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Showing posts from July, 2015

फिजियोथेरेपी: पैसा भी, सेवा भी

आज के युग में लोग बीमारी का इलाज करने के लिए दवाइयों का प्रयोग कम से कम करना चाहते हैं, जिसके चलते फिजियोथेरेपिस्ट की माँग में इजाफा हुआ है। फिजियोथेरेपी फिजिकल थेरेपी का दूसरा नाम है। यह एक तेजी से उभरता क्षेत्र है जिसमें बीमारियों का उपचार दवाइयों को छोड़ व्यायाम करके किया जाता है। यह चिकित्सा संबंधित क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। 

फिजियोथेरेपी वह विज्ञान है जिसमें शरीर के अंगों को दवाइयों के बिना ही ठीक ढंग से कार्य कराया जाता है। एक फिजियोथेरेपिस्ट का मुख्य काम शारीरिक कामों का आकलन, मेंटिनेंस और रिस्टोरेशन करना है। फिजियोथेरेपिस्ट वाटर थेरेपी, मसाज आदि अनेक प्रक्रियाओं के द्वारा रोगी का उपचार करता है। 

विज्ञान क्षेत्र के छात्र इस क्षेत्र में बना सकते हैं। फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए मुख्य रूप से दो कोर्सेस बीपीटी, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी और एमपीटी, मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी होते हैं। इस कोर्स के आखिरी छह महीने में छात्र को किसी हॉस्पिटल से इंटर्नशिप करवाई जाती है। 

एक प्रेक्टिसिंग फिजियोथेरेपिस्ट या किसी अस्पताल और क्लिनिक में काम करने के लिए कम से कम बीएससी डिग्री होनी…

इवेंट मैनेजर

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यदि  किसी की पार्टियों को रोशन करने में रूचि है, और वह इसमें करियर भी बनाना चाहता है, तो इवेंट मैनेजर एक अच्च्छा विकल्प है। ग्रेजुएशन के बाद एक साल का कोर्स करके इवेंट मैनेजर बना जा सकता है। पहले इवेंट मैनेजर की मांग केवल कॉर्पोरेट क्षेत्र के आयोजनों में ही होती थी, लेकिन अब छोटे शहरों में भी मैरिज, बर्थ डे, वेडिंग रिसेप्शन, एनिवर्सरीज, प्राइवेट पार्टीज की बढ़ती संख्या को देखते हुए कहा जा सकता है कि इस फील्ड में बेहतर करियर है।

कार्य
इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े लोग किसी व्यवसायिक या सामाजिक समारोह को एक खास वर्ग के दर्शकों के लिए आयोजित करते हैं। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से फैशन शो, संगीत समारोह, विवाह समारोह, थीम पार्टी, प्रदर्शनी, कॉर्पोरेट सेमिनार, प्रोडक्ट लॉन्चिंग, प्रीमियर आदि कार्यक्रम आते हैं। एक इवेंट मैनेजर समारोहों का प्रबंधन करता है और क्लाइंट या कंपनी के बजट के अनुरूप सुविधाएं प्रबंध करने का जिम्मा लेता है। इवेंट मैनेजमेंट कंपनी किसी पार्टी या समारोह की प्लानिंग से लेकर उसे इम्प्लीमेंट करने तक का काम करती है। होटल या बैंक्वेट हॉल बुक करने, साज-सज्जा, एंटरटेनमेंट, ब्…

