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Showing posts from October, 2015

रेशम उद्योग में करियर

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रेशम मनुष्य के परिचित सबसे पुराने तन्तुओं में से एक है और दुनिया में सबसे अधिक प्यारा तन्तु है । अपनी भव्यता की वजह से रेशम वस्त्र सदियों से निरपवाद रूप से वस्त्रों की रानी के रूप में विख्यात है । विलासिता, लालित्य, किस्म, प्राकृतिक चमक, रंगों की ओर सहज आकर्षण और चटकीला रंग, हल्के वजन, कमजोर गर्मी प्रवाहक तत्व, लचीलापन तथा उत्कृष्ट वस्त्र विन्यास इसकी कुछ विशेषताएं हैं ।भारत में, रेशम को प्राचीन काल से एक पवित्र तन्तु माना जाता है और कोई भी धार्मिक समारोह रेशम के उपयोग के बिना पूरा नहीं होता ।
सम्भावनाएं
रेशम उद्योग के विस्तार को देखते हुए इसमें रोजगार की काफी संभावनाएं हैं और आने वाले दिनों में इसका कारोबार और फलेगा-फूलेगा । फैशन उद्योग के काफी करीब होने के कारण भी इसमें हमेशा अवसर बने रहते हैं । देश में लम्बी अवधि में कच्चे सिल्क और कपास की उपलब्धता सुनिश्चित करने की रणनीति के तहत कपड़ा मंत्रालय इन उत्पादों की खरीद विदेश से करने की योजना बना रहा है । 

सिल्क उत्पादन के मामले में भारत का स्थान विश्व में दूसरा है, जो कुल वैश्विक उत्पादन में करीब 18 फीसदी का योगदान करता है ले…

अनुसंधान में सुनहरा भविष्य

जैसे-जैसे समय बीत रहा हैं वैसे वैसे मानव की समस्या भी विकट होती जा रही है। हर दिन एक नई समस्या से उसे दो चार होना पड़ता है। ऐसे में शोध की महत्ता स्वत: ही पैदा हो जाती है। हालांकि मानव की सोच विविधता वाली होती है और उसकी रूचि, प्रकृति, व्यवहार, स्वभाव और योग्यता भिन्न - भिन्न होती है। इस लिहाज से अनेक जटिलताएं भी पैदा हो जाती है। इस लिहाज से मानवीय व्यवहारों की अनिश्चित प्रकृति के कारण जब हम उसका व्यवस्थित ढंग से अध्ययन कर किसी निष्कर्ष पर आना चाहते हैं तो वहां पर हमें शोध का प्रयोग करना होगा। इस तरह सरल शब्दों में कहें तो सत्य की खोज के लिए व्यवस्थित प्रयत्न करना या प्राप्त ज्ञान की परीक्षा के लिए व्यवस्थित प्रयत्न भी शोध कहलाता है। तथ्यों कर अवलोकन करके कार्य- कारण संबंध ज्ञात करना अनुसंधान की प्रमुख प्रक्रिया है। 
किसी भी विषय पर अच्छा काम कर उसे उपयोगी और महत्वपूर्ण बनाया जा सकता है। वैसे इन दिनों मानविकी और समाज विज्ञानों में दलित, आदिवासी, स्त्री, भूमंडलीकरण, गरीबी, निजीकरण, उदारीकरण, बाजारवाद, किसान आदि से जुड़े विषयों का चलन है। प्राकृतिक विज्ञानों में कोई भी नई खोज या प्रयोग म…

फोरेंसिक साइंस में करियर

आजकल अपराधिक घटनओं में लगातार इजाफा हो रहा है। लेकिन अपराधी कितने भी शातिर क्यों न हों, वे कोई न कोई सुराग छोड ही जाते हैं। और इन्हीं सूक्ष्म से सूक्ष्म साक्ष्य के सहारे फोरेंसिक एक्सपर्ट अपराधियों को बेनकाब करने में सफल हो जाते हैं। फोरेंसिक एक्सपर्ट विज्ञान के सिद्धांतों और नई तकनीकों का उपयोग करते हुए क्राइम का इन्वेस्टिगेशन करते हैं। इसके लिए एक्सपर्ट ब्लड, बॉडी फ्लूड, हेयर, फिंगरप्रिंट, फूटप्रिंट, टिशू आदि की मदद लेते हैं। आमतौर पर फोरेंसिक एक्सपर्ट पुलिस के साथ मिल कर ही काम करते हैं। हाल के वर्षो में कुछ प्रमुख विश्वविद्यालयों में भी फोरेंसिक साइंस से संबंधित कोर्स शुरू हो गए हैं, जो कि कुछ वर्ष पहले तक नहीं था। इससे यही जाहिर होता है कि आज इस कोर्स की बहुत ज्यादा पॉपुलरिटी है। अमूमन गवर्नमेंट कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में फोरेंसिक साइंस से संबंधित कोर्स की फीस प्राइवेट इंस्टीटयूट की तुलना में काफी कम होती है, लेकिन इन दिनों जिस तरह से आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो रही है, उससे फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की डिमांड काफी बढ गई है।  इनके लिए रोजगार के अवसरों की…

