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Showing posts from September, 2018

भौतिकी से संवारें करियर

भौतिकी में प्राकृत जगत और उसकी भीतरी क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। स्थान, काल, गति, द्रव्य, विद्युत, प्रकाश, ऊष्मा तथा ध्वनि इत्यादि अनेक विषय इसकी परिधि में आते हैं। यह विज्ञान का एक प्रमुख विभाग है…
यह विज्ञान का एक प्रमुख विभाग है। इसके सिद्धांत समूचे विज्ञान में मान्य हैं और विज्ञान के प्रत्येक अंग में लागू होते हैं। इसका क्षेत्र विस्तृत है और इसकी सीमा निर्धारित करना अति दुष्कर है। सभी वैज्ञानिक विषय अल्पाधिक मात्रा में इसके अंतर्गत आ जाते हैं। विज्ञान की अन्य शाखाएं या तो सीधे ही भौतिक पर आधारित हैं अथवा इनके तथ्यों को इसके मूल सिद्धांतों से संबद्ध करने का प्रयत्न किया जाता है। भौतिकी का मुख्य सिद्धांत ऊर्जा संरक्षण का नियम है। इसके अनुसार किसी भी द्रव्य समुदाय की ऊर्जा की मात्रा स्थिर होती है। समुदाय की आंतरिक क्रियाओं द्वारा इस मात्रा को घटाना या बढ़ाना संभव नहीं। ऊर्जा के अनेक रूप होते हैं और उसका रूपांतरण हो सकता है, किंतु उसकी मात्रा में किसी प्रकार परिवर्तन करना संभव नहीं हो सकता। आइंस्टाइन के सापेक्षिकता सिद्धांत के अनुसार द्रव्यमान भी ऊर्जा में बदला जा सकता है। इस प्र…

: लैइजर मैनेजमेंट में करियर

आमतौर पर लैइजर का अर्थ आराम से लगाया जाता है। जब इसके साथ मैनेजमेंट जुड़ जाता है तो इसका अर्थ यह कदापि नहीं होता कि सारा प्रबंधन आराम से किया जाए। वास्तव में यह प्रबंधन का ऐसा क्षेत्र है, जो ग्राहकों के आराम और मनोरंजन का ख्याल रखता है। इसलिए इसमें इवेंट मैनेजमेंट, रिसॉर्ट मैनेजमेंट, रेस्टॉरेंट मैनेजमेंट, डिस्क जोकिइंग जैसे करियर शामिल हैं। जिस तरह आम आदमी की क्रयशक्ति बढ़ी है और वह सप्ताहांत और छुट्टियाँ बिताने के नए-नए साधन ढूँढने लगा है, ऐसे में उसकी सुख-सुविधा का प्रबंध करने वाले लैइजर मैनेजमेंट में अवसर और राय दोनों खासे बढ़े हैं।

कठिन काम लेकिन अच्छे दाम
लैइजर मैनेजमेंट से जुड़े प्रोफेशनल्स को रोजाना उसी तरह भागदौड़ करते हुए काम करवाना पड़ता है, जैसे कि शादी के समय दुल्हन का पिता व्यवस्थाएँ जुटाता है। उन्हें लोगों को खुश करने तथा आराम पहुँचाने के नए-नए तरीकों की खोज करते रहना होता है। उन्हें कंट्री क्लब या रिसॉर्ट का प्रबंधन देखना होता है अथवा मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन उनके दैनिक कार्य का हिस्सा होता है। इसमें प्लानिंग से लेकर एक्जीक्यूशन और पोस्ट इवेंट कार्य भी शामिल होते हैं। इस का…

केमोइन्फॉर्मेटिक में करियर

विज्ञान में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के समावेश से कई ऐसे क्षेत्र सामने आए हैं, जिनमें हाल के दिनों में करियर की अच्छी संभावनाएं देखी गई हैं। खासकर बायोटेक्नोलॉजी, बायोइंजीनियरिंग, बायोइन्फॉर्मेटिक आदि ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें देश में ही नहीं, बल्कि देश के बाहर भी करियर के अच्छे स्कोप हैं। अब इसमें एक और नया नाम जुड़ गया है केमोइन्फॉर्मेटिक्स का। यदि आप विज्ञान के क्षेत्र में कुछ नए की तलाश में हैं, तो केमोइन्फॉर्मेटिक्स आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।

क्या है केमोइन्फॉर्मेटिक?
केमिकल डाटा को कम्प्यूटर की सहायता से एक्सेस या चेंज करने का काम होता है केमोइन्फॉर्मेटिक्स में। पहले यही कार्य ढेर सारे बुक, जर्नल्स और पिरिडियोकल्स की सहायता से किए जाते थे। जाहिर है यह बेहद जटिल और समय खपाऊ काम रहा होग, लेकिन अब इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने इस प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है।
केमोइन्फॉर्मेटिक्स का प्रयोग ड्रग डिस्कवरी प्रक्रिया में होता है। इसमें शोधकर्ता अलग-अलग रसायनों का जैविक प्रभाव तलाशते हैं। किस रसायन का कैसा प्रभाव होगा, वह कितना खतरनाक या प्रभावी हो सकता है, इसके लिए केमिकल कंपोनेंट्स का…

