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Showing posts from 2015

मेडिकल टूरिज्म में कैरियर संभावनाएं

पिछले कुछ वर्षों से भारत मेडिकल टूरिज्म के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बना हुआ है। सस्ते और क्वालिटी मेडिकल सर्विसेज के कारण दुनियाभर से लोग यहां इलाज करवाने आ रहे हैं। हर साल लाखों की संख्या में आने वाले मेडिकल टूरिस्ट की वजह से इस फील्ड में जॉब के मौके भी खूब देखे जा रहे हैं। अगर आप इस फील्ड से रिलेटेड डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर लेते हैं, तो इसमें शानदार करियर बना सकते हैं…देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और जॉब क्रिएशन में इंडियन हेल्थकेयर इंडस्ट्री का बड़ा रोल माना जा रहा है। ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन, बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की एक ज्वाइंट रिपोर्ट के अनुसार, 2020 तक हेल्थकेयर सेक्टर में करीब 40 मिलियन से ज्यादा जॉब जेनरेट होने का अनुमान है। उम्मीद की जा रही है कि दुनिया के दूसरे विकसित देशों के मुकाबले भारत में उपलब्ध सस्ते मेडिकल ट्रीटमेंट और एजुकेशन सर्विसेज के कारण यह मेडिकल टूरिज्म का ग्लोबल हब बन सकता है। हर साल लाखों की तादाद में मेडिकल ट्रैवलर्स या टूरिस्ट्स भारत का दौरा करते हैं। करीब 60 से ज्यादा देशों के मरीज इंडिया इला…

ऑटो मोबाइल इंजीनियरिंग में करियर

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यू.के. की एक यूनिवर्सिटी द्वारा करवाए जाने वाली ऑटोमोटिव सिस्टम्स इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री इंडस्ट्री की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप छात्रों को शिक्षित करती है। 

हाल के वर्षों में दुनिया भर में ईंधन की कीमतों तथा धुएं एवं गैसों के उत्सर्जन में हो रहे इजाफे को देखते हुए ऑटो इंडस्ट्री में तेजी से तकनीकी विकास हुआ है ताकि ग्राहकों की मांग को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण के हितों का ध्यान भी रखा जा सके। इस सारे तकनीकी विकास के पीछे सबसे महत्वपूर्ण योगदान ऑटोमोटिव सिस्टम्स इंजीनियर्स का है। इन उन्नत तकनीकों की बदौलत ही वाहन पहले की अपेक्षा कम ईंधन का प्रयोग करने लगे हैं तथा अधिक पर्यावरण हितैषी बनते जा रहे हैं।

ऐसे में जाहिर तौर पर यह क्षेत्र बड़ी संख्या में युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। इंजीनियरिंग, डिजाइन एवं नवीनता में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए तो यह क्षेत्र खास है जहां वे अपना भविष्य उज्ज्वल कर सकते हैं।

लफबर यूनिवर्सिटी
इस संबंध में यूनाइटेड किंगडम की लफबर यूनिवर्सिटी में करवाए जाने वाले एक पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स का लक्ष्य छात्रों, प्रोडक्ट डिवैल्पमैंट इंजीन…

अंतरिक्ष क्षेत्र में बनाएं करियर

जयपुर। अंतरिक्ष और उसमें होने वाली घटनाएं बेशक मानव के लिए कौतूहल का विषय रही हैं लेकिन समय अब वह नहीं रहा जब इंसान सिर्फ आसमान की ओर देखकर हैरान ही होता था। आज अंतरिक्ष से जुड़े तमाम रहस्य धरती पर रहने वाले मानव द्वारा सुलझाए जा रहे हैं। 

इस क्षेत्र मे होने वाली नई-नई खोजों और रहस्यों से उठते हुए पर्दों ने युवा पीढ़ी को इसकी ओर आकर्षित किया है। इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व के कारण ही 2007 में भारत में एशिया के पहले स्पेस इंस्टीटयूट \"इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी\" की स्थापना की गई।