फैशन की दुनिया में करियर

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ऐसी है फैशन की दुनिया, जहां कभी शाम ढलती ही नहीं है। यही वजह है कि आज के युवाओं में फैशन को लेकर पैशन है। दिल्ली फैशन वीक, पेरिस, मिलान और न्यूयॉर्क में आकर्षण परिधानों में रैंप पर कैटवॉक करती हुई मॉडल और हर डिजाइन पर लोगों की तालियों की बरसात! सही में यही डिजाइनर की सफलता की कहानी बयां करती है। लोगों को सुंदर बनाने का जुनून आपमें है, तो फैशन डिजाइनिंग का क्षेत्र आपका इंतजार कर रहा है। आज भारतीय फैशन की दुनिया से निकलकर रितु बेरी, मनीष मलहोत्रा, रोहित बल जैसे तमाम डिजाइनर दुनिया भर में अपने हुनर का डंका बजा रहे हैं।

एंट्री
इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करना जरूरी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, पर्ल के अलावा और भी कई इंस्टीट्यूट्स हैं, जहां से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया जा सकता है। फैशन डिजाइनिंग के अंडर ग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए 12वीं पास होना जरूरी है। निफ्ट जैसे इंस्टीट्यूट में एडमिशन के लिए रिटेन एग्जाम, ग्रुप डिसक्शन और पर्सनल इंटरव्यू के दौर से गुजरना पड़ता है। पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के लिए किसी भी …

वकालत में करें करियर को पेटेंट

सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने का जज्बा सिर्फ गिने-चुने प्रोफेशन में ही है। इन्हीं में से एक ‘लॉ’ भी है। लॉ का महत्त्व वैसे तो हमेशा से ही रहा है, परन्तु जिस हिसाब से लोगों में अपने अधिकारों एवं कानून को लेकर जागरूकता बढ़ी है, वकालत के पेशे ने भी उड़ान भरनी शुरू कर दी है। भारत में सस्ती लॉ सुविधाओं के चलते विदेशी संस्थाएं भी भारतीय वकीलों की ओर देख रही हैं। यही वजह है कि आज वकालत का प्रोफेशन अपने बूम पर है। संजीव चंद की रिपोर्ट
39 वर्षीय बृजेश चन्द्र कौशिक इलाहाबाद हाईकोर्ट में सिविल एवं साइबर कानून विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं। उनका वकालत तक का सफर भी काफी रोचक रहा है। इस बारे में कौशिक बताते हैं कि ‘बीएससी एवं एमएससी कैमिस्ट्री में करने के पश्चात सिविल सेवाओं की तैयारी की ओर कदम बढ़ाया। कई बार इंटरव्यू के दौर से भी गुजरा, लेकिन इंटरव्यू देने के बाद भी सफल न होने की वजह से मेरा रुझान धीरे-धीरे सामाजिक चिंतन की ओर होने लगा। फिर इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मैंने एलएलबी की तथा लॉ प्रोफेशन में प्रवेश किया।’ शुरुआती कुछ संघर्षो के बाद आज वे सफल हैं तथा अपने प्रोफेशन से खुश भ…