फार्मेसी सेक्टर में सुनहरा भविष्य

दवाओं के वितरण से लेकर मार्केटिंग, पैकेजिंग, मैनेजमेंट, सभी फार्मास्युटिकल के अहम हिस्से हैं। क्लिनिकल रिसर्च आउटसोर्सिग यानी ‘ओआरजी’ रिसर्च फर्म के मुताबिक भारतीय फार्मा उद्योग 12-13 फीसदी की दर से वृद्घि कर रहा है। इस बात को मैकिंजे की रिपोर्ट भी पुख्ता करती है। मैकिंजे की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 तक इस उद्योग में तीन गुणा बढ़ोत्तरी होगी। ये तो रिपोर्ट है। वैसे फिलवक्त भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है, जिसमें निर्यात भी शामिल है। वर्ष 2005 में देश की फार्मा इंडस्ट्री का कुल प्रोडक्शन करीब 9 बिलियन डॉलर था, जो वर्ष 2010 तक 25 बिलियन तक पहुंच गया। इसकी वाजिब वजह भी है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान हमारे देश में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। आज स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। इतना ही नहीं, फार्मा इंडस्ट्री में भारत का रुतबा अब सिर्फ रिसर्च एंड डेवलपमेंट तक ही सीमित नहीं रह गया है। मैन्युफैक्चरिंग, क्लिनिकल ट्रायल, जेनेटिक ड्रग रिसर्च के क्षेत्र में भी खूब होने लगा है। इतना ही नहीं फार्मास्युटिकल क्षेत्र आज दुनिया के सबसे…

साइकोलॉजी नो टेंशन फॉर करियर

बदलती जीवनशैली तथा बढती महत्वाकांक्षाओं के कारण तनाव बढ रहे हैं, जिनसे छुटकारा पाने व जीवनशैली से सामंजस्य स्थापित करने के लिए साइकोलॉजिस्ट्स की मदद ली जा रही है। साइकोलॉजी  ट्रीटमेंट बिना दवाइयों का सेवन किए और सोच में परिवर्तन लाने पर आधारित होता है। यही कारण है कि इसकी लोकप्रियता दिनोंदिन बढ रही है। उपलब्ध कोर्स बीए/बीए ऑनर्स इन साइकोलॉजी (3 वर्ष) एमए/एमएससी इन साइकोलॉजी (2 वर्ष) पीजी डिप्लोमा इन साइकोलॉजी (2 वर्ष) कैसे मिलेगी एंट्री बीए या बीए ऑनर्स इन साइकोलॉजी में दाखिले के लिए 50 प्रतिशत अंकों के साथ बारहवीं पास होना अनिवार्य है। इसके अलावा आप पीजी या डिप्लोमा भी कर सकते हैं, जिसके लिए 55 प्रतिशत अंकों के साथ साइकोलॉजी विषय में स्नातक डिग्री आवश्यक है। एमफिल या पीएचडी करने के लिए 55  प्रतिशत अंकों के साथ साइकोलॉजी में पीजी जरूरी है। क्या हैं विकल्प इस क्षेत्र में रोजगार की कोई कमी नहीं है। साइकोलॉजिस्ट्स सरकारी व निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, यूनिवर्सिटी, स्कूलों, सरकारी एजेंसियों, प्राइवेट इंडस्ट्रीज, रिसर्च आर्गेनाइजेशंस, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कॉर्पाेरेट हाउसेस में रोजगार प्राप…

विज्ञान संचार के क्षेत्र में कॅरियर के चमकीले अवसर

विज्ञान संचार वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रचार-प्रसार से संबंधित है। यह पूर्णतः सत्य है कि हमारे देश में वैज्ञानिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए बहुत कुछ किया गया है। परंतु यह पर्याप्त नहीं है। इस क्षेत्र में काफी कुछ किया जाना अभी बाकी है। प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन ने कहा है कि ‘हमारे विश्वविद्यालयों को ऐसे विज्ञान संचारकों का विकास करने में सहायता करनी चाहिए जो आम जनता को स्थानीय भाषा में विज्ञान की महत्वपूर्ण खोजों का महत्व समझा सकें। पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित जनशक्ति के अभाव में विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी की सार्वजनिक समझ विकसित नहीं की जा सकती है। विज्ञान संचारकर्ताओं के सम्मुख सबसे बड़ी चुनौती विज्ञान संचार को अधिक रुचिकर बनाने की है। विज्ञान के उन छात्रों के लिए विज्ञान संचार में कॅरियर के चमकीले अवसर हैं जो सामान्य व्यक्ति को विज्ञान एवं उसकी उपलब्धियों के बारे में समझा सकें। विज्ञान संचार में कॅरियर बनाने के इच्छुक छात्रों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, स्वास्थ्य, ऊर्जा तथा संबंधित क्षेत्रों में विज्ञान पत्रकार, विज्ञान लेखक, जनसंपर्क अधिकारी, …