यदि आप भी अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं तो आईआईएसटी में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। क्योंकि इसमें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है।

कोर्स और योग्यता-
तिरूवनंतपुरम स्थित आईआईएसटी में स्पेस साइंस की तीन मुख्य शाखाओं से जुड़े बीटेक प्रोग्राम्स संचालित हैं। चार साल की अवधि वाले प्रोग्राम और उनमें सीटो की संख्या इस प्रकार है - 
एयरोस्पेस इंजीनियरिंग-60 सीट, एवियॉनिक्स-60 सीट, फिजिकल साइंसेज-36 सीट

आईआईएसटी के बीटेक प्…

कार्टोग्राफर के रूप में एक्साइटिंग एवं क्रिएटिव कैरियर

प्रोफेशनल्स जिन्हें मैप या चार्ट बनाने का आर्ट आता है, वे कार्टोग्राफर या मैप मेकर के नाम से जाने जाते हैं। एक कार्टोग्राफर साइंटिफिक, टेक्नोलॉजिकल और आर्टिस्टिक तरीके से मैप बनाता है। इसके लिए वह सर्वे, एरियल फोटोग्राफ, सैटेलाइट इमेज की मदद लेता है। कुछ क्रिएटिव और एक्साइटिंग करना चाहते हैं, तो बतौर कार्टोग्राफर करियर बना सकते हैं।
कॉम्बिनेशन ऑफ स्किल्स
एक कार्टोग्राफर को ज्योग्राफी और एनवॉयरनमेंट की बेसिक नॉलेज होनी चाहिए। जिन लोगों में डिजाइनिंग का सेंस होता है, वे किसी फोटोग्राफ और ड्रॉइंग को बारीकी से समझ कर मैप क्रिएट कर सकते हैं। कार्टोग्राफी के फील्ड में आने के लिए मैथमेटिकल स्किल्स और रिसर्च वर्क भी आना चाहिए। उनमें विजुअलाइजेशन, पेशेंस, हार्डवर्क और काम को लेकर डेडिकेशन जैसी क्वॉलिटीज भी होनी चाहिए।
फोकस ऑन क्लाइंट डिमांड
कार्टोग्राफर अपने क्लाइंट की डिमांड के हिसाब से मैप बनाता है। ये मिलिट्री, ज्योग्राफिकल, हिस्टॉरिकल, एजुकेशनल, पॉलिटिकल या टूरिस्ट्स का रोड मैप हो सकता है। इसके अलावा, ये मैप्स डिजिटल और ग्राफिक, दोनों फॉर्म में हो सकते हैं।
टेक्निकल नॉलेज
वैसे तो …

बेकिंग स्पैशलिस्ट

बेकिंग दुनिया के सबसे पुराने व्यवसायों में से एक है लेकिन समय के साथ इसके स्वरूप व तकनीक में काफी परिवर्तन आया है । आजकल पूरी दुनिया में लोग बेक की हुई चीजों का बहुत बड़े स्तर पर प्रयोग करते हैं । ऐसे में एक प्रोफैशनल बेकर की डिमांड भी काफी बढ़ी है । यदि आपको भी खाना बनाना पसंद है तो आप एक बेकर के रूप में अपना उज्ज्वल भविष्य देख सकते हैं ।

एक बेकर के लिए बेहद जरूरी है कि उसे भोजन व उससे संबंधित सामग्री से बेहद प्यार हो । इसके अतिरिक्त वह बेकरी प्रॉडक्ट्स और उसकी सामग्री से परिचित हो । उसे सिर्फ खाना पकाना ही नहीं आता हो बल्कि अपनी क्रिएटिविटी के बलबूते वह उसे एक नया रूप देने में सक्षम हो । साथ ही एक अच्छी प्रैजैंटेशन खाने को और भी अधिक लाजवाब बनाती है इसलिए उसमें खाने की प्रस्तुति करने का कौशल भी हो ।  खाना बनाते समय उसे सिर्फ टेस्ट पर ही ध्यान नहीं देना बल्कि सजावट व हाइजीन भी उतनी ही जरूरी है । उसका शारीरिक रूप से मजबूत होना भी आवश्यक है ताकि वह घंटों खड़े होकर काम कर सके व भारी सामान भी आसानी से उठा सके । एक बेकर तभी सफलता के नए मुकाम हासिल कर सकता है जब वह अपने ग्राहक को संतुष्ट क…