मैथमेटिक्स: करियर में सफलता का जोड़

प्रोफेशनल और ऑफबीट कोर्सों की भरमार के बीच कई ऐसे परंपरागत क्षेत्र भी हैं, जो न सिर्फ अपनी चमक बरकरार रखे हुए हैं, बल्कि समय के अनुरूप अपने सिलेबस व कोर्स स्ट्रक्चर में बदलाव लाकर छात्रों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। रोजगार देने के मामले में भी इनका कोई सानी नहीं है। उन्हीं प्रचलित क्षेत्रों में से एक मैथमेटिक्स (गणित) भी है। देश में मैथमेटिक्स की पुरानी परम्परा रही है। सबसे पुराने लिखित रिकॉर्डों से भी ऐसे चित्र मिले हैं, जो मूल गणित के ज्ञान की ओर इशारा करते हैं। तारों के आधार पर समय के मापन की बात को स्पष्ट करते हैं। यह एक ऐसा विषय क्षेत्र है, जिसकी जरूरत पढ़ाई के शुरुआती दिनों से ही पड़ती है।
सही मायने में देखा जाए तो मैथमेटिक्स दैनिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं में इसका बहुतायत में प्रयोग किया जाता है। आने वाले समय में भी इसकी जरूरत कम न होकर बढ़ती ही जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी तीन वर्षों में अधिक संख्या में मैथमेटिक्स प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ेगी।
कब रख सकते हैं कदम
आमतौर पर इससे संबंधित कोर्स बारहवीं (मैथ्स) के पश्चात ही …

क्रिमिनोलॉजी के क्षेत्र में करियर की बेहतर संभावनाएं

आज के दौर में अपराध दिनोंदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में अपराधों की छानबीन के क्षेत्र में करियर र की प्रबल संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। अगर आप अपराध की जांच-पड़ताल में रूचि रखते हैं तो आपके लिए क्रिमिनोलॉजी बेहतर करियर ऑप्शन हो सकता है। कार्यक्षेत्र क्रिमिनोलॉजिस्ट का प्रमुख काम है घटनास्थल से अपराधी के खिलाफ सबूत जुटाने में जांच दल की मदद करना। साथ ही, अपराध से संबंधित परिस्थितियों का अध्ययन करना, अपराध करने का कारण तथा समाज पर इसका प्रभाव जानना इनके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह एक ऐसा करियर विकल्प हैं जो तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। क्रिमिनोलॉजिस्ट समाज को अपराध से बचाने में मदद भी करता है।
वर्तमान में अपराध सभ्य समाज के लिए नित नई चुनौतियाँ पेश कर रहा है। कई बार सबूतों के अभाव, ठीक प्रकार से अन्वेषण न होना और कम समय में ही सबूत के नष्ट हो जाने के कारण अपराधी बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं। अपराध से निपटने और शातिर अपराधियों द्वारा किए जाने वाले अपराध की गुत्थियों को सुलझाने के नए तौर-तरीके सामने आते रहे हैं। अब इस क्षेत्र में भी विशेषज्ञों का सहारा लिया जाने लगा है। इन विशेषज्…

केमोइंफॉर्मेटिक्स: रासायनिक सूचनाओं का प्रबंधन में करियर

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केमोइंफॉर्मेटिक्स केमिस्ट्री की सबसे तेजी से विकसित होने वाली शाखा बन चुकी है। आने वाले समय में केमोइंफॉर्मेटिक्स का कोर्स करने वाले छात्रों को देश और विदेश में पर्याप्त अवसर मिलेंगे। इस बारे में बता रही हैं नमिता सिंह इस समय हम ग्लोबल विलेज में जी रहे हैं। आईटी ने कई विधाओं को खुद से जोड़ कर उनका कायाकल्प करने का बीड़ा उठाया है। इसी प्रक्रिया के तहत आईटी का रसायन विज्ञान के साथ सम्मिलन दिन-ब-दिन परवान चढ़ता जा रहा है। इसके अंतर्गत रासायनिक सूचनाओं का संग्रहण, प्रबंधन, विश्लेषण एवं उनका समाधान संबंधी कार्य आते हैं। इस प्रचलित एवं कारगर विधा को नाम दिया गया ‘केमोइंफॉर्मेटिक्स’ अर्थात रसायन सूचना विज्ञान। केमोइंफॉर्मेटिक्स का सबसे ज्यादा उपयोग दवा बनाने वाली कंपनियां दवाओं की खोज में करती हैं। बाजार का विश्लेषण यही बता रहा है कि संभावनाओं एवं विस्तार को देखते हुए आने वाले कुछ वर्षों में यह क्षेत्र और अधिक चमकदार एवं रोजगारपरक हो सकता है, क्योंकि इसका ताल्लुक काफी हद तक आईटी से जुड़ा हुआ है। बायोइंफॉर्मेटिक्स के दो दशक बाद केमोइंफॉर्मेटिक्स शाखा चलन में आई। आमतौर पर लोग बायोइंफॉर्मेटिक्…

Career in विज्ञापन

सही दिशा में किये गए विज्ञापन से कई छोटी वस्तुओं को भी बड़ा बनाया गया है"- मार्क ट्वैन

