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Showing posts from 2018

Spiritual Theology में करियर

स्पिरिचुअल थियोलॉजी एक ऐसी प्रकार की आध्यात्मिकता है जो साइंस, आर्ट और आस्था पर बेस्ड है। ये एक ऐसा विषय है जिस पर जितनी भी रिसर्च की जाए उतनी कम है। इसलिए बहुत से लोग इस को समझ नहीं पाते हैं और हैरान हो जाते हैं। लेकिन लोग आध्यात्मिकता को पसंद करते हैं वो चाहें तो इसमें अपना करियर भी शुरू कर सकते हैं। स्पिरिचुअल थियोलॉजी
इस कोर्स में स्टूडेंट्स को पूर्व और पश्चिम की आध्यात्मिकता के बारे में सिखाया जाता है। मनोविज्ञान, चर्च के उपदेश, यूथ एनिमेशन और सिविल लॉ के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। स्टूडेंट्स को वैज्ञानिक विधिशास्त्र पर बेस्ड रिसर्च निबंध तैयार करना होता है। स्टूडेंट्स आश्रम के जीवन, अलग-अलग धर्मों के कार्यक्रमों और प्रार्थना सभाओं में हिस्सा लेते हैं। और सभी धर्मों में निहित आध्यात्मिक ज्ञान को ग्रहण करते हैं। बेंगलुरु में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पिरिचुअलिटी से डिप्लोमा कर सकते हैं। अपॉर्च्युनिटी
इस कोर्स के बाद स्टूडेंट्स को आध्यात्मिक सलाहकार के रूप में नौकरी मिल सकती है। स्कूल में बच्चों को, घर में बड़ी उम्र के लोगों को और किसी कंपनी के कर्मचारियों को ग्रुप में आध्य…

विदेशी भाषाओं में करियर

हिन्दी, अंग्रेजी के बाद अब स्पैनिश, जर्मन और चाइनीज जैसी विदेशी भाषाओं में भी करियर के बेहतर अवसर सामने आ रहे हैं। अनुवादक और दुभाषिये के अलावा विदेशी मेहमानों के गाइड बन कर भी अपना भविष्य संवारा जा सकता है। इस बारे में विस्तार से बता रही हैं प्रियंका कुमारी हाल में एक कार कंपनी ने अनुवादक और इंटरप्रेटर के रूप में काम करने के लिए विभिन्न विदेशी भाषाएं- स्पैनिश, जर्मन, फ्रेंच और चाइनीज के जानकार युवाओं की तलाश में एक विज्ञापन निकाला। युवाओं के लिए यहां अच्छा पैकेज और काम करने का बेहतर अवसर मुहैया कराया जा रहा था। आज भारत में कार कंपनियां ही नहीं, राष्ट्र्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियां, ट्रेवल्स कंपनियां, पांच सितारा होटल और आईटी इंडस्ट्री विदेशी भाषा के अच्छे जानकारों की खोज में हैं। इन कंपनियों और संस्थानों को भारत में अपना व्यवसाय बढ़ाने और देशी-विदेशी मेहमानों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए विदेशी भाषा के जानकारों की अच्छी-खासी जरूरत पड़ रही है। जिस हिसाब से बाजार ऐसे युवाओं की खोज में है, उस संख्या में वे उपलब्ध नहीं हैं। बात सिर्फ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां एवं संस…

आर्कियोलॉजी में करियर

हजारों साल पहले मानव जीवन कैसा रहा होगा? किन-किन तरीकों से जीवन से जुड़े अवशेषों को बचाया जा सकता है? एक सभ्यता, दूसरी सभ्यता से कैसे अलग है? क्या हैं इनकी वजहें? ऐसे अनगिनत सवालों से सीधा सरोकार होता है आर्कियोलॉजिस्ट्स का। 

अगर आप भी देश की धरोहर और इतिहास में रुचि रखते हैं तो आर्कियोलॉजिस्ट के रूप में एक अच्छे करियर की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें आपको नित नई चीजें जानने को तो मिलेंगी ही, सैलरी भी अच्छी खासी है। आर्कियोलॉजी के अंतर्गत पुरातात्विक महत्व वाली जगहों का अध्ययन एवं प्रबंधन किया जाता है। 

हेरिटेज मैनेजमेंट के तहत पुरातात्विक स्थलों की खुदाई का कार्य संचालित किया जाता है और इस दौरान मिलने वाली वस्तुओं को संरक्षित कर उनकी उपयोगिता का निर्धारण किया जाता है। इसकी सहायता से घटनाओं का समय, महत्व आदि के बारे में जरूरी निष्कर्ष निकाले जाते हैं। 

