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Showing posts from November, 2017

एस्ट्रोनॉमी में करियर

एस्ट्रोनॉमी के फील्ड में जाने के लिए फिजिक्स और मैथ्स के साथ ग्रेजुएशन करना जरूरी है। पीजी लेवल पर आपके पास विषय के तौर पर एस्ट्रोनॉमी या फिजिक्स का होना जरूरी है। अगर आपने इसमें पीएच.डी. कर रखी है तो और भी अच्छी बात है। एस्ट्रोनॉमर या एस्ट्रोनॉट आदि बनने या स्पेस रिसर्च में काम करने के लिए आपको ज्वाइंट एंट्रेंस स्क्रीनिंग टेस्ट (जेईएसटी) देना पड़ेगा। पीजी लेवल पर एस्ट्रोनॉमी या एस्ट्रोफिजिक्स में एमएससी के लिए देश में नीचे दिए गए संस्थान उपलब्ध हैं।

इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स, बेंग्लुरू, www.iiap.ernet.in
आंध्र यूनिवर्सिटी, विशाखापट्टनम
इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ जियोमैग्नेटिज्म, www.iigm.res.in
इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ साइंस, बेंग्लुरू, www.iisc.ernet.in
इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स, गणेशखिंड, पुणे www.iucaa.ernet.in
सत्येन्द्र नाथ बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंस, कोलकाता, www.bose.res.in
इंस्टीटय़ूट ऑफ फिजिक्स, भुवनेश्वर www.iopb.res.in
नेशनल सेंटर फॉर रेडियो एस्ट्रोफिजिक्स, टाटा इंस्टीटय़ूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) पुणे और बेंग्लुरू www.tifr.res.in
आर्यभट्ट …

रेडियोलॉजी में करियर

एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, एंजियोग्राफी आदि जैसी मेडिकल डायग्नॉस्टिक तकनीकों से आज पूरे चिकित्सा जगत का स्वरूप बदल गया है। अब शरीर के किसी भी अंदरूनी हिस्से में छिपा रोग पता लगाना आसान हो गया है। रेडियोलॉजी का क्षेत्र अब करियर के लिहाज से आकर्षक बन गया है। जॉब मार्केट में ऐसे लोगों की भारी मांग है, जिन्हें रेडिएशन से बचाव की समझ हो और जो मशीन्स की देखरेख करना जानते हों। रेडियोलॉजिस्ट के तौर पर हैल्थकेयर के क्षेत्र में बेशुमार अवसर हैं।
क्या है रेडियोलॉजी?
कल टेक्नोलॉजी है। इसकी मदद से शरीर के अंदरूनी हिस्सों की जांच की जाती है। इससे डॉक्टरों को मरीजों की स्थिति और उनकी बीमारियों के बारे में सटीक जानकारी मिल जाती है, जिससे उन्हें कारगर इलाज करने में काफी आसानी होती है। रेडियोलॉजी दो तरह की होती है: डायग्नॉस्टिक रेडियोलॉजी और थैरापेटिक रेडियोलॉजी। डायग्नॉस्टिक रेडियोलॉजी के अंतर्गत मुख्य रूप से रेडियोग्राफी और अल्ट्रासाउंड से जुड़े टेस्ट शामिल होते हैं, जैसे एक्सरे, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई, एंजियोग्राफी, फ्लोरोस्कोपी, पोसीट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी आदि। थैरापेटिक रेडियोल…

राजनीतिक विज्ञान में करियर

राजनीति विज्ञान एक सामाजिक विज्ञान है, जो राजनीति के सिद्धांत और व्यवहार तथा राजनीतिक व्यवस्था के विवेचन एवं विश्लेषण से जुड़ा हुआ है। इस विषय के कई उपभाग हैं । जैसे-राजनीतिक सिद्धांत, लोक नीति, राष्ट्रीय राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध,  तुलनात्मक राजनीति आदि। इससे पता चलता है कि यह विषय व्यापक क्षेत्र को कवर करता है तथा इस विषय का अध्ययन करने के बाद विविध क्षेत्रों में एवं विभिन्न भूमिकाओं में कार्य करने का अवसर मिल सकता है…
राजनीतिअपने पुरातन स्वरूप में बड़े बदलाव कर रही है, जो पूरी दुनिया की सामाजिक संरचनाओं को भी प्रभावित कर रही है। ढेरों ऐसे संगठन इस बदलाव को समझने और नई रणनीतियों को बनाने के लिए बन रहे हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है। तमाम राजनीतिक दल अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए नए तरीके और आइडियाज पर काम कर रहे हैं। थिंक टैंक और संगठन तक में आधुनिक तौर तरीकों से बदलाव किए जा रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की बाजार में मांग पैदा हो रही है जो इन बदलावों को बेहतर तरीके से समझते हों या राजनीतिक समझ को बेहतर करने में सक्षम हों। पॉलिटिकल साइंटिस्ट और थिंक टैंक जैसे नए पदनामों के साथ …

