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Showing posts from February, 2018

बायो-इन्फॉर्मेटिक्स में करियर

चिकित्सा का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। इसी कडी में बायोइन्फॉर्मेटिक्समें संभावनाओं के मद्देनजर यह युवाओं के लिए पंसदीदा करियर ऑप्शन बनता जा रहा है।
क्या है बायोइन्फॉर्मेटिक्स यह शब्द इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी से मिल कर बना है। इन दिनों बायोइन्फॉर्मेटिक्स का इस्तेमाल मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के क्षेत्र में खासतौर से किया जाता है। यह एक स्पेशलाइज्ड एरिया है। विशेषज्ञों की मानें, तो इन दिनों बायोइन्फॉर्मेटिक एक्सप‌र्ट्स की डिमांड सप्लाई से कहीं ज्यादा है। क्या करते हैं बायोइन्फॉर्मेटिस्ट इस फील्ड से जुडे पेशेवर कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के माध्यम से बायोलॉजिकल डाटा का सुपरविजन और एनालिसिस करते हैं। साथ ही, इनका काम डेटाज को स्टोर करने के साथ-साथ एकत्र किए गए बायोलॉजिकल डाटा को एक-दूसरे के साथ मिलान भी करना होता है। इन दिनों बायोइन्फॉर्मेटिक्स का इस्तेमाल रिसर्च के क्षेत्र में खूब होने लगा है। इस फील्ड से जुडे लोगों के लिए ह्यूमन हेल्थ, एग्रीकल्चर, एंवायरनमेंट और ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने का भी भरपूर मौका होता है। इन दिनों बायोमॉलिक्यूलर के लिए क्षेत्र में बायोइन्फॉर्मेटिक्स …

एकाउंटिंग में करियर

एकाउंटिंग आज के दौर में बेहद डिमांडिंग फील्ड बन गया है। उदारीकरण के दौर में देश में निजी कंपनियों के विस्तार और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आगमन से सीए, आइसीडब्ल्यूए, सीएस, कंप्यूटर एकाउंटेंसी के एक्सप‌र्ट्स की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। एकाउंटिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें आपका करियर ग्राफ तेजी से बढ़ता है। वैसे तो ज्यादातर कॉमर्स के स्टूडेंट्स ही एकाउंटिंग के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, लेकिन दूसरे स्ट्रीम के स्टूडेंट्स के लिए भी इसके रास्ते खुले हुए हैं। जानते हैं इससे संबंधित कुछ प्रमुख क्षेत्रों और उनमें एंट्री के बारे में : सीए सीए का मतलब है चार्टर्ड एकाउंटेंट। चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑडिटिंग, टैक्सेशन और एकाउंटिंग में स्पेशलाइजेशन रखता है। सीए प्रोफेशन निरंतर लोकप्रिय होता जा रहा है। यहां तक कि छोटी कंपनियों और कारोबारियों को भी अपने आर्थिक मसलों के प्रबंधन के लिए सीए की जरूरत होती है। भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की तो अब विदेशों में भी अच्छी मांग है, खासकर पश्चिम एशिया के देशों, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर में। कंपनी अधिनियम के अनुसार भारत में किसी कंपनी में ऑडि¨टग के लिए सिर्फ चार्टर्ड …

