ही, इनका काम डेटाज को स्टोर करने के साथ-साथ एकत्र किए गए बायोलॉजिकल डाटा को एक-दूसरे के साथ मिलान भी करना होता है। इन दिनों बायोइन्फॉर्मेटिक्स का इस्तेमाल रिसर्च के क्षेत्र में खूब होने लगा है। इस फील्ड से जुडे लोगों के लिए ह्यूमन हेल्थ, एग्रीकल्चर, एंवायरनमेंट और ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने का भी भरपूर मौका होता है। इन दिनों बायोमॉलिक्यूलर के लिए क्षेत्र में बाय…

कार्टोग्राफी में करियर

आज क्रिएटिविटी की एक अलग दुनिया है। इसमें  मानचित्रकला भी एक है। पिछले पांच-छह साल से लगातार मानचित्रकला  के क्षेत्र में ग्रोथ दिखाई दे रही है। डिमांड के अनुसार इस फील्ड में ट्रेंड प्रोफेशनल्स के लिए स्कोप भी बढ़ा है, लेकिन यह केवल उन्हीं के लिए है, जो अपने विषय के साथ-साथ इसमें प्रयोग होने वाली नई टेक्नोलॉजी में भी पूरी तरह से निपुण हैं। मानचित्र तथा विभिन्न संबंधित उपकरणों की रचना, इनके सिद्धांतों और विधियों का ज्ञान एवं अध्ययन मानचित्रकला  कहलाता है। मानचित्र के अतिरिक्त तथ्य प्रदर्शन के लिये विविध प्रकार के अन्य उपकरण, जैसे उच्चावचन मॉडल, गोलक, मानारेख आदि भी बनाए जाते हैं। मानचित्रकला में विज्ञान, सौंदर्यमीमांसा तथा तकनीक का मिश्रण है। इसका रूपांतर कार्टोग्राफी है जो कि  ग्रीक शब्द से बना है।
योग्यता
मानचित्रकार बनने के लिए बैचलर ऑफ कार्टोग्राफी करनी होती है। अर्थ साइंस और अन्य फिजिकल साइंस ग्रेजुएट स्टूडेंट्स भी इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। उन्हें अपनी बीएससी या बीटेक में एक विषय कार्टोग्राफी रखना चाहिए। अगर आप मानचित्रकार बनना चाहते हैं तो इससे संबंधित डिग्री …

फिलॉसफी में करियर

फिलॉसफीएक वैज्ञानिक विषय है, जिसमें सच्चाई और वास्तविकता के कारणों का पता लगाने के लिए तर्क का प्रयोग किया जाता है। एक व्यक्ति जो फिलॉसफी सीखता है, उसे फिलॉस्फर कहा जाता है और यह जीवन भर सीखी जाने वाली प्रक्रिया है। जिन्हें मेटाफिजिक्स, लॉजिक, रेशनलिज्म आदि में रुचि है, फिलॉसफी उन बुद्धिजीवियों के लिए यह उचित प्रोफेशन है। फिलॉसफी दूसरे विषयों की तरह नहीं है। दूसरी कई अकादमिक शिक्षा छात्रों को एक बेहतर कैरियर बनाने के लिए प्रदान करवाई जाती है, लेकिन फिलॉसफी इन सबसे अलग है। यह कोई ट्रेनिंग नहीं है, बल्कि जीवन भर सीखने वाली शिक्षा है। यदि आपकी रुचि इस क्षेत्र में है, तो यह एक बेहतर कैरियर विकल्प बन सकता है। फिलॉसफी की कुछ उप शाखाएं हैं, जिनमें से किसी एक को चुनकर आप बेहतर कैरियर बना सकते हैं, वे हैं-एस्थेटिक्स ः यह मुख्य रूप सेसौंदर्य, रुचि और भावनात्मक सार्थकता पर आधारित शिक्षा है। एस्थेटिक्स मुख्य रूप से फिलॉसफी आफ आर्ट से संबंधित है। एपिस्टमोलॉजी ः इस शाखा में प्रकृति से लगाव, विश्वास और ज्ञान के बारे में बताया जाता है। एथिक्स ः यह अच्छे, कीमती और सही की शिक्षा है। इसमें अप्लायड नीति …