प्रबंधन सलाहकार: करियर का बेहतर विकल्प

कंसल्टेंट के कार्यों के बढ़ते दायरे से प्रबंधन सलाहकार की उपयोगिता बढ़ती जा रही है। आज कई ऐसे एमबीए और अन्य ग्रेजुएट हैं, जो कंसल्टेंट का काम करना पसंद करते हैं।

किसी भी ऑर्गनाइजेशन की तरक्की में मैनेजमेंट कंसल्टेंट का अहम योगदान होता है। मैनेजमेंट कंसल्टेंट ऑर्गनाइजेशन की दशा सुधारने के लिए पहले बिजनेस की मौजूदा समस्याओं का विश्लेषण करते हैं और जरुरत के मुताबिक आगे की योजनाओं का खाका तैयार करते हैं। ऑर्गनाइजेशन को जब बाहर से किसी उद्देश्यपूर्ण सलाह की आवश्यकता होती है तो संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ सलाहकार से संपर्क किया जाता है और उन्हें संगठन की सेहत सुधारने व उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य का दायित्व सौंपा जाता है। कंसल्टेंसी के माध्यम से संगठनात्मक परिवर्तन, प्रबंधन संबंधी सहायता, कोचिंग स्किल्स के विकास, प्रौद्योगिकी को अपनाने, विकास की रणनीति अपनाने अथवा सुधार संबंधी सेवाएं प्राप्त की जाती हैं। यहां एक बड़ा सवाल है कि एमबीए की डिग्री हासिल करने वाले मैनेजमेंट कसल्टेंट का कार्य करने में इतनी रुचि क्यों लेते हैं। जाहिर-सी बात है कि कंसल्टेंसी से उन्हें एक्सपोजर मिलता है। सीखने और…

जल प्रबंधन में संभावनाएं

समूचे विश्व में पानी की किल्लत के चलते जल संचयन, सरंक्षण जैसे कोर्स की मांग खूब बढ़ गई है। निश्चित तौर पर इनमें भी अब पेशेवरों की मांग है। इसी के मद्देनजर इग्नू में जल संचयन एवं प्रबंधन का कोर्स शुरू किया गया है। इस कोर्स के अंतर्गत पानी का प्रबंधन कैसे किया जाए, पानी का संरक्षण कैसे किया जाए जैसे विषयों के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी जाती है। 

बढ़ते शहरीकरण और औद्योगीकरण के कारण आज समूचा विश्व पानी की किल्लत से जूझ रहा है। ऐसे में लोगों में जल संचयन की जागरूकता फैलाकर उन्हें जल की आवश्यकता बताना समय की मांग है। इसी के मद्देनजर सरकारी और गैर सरकारी संगठनों ने कुछ ऐसे कोर्सों की शुरुआत की है जो जल आपूर्ति से लेकर जल संचयन आदि विषयों की पूर्ण जानकारी देते हैं, साथ ही यह भी बताते हैं कि किस तरह से आप पानी की किल्लत से बच सकते हैं। इसी के मद्देनजर इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, दिल्ली ने जल संचयन एवं प्रबंधन का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है जिसे करने पर आप इससे जुड़ी अलग-अलग विधाओं में अपने कदम रख सकते हैं।

कोर्स
जल संचयन एवं प्रबंधन नामक यह कोर्स 6 महीने की अवधि का है। इस कोर्स के …

थलसेना में करियर: देशभक्ति की कदमताल

भारतीय थलसेना में समय-समय पर भर्ती अभियान चलता रहता है। यह अभियान खुली भर्ती के रूप में व सेलेक्शन बोर्डस के माध्यम से चलाया जाता है। थलसेना में करियर की संभावनाओं पर एक नजर-

सेना, बतौर करियर तो अच्छा क्षेत्र है ही, देश के लिए कुछ करने का सशक्त माध्यम भी है। इतना ही नहीं, इससे आपको अच्छी सेलरी और सुविधाओं के साथ-साथ जो सम्मान और सुकून मिलता है, उसकी किसी से कोई तुलना नहीं की जा सकती। दुनियाभर में इंडियन आर्मी को सम्मान की नजरों से देखा जाता है। युद्ध के अलावा शांति के दिनों में भी सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ बाढ़, भूकंप और तूफान जैसी आपदाओं के दौरान भी आर्मी की मुस्तैदी देखने को मिलती है। इसमें अच्छी सेलरी के साथ दूसरी कई सुविधाएं भी हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं हो सकती कि यह युवाओं के लिए एक बढिया करियर ऑप्शन है।