ह्यूमेनिटीज में करियर

दसवीं और बारहवीं के स्तर पर साइंस और कॉमर्स के बाद छात्रों या अभिभावकों के सामने ह्यूमेनिटीज स्ट्रीम शेष रह जाती है। इस स्ट्रीम को हालांकि छात्र और अभिभावक अपनी प्राथमिकता में पहले या दूसरे स्थान पर नहीं रखते, लेकिन बदलते वक्त के साथ इस स्ट्रीम से जुड़ी संभावनाओं का आकाश भी काफी विस्तृत हो गया है। इस लेख के माध्यम से छात्रों को ह्यूमेनिटीज स्ट्रीम और उसमें निहित अवसरों को जानने-समझने में मदद मिलेगी।  ह्यूमेनिटीज को कुछ वर्ष पहले तक एक ऐसे स्ट्रीम के रूप में देखा जाता था, जो या तो कम बुद्धिमान लोगों के लिए है या शिक्षक बनने की इच्छा रखने वालों के लिए। लेकिन मौजूदा वक्त में यह धारणा अप्रासंगिक हो चुकी है। अब ह्यूमेनिटीज की बदौलत ऊंचे पद, बड़ी उपलब्धियां और तरक्की पाई जा सकती है। शिक्षण के अलावा इसमें सैकड़ों तरह के रोजगार उपलब्ध हैं, जो रुचिकर होने के साथ-साथ अपनी कार्य-प्रकृति में विशिष्ट भी हैं। ह्यूमेनिटीज स्ट्रीम आपके सामने असीमित विकल्प रखती है। यकीन न हो, तो मानवीय गतिविधियों से जुड़े किसी भी क्षेत्र को देख लीजिए, आप हर क्षेत्र में ह्यूमेनिटीज के छात्रों को सफलता के साथ काम करता …

न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में करियर

भारत-अमेरिकी न्यूक्लियर डील के बाद देश में न्यूक्लियर एनर्जी (परमाणु ऊर्जा) के उत्पादन में अत्यधिक बढ़ोतरी की संभावनाएँ देश-विदेश के इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा जताई जा रही हैं। फिलहाल देश के कुल ऊर्जा उत्पादन में परमाणु रिएक्टरों के जरिए मात्र तीन प्रतिशत विद्युत ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।
बायोफ्यूल की लगातार घटती मात्रा और देश में बढ़ती ऊर्जा की माँग देखते हुए ऊर्जा उत्पादन पर बल देना सरकार की प्राथमिकता बन गया है। इसी सोच के तहत वर्ष 2050 तक परमाणु रिएक्टरों के माध्यम से कुल विद्युत उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा उत्पादित करने की दीर्घकालिक योजना तैयार की गई है। इसी क्रम में वर्ष 2020 तक बीस हजार मेगावाट विद्युत का अतिरिक्त उत्पादन परमाणु ऊर्जा स्रोतों से किया जाएगा।

जाहिर है, ऐसे परमाणु रिएक्टरों के निर्माण कार्य से लेकर इनके संचालन और रख-रखाव तक में ट्रेंड न्यूक्लियर प्रोफेशनल की बड़े पैमाने पर आवश्यकता पड़ेगी। इस प्रकार के कोर्स देश के चुनींदा संस्थानों में फिलहाल उपलब्ध हैं लेकिन समय की मांग देखते हुए यह कहा जा सकता है कि न सिर्फ सरकारी बल्कि निजी क्षेत्र के संस्थान भी इ…

डर्मेटोलॉजी में करियर

डिसिन में स्पेशलाइजेशन के लिए उपलब्ध विकल्पों में ‘डर्मेटोलॉजी’ काफी लोकप्रिय हो गया है। मौजूदा वक्त में ‘फर्स्ट इम्प्रेशन इज द लास्ट इम्प्रेशन’ कहावत को इतनी गंभीरता से लिया जा रहा है कि व्यक्ति के रूप को व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण अंग माना जाने लगा है। इस कारण लोगों में अपने रूप और व्यक्तित्व को लेकर चिंता का स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। यहां तक कि कॉलेज जाने वाले छात्र भी खुद को आकर्षक दिखाने की गरज से काफी रुपये खर्च कर रहे हैं।
अपने रूप को लेकर लोगों में गंभीरता का स्तर इस कदर बढ़ गया है कि वह चेहरे पर छोटा-सा मुंहासा हो जाने भर से परेशान हो उठते हैं। कई बार वह ऐसी परेशानियों को इस कदर अपने ऊपर हावी कर लेते हैं कि घर से बाहर निकलना भी छोड़ देते हैं। ऐसे माहौल में रूप निखारने का दावा करने वाली फेयरनेस क्रीमों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। खुजली और घमौरियों (रैशेज) जैसे त्वचा संबंधी रोग आम हो चुके हैं। गर्मी और बरसात के मौसम में इनकी अधिकता काफी बढ़ जाती है। इनके सही उपचार के लिए डॉंक्टर का परामर्श जरूरी होता है। कई बार उपचार के लिए डॉंक्टर के पास कुछ दिनों या हफ्तों के अंतराल पर बार…