मैडीकल लैब टैक्रीशियन

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मैडीकल लैब टैक्रीशियन, डाक्टरों के निर्देश पर काम करते हैं। उपकरणों के रख-रखाव और कई तरह के काम इनके जिम्मे होता है। लैबोरेटरी में नमूनों की जांच और विश्लेषण में काम आने वाला घोल भी लैब टैक्नीशियन ही बनाते हैं। इन्हें मैडीकल साइंस के साथ-साथ लैब सुरक्षा नियमों और जरूरतों के बारे में पूरा ज्ञान होता है। लैब टैक्नीशियन नमूनों की जांच का काम करते हैं, लेकिन वे इसके परिणामों के विश्लेषण के लिए प्रशिक्षित नहीं होते। 

नमूनों के परिणामों का विश्लेषण पैथोलॉजिस्ट या लैब टैक्नोलॉजिस्ट ही कर सकता है। जांच के दौरान एम.एल.टी. कुछ सैम्पलों को आगे की जांच या फिर जरूरत के अनुसार उन्हें सुरक्षित भी रख लेता है। एम.एल.टी. का काम बहुत ही जिम्मेदारी और चुनौती भरा होता है। इसमें धैर्य और निपुणता की बड़ी आवश्यकता होती है। जमा किए गए डाटा की सुरक्षा और गोपनीयता की भी जिम्मेदारी उसकी होती है।

डी.पी.एम.आई. की प्रिंसीपल अरुणा सिंह के मुताबिक मैडीकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट में सर्टीफिकेट डिप्लोमा, डिग्री एवं मास्टर्स के दौरान बेसिक फिजियोलॉजी, बेसिक बायोकैमिस्ट्री एंड ब्लड बैंकिंग, एनाटोमी एंड फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉज…

केमिकल इंजीनियरिंग में बनाएं ब्राइट करियर

केमिकल इंजीनियरिंगके क्षेत्र में आप अपने करियर को बेहतर बना सकते। औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे-प्लास्टिक, पेंट्स, फ्यूल्स, फाइबर्स, मेडिसिन, फर्टिलाइजर्स, सेमीकंडक्टर्स, पेपर में काम करने के अलावा, पर्यावरण सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाते हैं। आइए, जानते हैं केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आपके लिए किस तरह के मौके हैं।

समय के साथ करियर
समय के साथ स्टूडेंट्स के सामने करियर के ढेरों नए ऑप्शंस खुल हुए रहते हैं, लेकिन आज भी इंजीनियरिंग फील्ड स्टूडेंट्स के लिए पसंदीदा करियर ऑप्शन बना हुआ है। जिसमें करियर के हमेशा ऑप्शंस रहते है। इंजीनियरिंग से जुड़ी एक फील्ड है केमिकल इंजीनियरिंग का, जिसमें करियर ऑप्शंस की कोई कमी नहीं रहती है। जैसे-जैसे इसका दायरा बढ़ रहा है, इस फील्ड में प्रोफेशनल्स की डिमांड भी बढ़ती जा रही है।

केमिकल इंजीनियर का मुख्य काम विभिन्न रसायनों और रासायनिक उत्पादों के निर्माण में आने वाली समस्याओं को सॉल्व करना है। इस फील्ड से जुड़े प्रोफेशनल्स पेट्रोलियम, रिफाइनिंग, फर्टिलाइजर टेक्नोलॉजी, खाद्य व कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, सिंथेटिक फूड, पेट्रो केमिकल्स, सिंथेटिक…