सन्देश को लोगों तक पहुंचने  की कला ही विज्ञापन है. साधारणतः विज्ञापन किसी उत्पाद, सेवा अथवा सामाजिक मुद्दे के बारे में लोगों को जागरूक करते हैं. विज्ञापन विभाग किसी भी उद्योग  के उन प्रमुख विभागों में से एक होता है जो आज के कॉर्पोरेट परिवेश में उद्योग को प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाता है. भारतीय विज्ञापन उद्योग आज प्रगति के उस पथ पर अग्रसर है जहाँ ये अगले कुछ वर्षों में हज़ारों युवाओं को रोज़गार प्रदान करेगा.
तेज़ी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में विज्ञापन का क्षेत्र रोज़गार की नई  संभावनाओ को लेकर आया है. विज्ञापन एजेंसियों को ऐसे मौलिक एवं प्रतिभावान लोगों की सदैव खोज रहती है जो समूह में काम करने के साथ ही अपने स्वतंत्र विचारों को प्रस्तुत कर सके.
चरणबद्ध प्रक्रिया विज्ञापन कम्पनियाँ अपने विभागों के विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग शैक्षिक पृष्भूमि के लोगों को नियोजित करती हैं. शुरूआत करने के लिए आपके पास किसी विशेष क्षेत्र में पेशेवर डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए. इसके अलावा, भाषा पर मजबू…

केमिस्ट्री में करें रिसर्च वर्क

केमिस्ट्री में रिसर्च करने के इच्छुक लोग दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। पीएचडी इन केमिस्ट्री में आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन 11 अक्टूबर 2015 को होना है। आवेदन की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर 2015 है। क्या है योग्यता आवेदक ने केमिस्ट्री या संबंधित विषय में मास्टर्स/एमफिल/ एमटेक/ एलएलएम/एमडी/ एमएस में कम से कम 55 प्रतिशत अंक हासिल कि ए हों। एससी/एसटी/ओबीसी आवेदकों को इसमें 5 प्रतिशत की छूट हासिल है। आवेदक वेबसाइट पर वर्णित छह कैटेगरीज में से किसी एक कैटेगरी के तहत आवेदन कर सकते हैं। इन कैटेगरीज के जरिए उनकी अहर्ता का निर्घारण भी होगा। कैसे होगा चयन डीयू से केमिस्ट्री में पीएचडी करने के इच्छुक लोगों के पास प्रवेश के लिए दो विकल्प हैं- जो लोग फेलोशिप के लिए पहले ही क्वालिफाई कर चुके हैं, उन्हें विभाग में सीधे इंटरव्यू देना होगा। टैस्ट में नहीं बैठना होगा। वहीं जिन लोगों ने किसी फेलोशिप के लिए क्वालिफाई नहीं किया है, उन्हें विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रवेश प…

Career in इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल-एस्टेट

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इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल-एस्टेट जहाँ एक देश की सूरत बदल देता है वहीं एक व्यक्ति को शानदार करियर भी प्रदान करता है. हालांकि यह क्षेत्र चुनौतियों से भरा हुआ है पर साथ ही उच्च पारितोषिक भी देता है. इस क्षेत्र में आपको अपने लिए ढेर सारा धन कमाने के साथ-साथ देश के लिए कुछ करने का संतोष भी प्राप्त होता है. इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए उन सभी गुणों और कौशल की आवश्यकता होती है जो की एक बिजनेस स्थापित करने के लिए ज़रूरी होते हैं. इसके लिए आपको लगातार लोगों से अपनी जान-पहचान बढ़ाकर कॉन्टेक्ट लिस्ट बढ़ाते रहना चाहिए, यह आगे चलकर आपको बिजनेस बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है. ज़मीन, प्लॉट, फ्लैट, घर और विला खरीदकर बेचने के लिए उच्च दर्जे की सेलिंग स्किल होनी चाहिए. वर्ष 2009 के दौरान वैश्विक आर्थिक मंदी के चलते भारतीय रियल-एस्टेट इंडस्ट्री ने अपने निम्नतम बिन्दुओं को छुआ. परिणामस्वरूप कई रियल-एस्टेट कंसल्टेंट्स ने अपनी नौकरियां खोयीं. परन्तु आज स्थिति बदल चुकी है और निर्माण उद्योग ने फिर से रफ़्तार पकड़ ली है. इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री मुख्यतः दो चीज़ों पर निर्भर करती है- कोयला खदानों और टार फ…