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में करियर

आज के दौर में संचार जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। चाहे मोबाइल हो या टीवी यह हर इनसान की जरूरत है। क्या आप ऐसे जीवन की कल्पना कर सकते हैं जहाँ मोबाइल काम ना करे। अपने मन पंसद प्रोग्रामों को देखने के लिए आपके पास टेलीविजन ही ना हो। ऐसे जीवन की कल्पना करना भी आपको कितना डरावना लगता है ना। 

आपकी सुविधाओं को हकीकत में बदलने का काम किया है इलेक्ट्रॉनिक और कम्युनिकेशन इंजीनियरों ने। इनकी कला की बदौलत ही आज हर व्यक्ति पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। अगर आप चाहें तो इस क्षेत्र में अपना भविष्य तलाश सकते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग का क्षेत्र बहुत ही विस्तृत व चुनौतीपूर्ण है। इसके अंतर्गत माइक्रोवेव और ऑप्टिकल कम्युनिकेशन, डिजिटल सिस्टंस, सिग्नल प्रोसेसिंग, टेलीकम्युनिकेशन, एडवांस्ड कम्युनिकेशन, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इंजीनियरिंग की यह शाखा रोजमर्रा की जिंदगी में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। साथ ही इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल, पॉवर सिस्टम ऑपरेशंस, कम्युनिकेशन सिस्टम आदि क्षेत्रों में भी इसके महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता।

इस क्षेत्र में करियर बनाने की…

सिद्ध चिकित्सा में रोजगार के अवसर

सिद्ध शब्द का अर्थ है उपलब्धि। सिद्धकर्ता के रूप प्रसिद्ध संत-समुदाय ने विभिन्न युगों के दौरान सिद्ध चिकित्सा प्रणाली का विकास किया है। ‘सिद्धकर्ता शब्द’ की व्युत्पत्ति सिद्धि से हुइ है, जिसका अर्थ है ‘शाश्वत परमानंद सिद्धकर्ताओं ने जड़ी-बूटी औषधि में सर्वोच्च ज्ञान प्राप्त किया और आध्यात्मिकता का भी ज्ञान फैलाया है। संक्षेप में सिद्ध औषधि का अर्थ है ‘ऐसी औषधि जो सदा अचूक है।

उद्भव एवं विकास
सिद्ध औषधि प्रणाली लगभग दस हजार वर्ष पुरानी है। सिद्ध प्रणली भारत में सबसे पुरानी चिकित्सा प्रणाली है। इस चिकित्सा प्रणाली के विकास में अनेक सिद्धकर्ताओं में योगदान दिया है, जिनमें से 18 प्रख्यात सिद्धकर्ता है। इनमें अगस्तियार सबसे प्रमुख माने जाते हैं और सिद्ध औषधि में उनके द्वारा किया गया कार्य श्रेष्ठ माना जाता है। अगस्तियार को वही स्थान प्राप्त है जो औषधि के पितामह माने जाने वाले ग्रीक फिजिशियन हिप्पोक्रेट्स को प्राप्त था। तमिलनाडु में पलानी पर्वत औषधीय पौधों में प्रचुर है और यह सिद्धकर्ताओं की स्थली रहा है। सिद्ध औषधि साहित्य प्राचीन तमिल में उपलब्ध है और यह मुख्य रूप से भारत के दक्षिणी भाग मे…

सॉइल साइंस में कॅरिअर

शिक्षण से लेकर रिसर्च और मिट्टी के संरक्षण से लेकर कंसल्टिंग जैसे कई अवसर कॅरिअर विकल्प के रूप में सॉइल साइंटिस्ट के लिए उपलब्ध हैं। एग्रीकल्चरल रिसर्च काउंसिल अपने सभी रिसर्च संस्थानों के साथ मृदा वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी नियोक्ता है। इसके अलावा सॉइल साइंटिस्ट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर, विश्वविद्यालयों, कृषि सहकारी समितियों, खाद निर्माताओं और रिसर्च संस्थानों के द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। 

एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन के रूप में मृदा एक अहम तत्व है। मृदा विज्ञान में मिट्टी का अध्ययन एक प्राकृतिक संसाधन के रूप में किया जाता है। इसके अंतर्गत मृदा निर्माण, मृदा का वर्गीकरण, मृदा के भौतिक, रासायनिक तथा जैविक गुणों और उर्वरकता का अध्ययन किया जाता है। बीते सालों में फसल उत्पादन, वन उत्पाद और कटाव नियंत्रण में मिट्टी के महत्व को देखते हुए मृदा विज्ञान के क्षेत्र में रोजगार के ढेरों अवसरों का सृजन हुआ है। अब देश भर में बड़ी संख्या में सॉइल टेस्टिंग व रिसर्च लैबोरेट्रीज स्थापित हो रही हैं। इनमें से हरेक को प्रशिक्षित पेशेवरों की जरूरत होती है, जो मिट्टी के मापदंडों का मूल्यांकन कर सकें ताक…

लैंडस्केपिंग में करियर

अगर आप बिल्डिंग निर्माण के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो लैडस्केपिंग आर्किटेक्चर आपके करियर के लिए बेहतर विकल्प होगा. यह क्षेत्र समय के साथ तेजी से विकास कर रहा है. अब बिल्डिंगों के इंटीरियर डिजाइन पर जितना ध्यान दिया जाता है उतना ही बिल्डिंग के आस-पास के आर्किटेक्चर पर.
क्या है लैंडस्केपिंग आर्किटेक्चर?
इसमें मुख्य रूप से बिल्डिंग के आउटडोर पब्लिक एरिया को प्राकृतिक रूप से डिजाइन किया जाता है, जिसमें वाटर बॉडी, स्टोन, टाइल्स, पेड़-पौधे को आकर्षक बनाया जाता है. संबंधित कोर्स: इस कोर्स को करने के लिए साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास होना जरूरी है. जिसके बाद आप इस विषय में ग्रेजुएशन तथा पोस्ट ग्रेजुएशन भी कर सकते हैं. लैंडस्केपिंग कोर्स से जुड़े अन्य कोर्सेज बीआर्क, बीएससी, एग्रीकल्चर में भी एडमिशन ले सकते हैं. कहां से करें पढ़ाई?
सेंटर फॉर एनवॉयरमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद
स्कूल ऑफ प्लानिंग ऐंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली
एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, नोएडा
डॉ. भानुबेन नानावती कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर फॉर वुमन, पुणे
डॉ. वाईएसपी इंस्टीट्यूट ऑफ हार्टिकल्चर एंड…

कमर्शियल पायलट में करियर

कमर्शियल पायलट का काम बेशक रोमांचकारी है, पर यह बेहद जिम्मेदारी और समझदारी की मांग भी करता है। यदि आप इस जिम्मेदारी को उठाने का साहस खुद में पाते हैं तो एविएशन क्षेत्र का यह महत्वपूर्ण काम आपको एक अच्छा करियर बनाने का अवसर प्रदान कर सकता है। कैसे, बता रहे हैं वेदव्रत काम्बोज
एविएशन सेक्टर में हाल की तमाम उठा-पटक के बावजूद भारत में यह क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है। यदि इस विकास को आंकड़ों में आंका जाए तो यह सेक्टर 25 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रहा है। नई-पुरानी लगभग सभी एयरलाइंस जहाजों के नए बेड़े बनाने में जुटी हैं। इसके अलावा देश के बड़े उद्योगपतियों का निजी विमान रखने की ओर रुझान बढ़ रहा है। जब इंडस्ट्री विकास करेगी और विमानों की संख्या में इजाफा होगा तो कमर्शियल पायलटों की मांग भी बढ़ेगी। फिलहाल भारत में कमर्शियल पायलट मांग के हिसाब से काफी कम हैं। परिणामस्वरूप उपलब्ध पायलटों को ऊंचे से ऊंचे वेतन पर रखा जा रहा है। अगर आपने 12वीं साइंस (फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथमेटिक्स) से की हुई है या करने जा रहे हैं तो आपके लिए यहां अच्छे अवसर हैं।
एक कमर्शियल पायलट का काम हालांकि काफी रोमांच…