ट्रांसपोर्ट में करियर

पिछले कुछ सालों में परिवहन के क्षेत्र में काफी विकास हुआ है और इसी के मददेनजर रोजगार के भी काफी मौके सामने आए हैं. ट्रांसपोर्ट सेक्शन में भारी निवेश के चलते बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र में लोगों को नौकरी पर रखा जा रहा है. अब इसमें करियर के लिहाज से प्राइवेट और सरकारी जॉब्स की काफी ऐसी पॉजिशन्स भी हैं जिसकी आज के युवाओं को दरकार है. 
रोड टांसपोर्ट क्लर्क: रोड टांसपोर्ट कंपनियों के प्रशासनिक काम के लिए क्लर्क की जरूरत होती है. इनके कामों में ग्राहकों से पूछताछ, लेखा-जोखा, स्टाफ का प्रबंधन और यात्रियों के सड़क परिवहन से जुडें प्रशासनिक काम शामिल होते हैं. इसके लिए समय-समय पर सरकार वैकेंसी निकालती है. रोड टांसपोर्ट मैनेजर:रोड टांसपोर्टमैनेजर का काम वाहनों के सही और सुरक्षित संचालन करने का होता है.संक्षेप में कहें तो इसका काम यात्रियों की सुरक्षा का है. रेल मार्ग संचालक: रेलमार्ग संचालक माल गाड़ी और यात्री गाड़ी दोनों के बीच कोऑर्डिनेट करता है. रेलवे इंजीनियर: रेलवे इंजीनियर रेलमार्गों, पुलों पटरियों के निर्माण जैसी टेक्निकल गतिविधियों से जुड़े होते हैं. लोकोमोटिव इंजीनियर : लोकोमोटिव इंजीनियर एक…

आर्ट रेस्टोरेंट में बनाएं कॅरियर

दुनियाभर में किसी भी देश की विरासत संपन्नता इतनी नहीं है जितनी भारत की है। हमारे देश की विरासत को देखने दुनियाभर से लोग आते है और यहां के ऐतिहासिक स्थलों की प्रशंसा करते नही थकते है। 
वहीं विरासत की सार-संभाल करना भारत सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन आप भी इनकी देखरेख में अपना योगदान देकर आर्ट रेस्टोरेशन में अपना क्रियर बना सकते है।
 आर्ट रेस्टोरेशन प्रोफेशनल पेंटिंग का ही एक अलग रूप है, जिसमें पुरानी हवेलियों या किलों की खराब हो चुकी आर्ट को फिर से नया बनाया जाता है। प्राचीन कलाकृतियां, मूर्तियां, पेंटिंग्स आदि किसी भी देश की अमूल्य धरोहर समझी जाती है। कलाकृतियों के संरक्षण और रख-रखाव का काम आर्ट रेस्टोरेंट द्वारा किया जाता है। 
शैक्षिक योग्यता:  आर्ट रेस्टोरर बनने के लिए फाइन आर्ट और रसायन विज्ञान में स्नातक होना अनिवार्य है। इस क्षेत्र में दो साल का मास्टर डिग्री कोर्स कराया जाता है। जिसके तहत पेंटिंग रेस्टोरेशन, मेटल वर्क, टेक्सटाइल, पेपर वर्क और मैन्यूस्क्रिप्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है।
 कंजर्वेशन में मास्टर डिग्री कोर्स करने के लिए केमिस्ट्री, जियोलॉजी, फिजिक्स, बॉटनी,…

फिटनेस ट्रेनर सुरक्षित करें, मजबूत भविष्य

गजनी फिल्म में आमिर खान के 8 पैक्स या ओम शांति ओम में शाहरुख के 6 पैक्स एब्स, बिना फिटनेस ट्रेनर के लिए यह इंपॉसिबल थे। बॉलीवुड में एक कहावत है कि बॉडी फिट, तो फिल्म हिट। अपने सेलिब्रिटी कस्टमर्स के जरिए इन्हें पॉपुलरिटी तो मिलती ही है, साथ ही मोटे पैकेज के रास्ते भी खुल जाते हैं। अगर आपमें फिटेनस का जुनून है, तो सत्यजीत चौरसिया, अलखस जोसेफ, मनीष अदविलकर जैसे फिटनेस व‌र्ल्ड के बडे नामों में आप भी शामिल हो सकते हैं।