जरूरी योग्यता
एक बेहतरीन आर्कियोलॉजिस्ट अथवा म्यूजियम प्रोफेशनल बनने के लिए प्लीस्टोसीन पीरियड अथवा क्लासिकल लैंग्वेज, मसलन पाली, अपभ्रंश, संस्कृत, अरेबियन भाषाओं में से किसी की जानकारी आपको कामयाबी की राह पर आगे ले जा सकती है।

पर्सनल स्किल
आर्…

वाइल्ड लाइफ में बेहतरीन अवसर

पूरा विश्व लगातार हो रहे पर्यावरणीय परिवर्तनों को लेकर चिंतित है। खतरे में पड़ी प्रजातियों की सूची में लगातार इज़ाफा हो रहा है, ऐसे में पूरी दुनिया में वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन के लिए काम करने वाले विशेषज्ञों की मांग बढ़ती जा रही है। बढ़ती हुई इस मांग ने इस क्षेत्र को कॅरिअर के एक बेहतर विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया है। आने वाले सालों में रिसर्च से लेकर फील्ड में बेहतर माहौल तैयार करने के लिए दुनिया भर के नेशनल पार्क और कंजर्वेशन रिजर्व में ऐसे विशेषज्ञों की भारी मांग होने वाली है।
क्या करते हैं पर्यावरण विशेषज्ञ
मानवीय गतिविधियों की वजह से पूरी दुनिया की जैव विविधता और संतुलन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, पर्यावरण विशेषज्ञ उन प्रभावों के विश्लेषण, उनके दूरगामी असर और उनसे बचाव के रास्ते खोजते हैं। साथ ही वे मौजूदा वन्यजीवन और विविधता को सहेजने की कोशिश भी कर रहे हैं। विश्व के सभी देशों में अब किसी भी बड़ी मानवीय गतिविधि या प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले पर्यावरण संरक्षण संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होता है। इस काम के लिए सरकार और कंपनियां दोनों ही पर्यावरण विशेषज्ञों को नियु…

अर्थशास्त्र में भविष्य

अर्थशास्त्र को एक ऐसे विषय के तौर पर देखा जा सकता है, जिसकी उपयोगिता लगभग हर क्षेत्र में होती है। सरल शब्दों में कहें तो अर्थशास्त्र समाज के सीमित संसाधनों का दक्षतापूर्ण ढंग से उपयोग करने की अनेक प्रणालियों का अध्ययन है। इसी बुनियादी नियम पर हमारी व्यावसायिक व आर्थिक इकाइयों की गतिविधियां टिकी होती हैं। अर्थशास्त्री आर्थिक आंकड़ों का विश्लेषण और विभिन्न नीतिगत विकल्पों का तुलनात्मक अध्ययन करते हैं। साथ में इनके भावी प्रभाव पर पैनी नजर रखते हैं, ताकि विकास दर पर नियंत्रण रखा जा सके। अर्थशास्त्री इसी दृष्टिकोण से काम करते हैं। इनका कार्यक्षेत्र एक छोटी कंपनी से लेकर देश की अर्थव्यवस्था जैसा बहुआयामी भी हो सकता है। छात्र में हों ये विशेषताएं
इस विषय की पढ़ाई करने और अर्थशास्त्रमें सफल पेशेवर बनने के लिए आपमें उपलब्ध डाटा का विश्लेषण कर पाने की क्षमता का बेहतर होना जरूरी है। इसी क्रम में *मैथ्स और स्टैटिस्टिक्स की बुनियादी समझ बेहद जरूरी है। आर्थिक विषमताओं/स्थितियों को समझने-बूझने का निरीक्षण कौशल भी इसमें आगे बढ़ने के लिए जरूरी है। अध्ययन के रास्ते हैं विविध
अर्थशास्त्र 12वीं स्तर पर एक विषय…