ऊर्जा प्रबंधन एमबीए

वैश्विक पर्यावरण परिवर्तन और नई प्रौद्योगिकियों के विकास, ऊर्जा प्रबंधन, एक जटिल, तेजी से पुस्तक क्षेत्र बन जाता है नए समाधान की आवश्यकता होती है अत्यधिक कुशल और उचित रूप से प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा वितरित किया जाना है। हमारे मास्टर कार्यक्रम टीयू कैम्पस EUREF पर "ऊर्जा प्रबंधन" बर्लिन में न केवल ऊर्जा प्रबंधन के मुद्दों के क्षेत्र में नवीनतम अंतर्दृष्टि बता देते हैं, लेकिन चापलूस की चुनौतियों पर चर्चा और, उद्योग को आकार देने में अग्रणी भूमिका, और समाज के लिए छात्रों को तैयार भविष्य के लिए आगे। एमबीए ऊर्जा प्रबंधन कार्यक्रम Technische Universität बर्लिन (EUREF-कैम्पस), और व्यापक जर्मनी में विश्वविद्यालय शिक्षा की दुनिया में एक नेता के एक पूर्णकालिक मास्टर कार्यक्रम है। शिक्षा की भाषा अंग्रेजी है। कार्यक्रम extraoccupational है और स्नातकोत्तर काम करने का अनुभव के कम से कम एक वर्ष की आवश्यकता है। कार्यक्रम सामग्री ऊर्जा के क्षेत्र में प्रबंधन के निर्णय क्षेत्र के तकनीकी, आर्थिक, कानूनी, और उद्यमशीलता की विशेषताओं की गहरी समझ की आवश्यकता होती है। जलवायु परि…

अर्थसाइंस से बनाएं सुनहरा भविष्य

अर्थसाइंसएक तरह से जियोलॉजी की ही अगली कड़ी है। इस कोर्स को बाजार की आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर ही तैयार किया गया है, इसलिए इसमें जॉब केविभिन्न स्तरों पर अनेक संभावनाएं हैं।
पृथ्वी के उदगम, विकास और इसके अंदर और बाहर चलने वाली हलचलों को जानना खासा रोचक है। क्या अन्य ग्रहों पर कोई जीवन है? चन्द्रमा, मंगल, बृहस्पति और अन्य ग्रहों पर क्या संसाधन उपलब्ध हैं? इनमें क्या बदलाव आ रहे हैं? सिकुड़ते ग्लेशियरों का महासागरों और जलवायु पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? इस तरह की तमाम बातें और अनसुलझी पहेलियों के बारे में डाटा एकत्र करने का काम भूवैज्ञानिक करते हैं, उसका विश्लेषण करते हैं और एक निष्कर्ष पर पहुंचने का प्रयास करते हैं। आज जब पूरे विश्व की धरती को लेकर तरह-तरह की खबरें आ रही हैं, इसे समझने और उसकी तह तक जाने के लिए ऐसे विशेषज्ञों की अच्छी-खासी जरूरत पड़ रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस क्षेत्र में कुशल वैज्ञानिक और विशेषज्ञों की मांग को ध्यान में रखते हुए अर्थसाइंस का पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू किया है। खास बात यह कि एमएससी इन अर्थसाइंस नाम से प्रचारित इस कोर्स में प्रवेश का दर…

पेशेवर पायलट: रोमांचक करियर

पायलट ’ शब्द जोखिम, ग्लैमर, विशेष भत्तों और ऊंची उड़ान से जुड़ा है। वस्तुत: इस करियर में अत्याधिक आकर्षण है, जबकि अन्य सामान्य नौकरियों में इसका अभाव है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सफलता की ऊंची उड़ान भरने के लिए इच्छुक पायलट को अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ता है, जिसमें बहुत कम लोग सफल हो पाते हैं।

पायलट के लिए आवश्यक गुणः-
अगले पांच वर्षों के भीतर वाणिज्यिक पायलट की आवश्यकता दोगुनी हो जाएगी। व्यावसायिक (पेशेवर) पायलट का कार्य काफी मानसिक दबाव वाला होता है, क्योंकि उसके कंधों पर सैकड़ों यात्रियों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे पायलट को केवल उड़ान प्रक्रिया से ही भली-भांति परिचित नहीं होना चाहिए बल्कि उसे मौसम-विज्ञान, वायु-संचालन, अत्याधिक अधुनातन उपकरण व यांत्रिकी की जटिलताओं का भी ज्ञान होना चाहिए।

इसके अतिरिक्त सफल पायलट बनने के लिए आपके पास समुचित मानसिक योग्यता एवं शीघ्र प्रतिक्रिया करने की क्षमता भी होनी चाहिए। उच्च स्तरीय मानसिक योग्यता के बलबूते पर पायलट को तूफान, एयर ट्रैफिक नियंत्रण से संपर्क टूट जाने पर अचानक यांत्रिक रुकावट तथा विमान अपहरण जैसे खतरों से बचाव के …