वर्क प्रोफाइल

फिटनेस ट्रेनर का बेसिक काम क्लाइंट्स को फिजीकली फिट रखने के साथ लाइफ स्टाइल, प्रोफेशन और उम्र जैसे फैक्टर्स के मुताबिक एक्सरसाइज शेड्यूल तय करना है। ट्रेनर्स जिम में मशीनों से क्लाइंट्स को वेट, कॉर्डियो, स्ट्रेचिंग, मसल्स कंडीशनिंग एक्सरसाइज, रूटीन फॉलो कराते हैं।

करियर ऑपर्चुनिटीज

आज मल्टीनेशनल कंपनियों में वर्क करने वाले एग्जीक्यूटिव्स से लेकर टीनएजर्स तक हेल्थ कॉन्शियस हुए हैं। ऐसे में क्वालिफाइड फिटनेस ट्रेनर्स के लिए शानदार ऑपर्चुनिटीज हैं। जिम, होटल्स, हेल्थ क्लब, फिटनेस सेंटर्स, स्पो‌र्ट्स हॉस्टल में फिटनेस ट्रेनर की काफी डिमांड है।

क्वालिफिकेशन एंड स्किल्स

इ…

जैव प्रौद्योगिकी में कैरियर

जैव प्रौद्योगिकी, नाम सुझाव देते हैं के रूप में, जीव विज्ञान और प्रौद्योगिकी है कि शामिल है गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, इंजीनियरी, जैव रसायन, इम्यूनोलॉजी, जेनेटिक्स, कृषि आदि सहित विषयों की एक सरणी का एक संयोजन है। इस फील्ड में बैक्टीरिया या एंजाइमों जैसे अन्य जैविक पदार्थों और अन्य जीवित कोशिकाओं इस्तेमाल कर रहे हैं और विभिन्न प्रौद्योगिकियों के एक मिश्रण लागू कर रहे हैं एक साथ उन पर एक विशिष्ट उत्पाद के उत्पादन के लिए या इसे पर में सुधार करने के लिए। कैरियर जैव प्रौद्योगिकी में भारत और विदेशों में सबसे अधिक आशाजनक कैरियर विकल्पों में से एक है। आगामी नई प्रौद्योगिकियों के साथ, जैव प्रौद्योगिकी काम पाप स्वास्थ्य देखभाल, दवा और R&D को शामिल किया गया। चूंकि, यह से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में लागू किया जा सकता, कृषि चिकित्सा, पोषण, पर्यावरण संरक्षण, पशु विज्ञान आदि, इसके दायरे को काफी विस्तृत है. 

चूंकि यह एक वैज्ञानिक शोध उन्मुख क्षेत्र है, यह समझ के रूप में अच्छी तरह से प्रबंधकीय पता है कि कैसे प्रौद्योगिकी का सही मिश्रण की आवश्यकता है। जबरदस्त नौकरी के अवसर इस फील्ड में नहीं…

इवेंट मैनेजमेंट में करियर

युवाओं को ग्लैमर इंडस्ट्री हमेशा से आकर्षित करती रही है। इसमें रोजगार के विकल्प भी काफी बढ़ गए हैं। इवेंट मैनेजमेंट भी चकाचौंध से जुड़ा एक ऐसा ही रोजगार है जो हाल के दिनों में युवाओं द्वारा काफी पसंद किया जाने लगा है। करीब एक दशक पूर्व शुरू हुए इस उद्योग में वार्षिक कई सौ फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है। खास बात है कि इस करियर में किसी बड़े निवेश की जरूरत नहीं होती है, जबकि यहां काम करने वालों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने के मौके मिलते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उपयुक्त प्रतिभा हो तो किसी भी विषय के छात्र इस फील्ड में सफल करियर बना सकते हैं।

हर दिन कोई न कोई उत्सव आयोजित किया जाता है। घर में शादी-ब्याह हो या बाहर चुनाव, क्रिकेट जगत में आईपीएल हो या कालेज में सालाना उत्सव, इन सबकी तैयारी के लिए न तो लोगों के पास इतना वक्त होता है और न ही आदमी कि वे समय रहते काम पूरा कर लें। ऐसे में इस तरह के आयोजनों का जिम्मा खास तरह के लोगों को या ऐसे लोगों को दिया जाता है जो इससे जुड़े रहे हों, इस क्षेत्र में खासा अनुभव रखते हो, आयोजन कराने का जिम्मा लेने वाला इसके एवज में अच्छी-खासी रकम वसूलता है। य…

फाइनांशियल मार्कीट्स में करियर

अनेक उतार-चढ़ाव तथा रिटेल निवेशकों के निम्न आधार के बावजूद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज एशिया का छठा तथा विश्व का 14वां सबसे विशाल मुद्रा बाजार है। देश में कुछ अन्य स्टॉक एक्सचेंज के अलावा दुनिया भर में अनेक स्टॉक एक्सचेंज मौजूद हैं जहां हर दिन अरबों-खरबों का लेन-देन होता है। इस क्षेत्र में कार्य करने वालों के पास उज्ज्वल करियर बनाने के असीमित अवसर होते हैं। वित्तीय सेवा पेशेवरों की मांग अब केवल स्टॉक ब्रोकरेज फर्म्स तक ही सीमित नहीं है बल्कि बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों में भी उनकी काफी जरूरत होती है। 