वाटर साइंस में कॅरियर

जल जीवन है और ये जॉब भी देता है। आप शायद ही जानते होंगे कि पानी में भी कॅरियर संवारा जा सकता है। वो भी एक जल वैज्ञानिक के तौर पर। विश्वभर में पानी को लेकर समस्याएं भले ही बढ़ती जा रही हों, लेकिन जल वैज्ञानिकों के लिए इस फील्ड में काफी स्कोप नजर आ रहा है। वाटर साइंटिस्ट के तौर पर आप जहां पानी पर कई प्रयोग कर सकते हैं, वहीं सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में सेवाएं देकर अच्छा वेतनमान प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको वाटर साइंस में कोर्स करना होगा। वाटर साइंस यानी जल विज्ञान अपने आप में बड़ी शाखा है, जिसका अध्ययन आपके कॅरियर में चार चांद लगा सकता है। क्या है वाटर साइंस
वाटर साइंस पानी की पृथ्वी और भूमिगत क्रियाओं से संबंधित विज्ञान है। इसमें पृथ्वी पर उपस्थित चट्टानों और खनिजों के साथ पानी की भौतिक, रासायनिक और जैविक क्रियाओं के साथ-साथ सजीव शरीर-रचनाओं के साथ इसकी विवेचनात्मक पारस्परिक क्रियाएं शामिल हैं। जल विज्ञान से जुड़े एक्सपर्ट जल विज्ञानी कहलाते हैं। जल विज्ञान के क्षेत्र में हाइड्रोमिटिरोलॉजी, भूतल, जल विज्ञान, हाइड्रोजिओलॉजी, ड्रेनेज बेसिन मैनेजमेंट और जल गुणवत्ता से संबंधित व…

शिप बिल्डिंग में करियर

बिग क्रूज या मालवाहक शिप की बढ़ती डिमांड के कारण इस सेक्टर में यूथ का इंट्रेस्ट तजी से बढ़ रहा है..ने जब विस्तार लिया तो ऐसे बड़े-बड़े पानी के जहाज बनकर तैयार हुए, जिनमें एक छोटा-मोटा शहर समा जाए। इन जहाजों को तैयार करने में सालों का वक्त लगता है और इसमें हजारों लोग एक साथ काम करते हैं। पानी के बड़े-बड़े जहाजों को बनाने की जो प्रक्रिया होती है, उसे शिप बिल्डिंग कहा जाता है। आज पूरी दुनिया में होने वाले आयात-निर्यात में सबसे बड़ा योगदान पानी के जहाजों का ही है। इसके बाद ही कोई और माध्यम आता है। चूंकि दुनिया का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से घिरा हुआ है, ऐसे में जहाज वैश्वीकरण के दौर में दुनिया के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
कोर्स व योग्यता इस सेक्टर में एंट्री के लिए पीसीएम से 12वीं करने के बाद बीएससी इन शिप बिल्डिंग एंड रिपेयर कोर्स कर सकते हैं, जो तीन साल का है। हां, पीसीएम में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। 10वीं एवं 12वीं में अंग्रेजी में 50 प्रतिशत अंक हासिल करना भी जरूरी है। इसमें सिर्फ बैचलर स्टूडेंट ही एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उम्र 17 से 25 साल (एससी/एसटी को सरकार…

फैशन डिजाइनर में करियर

आज के समय हर व्यक्ति अपने लुक को लेकर इतना सजग हो गया है कि वह हरदम कुछ ऐसा पहनने की चाह रखता है, जो न सिर्फ दूसरों से अलग हो, बल्कि आपको ट्रैंडी भी दिखाएं। आपकी इस चाहत को पूरा करने का काम करते हैं फैशन डिजाइनर। फैशन डिजाइनर अपने अनोखे आइडिया के बूते ही हर साल मार्केट में कुछ नया लेकर आते हैं। अगर आपके पास भी कपड़े की समझ के साथ−साथ कुछ नया व हटकर करने की चाह है तो आप बतौर फैशन डिजाइनर अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। कार्यक्षेत्र  एक फैशन डिजाइनर का कार्यक्षेत्र सिर्फ कपड़ों को डिजाइन करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उसे हर समय इस बात का भी ध्यान रखना होता है कि वर्तमान में ग्लोबली क्या ट्रैंड हैं। साथ ही उसे ध्यान में रखकर हमेशा कुछ नया करने का प्रयास करना होता है। एक फैशन डिजाइनर के कार्यक्षेत्र में कपड़ों को डिजाइन करने के साथ−साथ उसे पूरा करने तक अपना बेस्ट देना होता है। अर्थात कपड़ों की स्टिचिंग के अतिरिक्त टीम के साथ मिलकर समय पर काम पूरा करना भी उसका कार्यक्षेत्र है।  स्किल्स फैशन डिजाइनिंग एक ऐसा क्षेत्र है जो अक्सर युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। लेकिन यह जितना ग्लैमरस है…