कार्पोरेट लॉ में बनाएं करियर

कानून के क्षेत्र में लोगों को अब खूब नौकरियां मिल रही हैं। देश में अदालतें बेशक कम हों लेकिन मुकद्दमों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है इसीलिए दिन-ब-दिन वकीलों की मांग भी बढ़ रही है। देश का कानून इतना व्यापक है कि स्पैशलाइजेशन की जरूरत बढ़ जाती है, बिल्कुल मैडीकल फील्ड की तरह। आप अपनी रुचि के अनुसार किसी विशेष क्षेत्र के कानून के विशेषज्ञ के रूप में पहचान बना सकते हैं। यह क्षेत्र  एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ, कॉन्सटिच्यूशन लॉ, फैमिली लॉ, इंटरनैशनल लॉ, साइबर लॉ, लेबर लॉ, पेटैंट लॉ, एन्वायरनमैंट लॉ, कार्पोरेट लॉ आदि में से कुछ भी हो सकता है।

कैसे बनें कार्पोरेट लॉयर
यह लीगल फील्ड का उभरता स्वरूप है। बड़े बिजनैस हाऊसेज और सरकारी विभागों को भी कई जटिल कानूनी मामलों का सामना करना पड़ता है। इन्हें हल करने के लिए कार्पोरेट लॉयर्स की मांग बड़ी तेजी से बढ़ रही है। इनका काम कम्पनी के संचालन में कानूनी नियमों का पालन सुनिश्चित करना कम्पनी से जुड़े मुकद्दमों की पैरवी करना, कम्पनी के लिए कॉन्ट्रैक्ट्स तैयार करना आदि होता है। कार्पोरेट कम्पनियों में मिलने वाले आकर्षक वेतन के चलते युवा इस तरफ आकर्षित हो रहे हैं…

सॉइल साइंस में कॅरिअर

शिक्षण से लेकर रिसर्च और मिट्टी के संरक्षण से लेकर कंसल्टिंग जैसे कई अवसर कॅरिअर विकल्प के रूप में सॉइल साइंटिस्ट के लिए उपलब्ध हैं। एग्रीकल्चरल रिसर्च काउंसिल अपने सभी रिसर्च संस्थानों के साथ मृदा वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी नियोक्ता है। इसके अलावा सॉइल साइंटिस्ट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर, विश्वविद्यालयों, कृषि सहकारी समितियों, खाद निर्माताओं और रिसर्च संस्थानों के द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। 

एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन के रूप में मृदा एक अहम तत्व है। मृदा विज्ञान में मिट्टी का अध्ययन एक प्राकृतिक संसाधन के रूप में किया जाता है। इसके अंतर्गत मृदा निर्माण, मृदा का वर्गीकरण, मृदा के भौतिक, रासायनिक तथा जैविक गुणों और उर्वरकता का अध्ययन किया जाता है। बीते सालों में फसल उत्पादन, वन उत्पाद और कटाव नियंत्रण में मिट्टी के महत्व को देखते हुए मृदा विज्ञान के क्षेत्र में रोजगार के ढेरों अवसरों का सृजन हुआ है। अब देश भर में बड़ी संख्या में सॉइल टेस्टिंग व रिसर्च लैबोरेट्रीज स्थापित हो रही हैं। इनमें से हरेक को प्रशिक्षित पेशेवरों की जरूरत होती है, जो मिट्टी के मापदंडों का मूल्यांकन कर सकें ताक…

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में करियर

एविएशन का नाम आते ही आसमान में उड़ने का मन करता है लेकिन यदि आप बनाना चाहते हो हो एविएशन में अपना करियर तो आप कहाँ पर अपनी लाइफ बना सकते हो। एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) में हो रहे लगातार विस्तार से रोजगार के अवसरों में काफी इजाफा हुआ है। ऐसे में बहुत से अवसर हैं कई लोग सोचते हैं केवल पायलट या एयर होस्टेस तक ही एविएशन में जॉब सीमित हैं,  लेकिन ऐसा कतई नही है क्योंकि इनके इलावा भी आप एविएशन में अपना करियर बना सकते हो। इसी लाइन में में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर (AME) भी बहुत अच्छा विकल्प है। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर की कार्य प्रकृति कैसी है उसका क्या काम होता है: किसी भी जहाज की तकनीकी जिम्मेदारी एएमई के ऊपर होती है। हर उड़ान के पहले एएमई जहाज का पूरी तरह से निरीक्षण करता है और सर्टिफिकेट जारी करता है कि जहाज उड़ान भरने को तैयार है। इस काम के लिए उसके पास पूरी तकनीकी टीम होती है। कोई भी विमान एएमई के फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना उड़ान नहीं भर सकता। गौरतलब है कि एक हवाईजहाज के पीछे करीब 15-20 इंजीनियर काम करते हैं। इसी से इनकी जरूरत का अनुमान लगाया जा सकता है। कैसे बन सकते हो आप एय…