थलसेना की अनेक शाखाओं में खुली भर्ती के माध्यम से चयन किया जाता है। ये शाखाएं हैं-

थलसेना गैर तकनीकी शाखाएं: इन्फेंटरी आर्म्ड कोर, आर्टिलरी।
तकनीकी शाखाएं: कोर ऑफ इंजीनियर्स, कोर ऑफ इलेक््रिटकल एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स, कोर ऑफ सिगनल्स।
प्रशासनिक एवं सहायक सेवाएं: आर्मी  सर…

Career in शिक्षण

परिचय

एक शिक्षक का बच्चे के प्रति उत्तरदायित्व शायद उसके माता-पिता से भी कहीं ज्यादा होता हैं. चूंकि बच्चा विद्यालय में केवल शिक्षा ही ग्रहण नहीं करता बल्कि अपने शिक्षकों से जीवन के नैतिक मूल्यों को भी ग्रहण करता है.
चाहे वह स्कूल के स्तर पर शिक्षण कार्य हो या कॉलेज के स्तर पर, शिक्षण को करियर के रूप में अपनाने के लिए सबसे आवश्यक है आपमें विचारों के आदान-प्रदान की क्षमता होनी चाहिए . एकतरफ जहाँ स्कूल टीचर के रूप में आप बच्चों के कोमल मन को शिक्षित करते हैं वहीं दूसरी तरफ कॉलेज के वातावरण में आप छात्रों से मित्रवत व्यवहार कर बौद्धिक स्तर पर उनके साथ विचारों का आदान-प्रदान करते हैं.
भारत में शिक्षकों के लिए अंग्रेज़ी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान इत्यादि विषयों में बहुत अवसर उपलब्ध हैं. इंटरनेट के इस युग में जहां बच्चों के पास सूचना आवश्यकता से अधिक मात्रा में उपलब्ध हैं, अच्छे अध्यापकों की मांग निश्चित तौर पर ज्यादा बढ़ गयी है. कुछ स्कूलों द्वारा वर्चुअल क्लासरूम टीचिंग की शुरूआत कर देने से शिक्षकों के लिए अवसर और ज्यादा बढ़ गए हैं.
स्नातक के  उपरान्त अथवा इसके साथ-साथ ही शिक्षा मे…

HOW TO CHOOSE कोर्स AND कॉलेज?

बोर्ड एग्जाम्स के रिजल्ट का जिस बेसब्री से स्टूडेंट्स इंतजार कर रहे हैं, उनमें उतनी ही कुलबुलाहट या बेचैनी इस बात को लेकर भी है कि रिजल्ट के बाद आगे क्या? हर स्ट्रीम के स्टूडेंट अपने तरीके से सोच रहे होंगे। इनमें कुछ का विजन क्लियर होगा और टारगेट फिक्स, जबकि कई इस उधेड़बुन में होंगे कि कौन-सा कोर्स सलेक्ट करूं, जिसमें पढ़ाई के बाद जॉब की गारंटी हो। दोस्त कुछ कह रहे होंगे तो पैरेंट्स कुछ और राय दे रहे होंगे। लेकिन पढ़ाई आपको करनी है, इसलिए फैसला भी आप ही करें। गेंद आपके पाले में है। खुद को तलाशें, परखें और मजबूती से बढ़ाएं कदम...

आगरा के विपुल और अमल दोनों ने साथ-साथ 12वीं किया। अमल ने स्कूल में ही तय कर लिया था कि वह फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाएंगे। इसलिए उन्होंने रिजल्ट आने से पहले ही निफ्ट और दूसरे प्रतिष्ठित फैशन इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन के लिए तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने फील्ड के कुछेक एक्सपट्र्स, फैशन डिजाइनर्स और सीनियर्स से इस बाबत जानकारी भी हासिल की। इससे काफी फायदा हुआ। अमल ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग का एंट्रेंस एग्जाम क्वालिफाई किया। आज वह मुंबई में एक मशहूर ड…