एन्वायरनमेंटल साइंस और इंजीनियरिंग में करियर

सम्पूर्ण विश्व में पर्यावरण प्रदूषण जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसे कम करने की दिशा में आये दिन नए शोध और विकास कार्य होते रहते हैं। यही वजह है कि इस दिशा में कार्य कर रहे एन्वायरनमेंटल इंजीनियर्स की माँग न सिर्फ विदेश में, बल्कि देश में भी काफी बढ़ रही है।
एन्वायरनमेंटल विज्ञान और इंजीनियरिंग पर्यावरण और सम्बन्धित विषयों में शोध कार्य करते रहते हैं। इस विषय का मुख्य उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिससे प्रदूषण के प्रभाव को निरस्त या कम किया जा सके, ताकि लोगों को पीने के लिये स्वच्छ पानी, साँस लेने के लिये प्रदूषण रहित हवा और कृषि हेतु उपजाऊ भूमि मिल सके। इस प्रकार ग्रामीण और शहरी नागरिक स्वस्थ जीवनयापन कर सकते हैं। एन्वायरनमेंटल विशेषज्ञ का कार्य क्षेत्र
एक प्रशिक्षित विज्ञान और इंजीनियरिंग के कार्य और उत्तरदायित्व की रूपरेखा निम्न प्रकार से की जा सकती है-

1. पर्यावरण सम्बन्धी परीक्षण और तकनीकी इत्यादि का निष्पादन और विकास करना।
2. वैज्ञानिक परीक्षण इत्यादि से प्राप्त जानकारी की व्याख्या और विवेचना करना।
3. पर्यावरण सम्बन्धी नियम और कानूनी वैधताओं और नियमों को सदैव नवीनीकृत करना।
4. पर्या…

इतिहास में बनाएं करियर

किसी भी देश को जानने-समझने के लिए इतिहास का अध्ययन बहुत आवश्यक होता है। इतिहास केवल घटनाओं का ही ब्योरा मात्र नहीं है, अपितु यह शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लंबे शोध का विषय भी होता है। इस विषय में करियर की भी अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं। अगर आपकी भी रुचि अतीत को जानने-समझने में है तो इतिहास के जरिए आप अपने भविष्य को भी संवार सकते हैं। इस बारे में विस्तार से जानिए।  इतिहास के तहत प्राचीन मानव संस्कृति को खंगाला जाता है। प्राचीन मानव के सांस्कृतिक आचार व्यवहार को व्याख्यायित किया जाता है। इसके लिए पुरानी सभ्यताओं द्वारा छोड़ी गई चीजों और खंडहरों, उनकी गतिविधियों, व्यवहार आदि का अध्ययन किया जाता है। इसमें प्राचीन अवशेषों का अध्ययन करना पड़ता है।
प्राचीन सिक्के, बर्तन, चमड़े की किताबें, भोजपत्र पर लिखित पुस्तकें, शिलालेख, मिट्टी के नीचे दफन शहरों के खंडहर या फिर पुराने किले, मंदिर, मस्जिद और हर प्रकार के प्राचीन अवशेष, वस्तुओं आदि का अध्ययन इतिहास के अंतर्गत किया जाता है। ऑर्कियोलॉजिकल मॉन्यूमेंट्स, आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स, कॉइन, सील, बीड, लिट्रेचर और नेचुरल फीचर्स के संरक्षण और प्रबंधन का कार्…

स्पेस साइंस में करियर

स्पेस साइंस एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है। इसकी पढ़ाई रोजगार के बेहतरीन मौके उपलब्ध कराती है। क्या है स्पेस साइंस और क्या हैं इसमें करियर की संभावनाएं, जानते हैं- सेटेलाइट व नई तकनीक के जरिए मौसम अथवा ग्रह-उपग्रह के बारे में सटीक सूचना दे पाना अब पहले से ज्यादा आसान हो गया है। वायुमंडल अथवा पृथ्वी की हलचलों का पता लगाना भी ज्यादा आसान हो गया है। यह सब संभव हो पाया है ‘स्पेस साइंस’ से। साल दर साल इसमें नई चीजें शामिल होती जा रही हैं। इसमें एडवांस कम्प्यूटर एवं सुपर कम्प्यूटर से डाटा एकत्र करने का कार्य किया जाता है। डाटा न मिलने की स्थिति में आकलन के जरिए किसी निष्कर्ष तक पहुंचने की कोशिश की जाती है। इस काम से जुड़े प्रोफेशनल स्पेस साइंटिस्ट कहलाते हैं। समय के साथ यह एक सशक्त करियर का रूप धारण कर चुका है। इस क्षेत्र में युवाओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। इंडस्ट्री के जानकारों का भी मानना है कि आने वाले पांच सालों में इसमें नौकरियों की संख्या बढ़ेगी। क्या है स्पेस साइंसयह साइंस की एक ऐसी शाखा है, जिसके अंतर्गत हम ब्रह्मांड का अध्ययन करते हैं। इसमें ग्रह, तारों आदि के बारे में जानकारी हो…