इम्यूनोलॉजी में पीएचडी

हमारे शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए इसके अंदर सक्रिय प्रतिरक्षा तंत्र या इम्यून सिस्टम से जुड़ी बारीकियों का अध्ययन करने में रूचि रखने वाले कर सकते हैं, इम्यूनोलॉजी में पीएचडी के लिए आवेदन। बॉयोलॉजी के इस परिष्कृत क्षेत्र में शोध के लिए नई दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ इम्यूनोलॉजी ने आवेदन मंगवाए हैं। नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ इम्यूनोलॉजी नई दिल्ली में जेएनयू कैंपस के पास ही स्थित है। इसके रिसर्च प्रोग्राम में आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन ऑनलाइन है। अंतिम तिथि 31 दिसंबर है।
रिसर्च के विकल्प नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ इम्यूनोलॉजी ने जिन एरियाज में रिसर्च के लिए पीएचडी के प्रस्ताव मंगवाए हैं, वे इस प्रकार हैं- इंफेक्शन एंड इम्यूनिटी, जेनेटिक्स मॉलिक्यूलर एंड सेलुलर बायोलॉजी, केमिकल, स्ट्रेक्चरल एंड कंप्यूटेशनल बायोलॉजी, रीप्रोडक्शन एंड डेवलपमेंट। रिसर्च के ये सभी एरियाज इंटरडिसीप्लीनरी एरियाज हैं। रूचि होने पर आप अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। क्या है योग्यता आवेदक ने साइंस की ब्रांच में एमएससी या एमटेक या एमबीबीएस या एमवीएससी या एमफार्म या समकक्ष कोर्स किया हो। बारहवीं और ग्रेजुएशन मे…

न्यूट्रिशनिस्ट में करियर

संतुलित डाइट के महत्व से तो हर कोई वाकिफ है लेकिन अपनी उम्र, शारीरिक क्षमता, कार्य की प्रकृति और दैनिक रुटीन के हिसाब से डाइट कैसी होनी चाहिए, इसको लेकर अध‍िकांश लोग भ्रमित रहते हैं। सही डाइट से जुड़ी हमारी शंकाएं दूर करते हैं डायटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट। अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ रोमांचक करियर चाहते हैं, तो यह फील्ड आपके लिए बढ़िया है।  लोगों की बदली जीवनशैली और खानपान की खराब आदतों का सबसे ज्यादा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसीलिए हाल के दिनों में लोगों के बीच बैलेंस्ड डाइट को लेकर जागरूकता बढ़ी है। हालांकि बैलेंस्ड डाइट व्यक्ति विशेष की अपनी जरूरतों पर आधारित होती है, इसीलिए इसे लेकर लोगों में अक्सर भ्रम भी रहता है। इसी भ्रम को दूर करके फूड न्यूट्रिएंट्स के हिसाब से हमें सुझाव देते हैं डायटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट। अगर आपको भी फूड साइंस और न्यूट्रिशन में रुचि है, तो आप इसमें करियर प्लान कर सकते हैं। इस तरह मिलेगी पैशन से कामयाबी क्या है न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स? यह फूड साइंस से जुड़ा एक ऐसा कोर्स है, जिसमें फूड न्यूट्रिएंट्स के बारे में अध्ययन किया जाता है। इसी के आधार पर बड़े स…

कोरियोग्राफर में बनाए करियर

डांस सिखाना यानि कोरियोग्राफर बनना आज कल युवाओं की पसंद बन रहा है.यह एक पैसा और नाम देने वाला करियर है और फिल्म इंडस्ट्री में अच्छे कोरियोग्राफर की डिमांड रात दिन बढ़ती जा रही है.लेकिन इसमें करियर बनाने की सोचने से पहले यह जान लें की कोरियोग्राफी केवल डांस करना ही नहीं है बल्कि दूसरों को नए तरह का डांस सिखाना है. इसलिए सब तरह के डांस, डांसिंग स्टेप्स और डांस को हर तरह के म्यूजिक पर डांस कर सकना ही कोरियोग्राफी है. चलिए जाने डांस मैं करियर कैसे करे कोरियोग्राफर कैसे बने. कोरियोग्राफर कैसे बने: कुछ लोगो को बचपन से ही डांस करने का बहुत शौक होता हैं. ऐसे लोग बचपन से डांस सीखते हैं या ऐसे भी उन् लोगो को बहुत अच्छा डांस आता. जो लोग डांस में माहिर होते हैं उन् लोगो के घर में भी बहुत सारे डांस कम्पटीशन’से  जीती हुई ट्रॉफीज होती हैं. ऐसे लोग बढ़े होकर भी अपनी डांस को कंटिन्यू रखना चाहते हैं और डांस मैं अपना करियर बनाना चाहते हैं. लेकिन जिन लोगो को यह अच्छी तरह से पता ही नहीं होता कि उन्हें डांस में करियर बनाने के लिए क्या क्या करने की ज़रूरत हैं उन् लोगो का सपना तो अधूरा ही रह जाता हैं. लेकिन हम…