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Showing posts from February, 2017

ऑफ बीट करियर

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दिल की धडक़नें कैलकुलेट कीजिए। दिमाग में करियर को लेकर चल रहे इंटिग्रेशन और डिफरेंशिएशन को नतीजे तक पहुंचने दीजिए। अगर मन करियर की फिक्स्ड मैग्नेटिक फील्ड से निकलकर कुछ ऑफकरने ​को तैयार है तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं। ये साइंस का वक्त है। आपके पास ऑफ बीट करियर की लंबी इलेक्ट्रिक फील्ड है। इंटर में बायॉलजी सब्जेक्ट रहा हो या मैथ्स, दोनों के लिए नई फील्ड्iस में करियर की प्रॉबबिलिटी क्या है और वहां तक पहुंचने का रास्ता किन कोर्स की नब्ज समझने से बनता है। क्या इन कोर्स के लिए तैयारी की जरूरत है, कहां से हो सकते हैं ऐसे कोर्स, जो अच्छी कमाई के साथ-साथ कुछ अलग करने की संतुष्टिi देंगे। ऐसे ही कुछ करियर ऑप्शंस पर पेश है हमारी 
खास रिपोर्ट : 

मरीन इंजीनियरिंग

बनें समुद्री दुनिया के एक्सपर्ट : मरीन बायॉलजी, ओशनोग्राफी और ओशन इंजीनियरिंग में मरीन साइंस के अंतर्गत काम करने की अधिक संभावनाएं रहती हैं। पढ़ाई के दौरान स्टूडेंट्स को समुद्री जीवों, वनस्पतियों के बारे में बताया जाता है। ओशन इंजीनियरिंग में समुद्र की स्टडी में यूज होने वाले उपकरण बनाने और उनके इस्तेमाल की जानकारी दी जाती है। 

म…

इकोलॉजी में करियर

मनुष्य पूरी तरह से पर्यावरण पर निर्भर है। पर्यावरण में थोड़ी सी भिन्नता या बदलाव उसके जीवन को तेजी से प्रभावित करते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि आज हर देश पर्यावरण की समस्या से जूझ रहा है। वायु, जल, ध्वनि या भूमि के भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणों में होने वाले अनचाहे परिवर्तन मनुष्य या अन्य जीवधारियों, उनकी जीवन परिस्थितियों, औद्योगिक प्रक्रियाओं एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को इसकी भयावहता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आने वाले समय में इसके और विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए इकोलॉजी का अध्ययन आवश्यक है। इसके जरिए पर्यावरण के विभिन्न आयामों व उनके संरक्षण की विधिवत जानकारी मिलती है। विगत कुछ वर्षों से यह तेजी से उभरता हुआ करियर साबित हो रहा है। इससे संबंधित कोर्स में लोगों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है।
क्या है इकोलॉजी
इकोलॉजी (पारिस्थितिकी) जीव विज्ञान की वह शाखा है, जिसके अंतर्गत जीवों व उनके वातावरण के पारस्परिक संबंधों का अध्ययन …

लिक्विड गोल्ड में करियर

दुनियाभर में एनर्जी के रूप में पेट्रोलियम पदार्थों की उपयोगिया क्या है, इससे हम सभी भलीभांति अवगत हैं। पहले पेट्रोलियम के नाम पर हम सिर्फ पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और केरोसिन ऑयल को ही जानते थे, लेकिन अब इसमें सीएनजी भी शामिल हो गई है। दरअसल, ऑयल ऐंड गैस इंडस्ट्री एक विशिष्ट फील्ड है, जिसमें खासतौर पर प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत पड़ती है। इनमें इंजीनियर्स की मांग तो हमेशा बनी ही रहती है, अन्य क्षेत्रों के जानकारों के लिए भी भरपूर मौके होते हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्स काफी महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।

क्वालिफिकेशन
12वीं की परीक्षा भौतिक विज्ञान, गणित और रसायन विज्ञान से 50 प्रतिशत अंकों से पास करने के बाद आप पेट्रोलियम से जुड़े कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। केमिकल और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में बीई और बीटेक कर चुके छात्र पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में एमटेक के लिए आवेदन कर सकते हैं। बीबीए में प्रवेश के लिए 12वीं किसी भी संकाय से उत्तीर्ण होना जरूरी है। पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी संबंधी एमएससी कोर्स में ऐडमिशन के लिए जियोलॉजी (भूगर्भ विज…