जानकारों की राय में 
फाइनांशियल मार्कीट्स से संबंधित कोर्सों के तहत छात्रों को बाजार को बेहतर ढंग से समझने तथा मिलने वाले मौकों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का कौशल प्रदान किया जाता है। अनेक संस्थान इस विषय से संबंधित नवीन कोर्स शुरू कर रहे हैं जिनसे छात्रों को इस क्षेत्र के बारे में नवीनतम बदलावों से जागरूक करवाया जाता है। 

सम्भावनाएं

जो छात्र फाइनांशियल मार्कीट्स संबंधी कोर्स सफलतापूर्वक करते हैं वे बैंकों में इन्वैस्टमैंट बैंकर्स या रिलेशनशिप मैनेजर, इंश्योरैंस कम्पनियों में वैल्थ मैनेजर के …

चिप डिजाइनर के रूप में करियर

टेक्‍नोलॉजी ने जहां लोगों के जीवन को सरल और आधुनिक बना दिया है, वहीं टेक्‍नोलॉजी के कई क्षेत्रों में करियर के शानदार विकल्‍प भी उभ्‍ार कर सामने आए हैं। टेक्‍नोलॉजी के क्षेत्र में जो प्रगति हुई है उसमें चिप डिजाइनिंग इंडस्‍ट्री ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। अगर आप भी इंजीनियरिंग में रूचि रखते हैं और साथ ही चैलेंजिंग काम करना चाहते हैं तो चिप डिजाइनिंग में करियर बना सकते हैं। चिप सिलिकॉन का एक छोटा और पतला टुकड़ा होता है जो मशीनों के लिए इंटीग्रेटेड सर्किट बेस का काम करता है। चिप डिजाइनिंग की मदद से बड़े आकार के उपकरणों को भी छोटे आकार में बदला जा सकता है।
बढ़ रही है डिमांड  चिप डिजाइन के रूप में आप एक सुनहरा करियर बना सकते हैं। इसकी हर सेक्‍टर में मांग है। एक चिप डिजाइनर का मुख्‍य काम छोटी-बड़ी इलेक्‍ट्रॉनिक डिवाइसेस की कार्यक्षमता को बढ़ाना और उसे आसान बनाना है। मोबाइल, टीवी रिमोट से लेकर कंज्‍यूमर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, ऑटोमोबाइल सेक्‍टर तक में चिप का इस्‍तेमाल हो रहा है। आप इस इंडस्ट्री से डिजाइन इंजीनियर, प्रोडक्ट इंजीनियर, टेस्ट इंजीनियर, सिस्टम्स इंजीनियर, प्रॉसेस इंजीनियर, पैकेजिंग इ…

वेब डिजाइनिंग में करियर

वेब डिजाइनिंग एक कला है। अगर आप कलात्मक सोच के साथ-साथ डिजाइनिंग में रुचि रखते हैं और कंप्यूटर से खेलने के शौकीन हैं तो आपके लिए वेब डिजाइनिंग में करियर के बेहतर मौके उपलब्ध हो सकते हैं। यूं तो वेब डिजाइनिंग आईटी का ही एक हिस्सा है, लेकिन एक वेब डिजाइनर को एक आईटी से भी बेहतर और रचनात्मक भूमिका निभानी पड़ती है। आप जितने ज्यादा कल्पनाशील होंगे, छोटी से छोटी जगह में जितनी अधिक और महत्वपूर्ण जानकारी समेटने में कुशल होंगे, आपकी प्रसिद्घि एक वेब डिजाइनर के रूप में उतनी ही अधिक होगी।  लोगों के मन की बात समझें लोगों के मन में आप तभी जगह बना सकते हैं, जब उनकी जरूरत को समझते हुए आप उनके हिसाब से या उनकी सोच से बेहतर वेबसाइट तैयार कर दें और वह भी कम से कम समय में। इसके लिए आपको ज्यादा से ज्यादा पढ़ने के साथ-साथ दूसरी वेबसाइट्स को भी बार-बार ध्यान से देखना और समझना होगा। नए-नए प्रयोग करने होंगे। इस फील्ड में आजकल डीओएम, एचटीएमएल, जावा स्क्रिप्ट और सीएमएस आदि तकनीक अधिक प्रचलित हैं। नकल न करेंक्रिएटिविटी ही आपको इस क्षेत्र में आगे ले जा सकती है। दूसरों की नकल करना या उनके आधार पर वेबसाइट्स बनाना आ…