केमिस्ट्री के विभिन्न कोर्स

आज के दिन हम बहुत सी ऐसी चीजें लेते हैं, जो केमिकल प्रोसेस के जरिए बनी होती हैं। दवाई हो या कॉस्मेटिक्स सभी केमिकल प्रक्रिया के जरिए ही अपना स्वरूप पाते हैं। साइंस की एक प्रमुख ब्रांच होने के चलते केमिस्ट्री एक तरफ  भौतिकी तो दूसरी तरफ  बायोलॉजी को लेते हुए सभी चीजों के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। वैसे केमिस्ट्री के जरिये जब आप तमाम प्रयोग कर कुछ नए तत्त्व बनाते हैं तो यह प्रक्रिया बहुत ही रोमांचकारी होती है। इस फील्ड में काम करने पर आपको पॉलिमर साइंस, फूड प्रोसेसिंग, एनवायरन्मेंट मानिटरिंग, बायो टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में करियर निर्माण का मौका मिलता है। साइंस के हरेक विषय की खासियत है कि वह अपनी अलग-अलग शाखाओं में करियर और रिसर्च के ढेरों बेहतरीन अवसर देता है। केमिस्ट्री भी ऐसा ही एक विषय है। हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाला यह विज्ञान नौकरी के मौकों से भरपूर है। साथ ही परंपरागत सोच रखने वालों को भी अब यह समझ आ गया है कि केमिस्ट्री प्रयोगशाला के बाहर भी ढेरों अवसर पैदा कर रही है और इंडस्ट्री आधारित बेहतरीन जॉब प्रोफाइल्स उपलब्ध करवा रही है। ऐसे म…

वीडियो गेमिंग के क्षेत्र में करियर के अवसर

मनोरंजन और खेल के नाम से अब मैदानी भागदौड ही मस्तिष्क में नहीं आती कंप्यूटर ने उसे घर बैठे दिमागी भागदौड का खेल बना दिया है। शहरी परिवेश में पले-बढ़े बच्चे आज गुल्ली-डंडा, कबड्डी या खो-खो जैसे खेलों से वाफिक हों या न हों लेकिन मारियो, सुपर कांट्रा, बॉबरमैन जैसे वीडियो गेमों से वे भली-भांति वाकिफ होते हैं। जैसे-जैसे वीडियो गेम की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, उसी तेजी से यह उद्योग भी फल-फूल रहा है। नए-नए वीडियो गेमों के लिए नई-नई तकनीकें भी ईजाद की जा रही हैं।गौरतलब है कि वीडियो गेम के निर्माण की प्रक्रिया काफी जटिल होती है। वीडियो गेमों का निर्माण मल्टीमीडिया, ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के प्रयोग द्वारा किया जाता है। एक बड़े कंप्यूटर गेम का निर्माण करने में कई अनुभवी लोगों की टीम को कुछ महीनों का समय लग सकता है। आजकल वीडियो गेस को अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाता है।

सबसे पहले वीडियो गेम की स्क्रिप्ट में लिखित रूप में यह तय कर लिया जाता है कि गेम में कौन से पात्र डाले जाएँ तथा कैसे दृश्य निर्मित किए जाएँ। इसके बाद स्टोरी बोर्ड तैय…

मौसम विज्ञान में हैं शानदार अवसर

मौसम जितने मोहक और मादक होते हैं, उनसे जुड़े करियर भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। कल तक यह माना जाता था कि मौसम का संबंध केवल खेती-किसानी से ही है तो अब यह धारणा पुरानी हो चुकी है। सैटेलाइट के इस युग में सुनामी तूफान से बचाने की कवायद से लेकर एयरलाइंस की उड़ानों, जहाजों के परिवहन से लेकर खेल मैदानों की हलचल में मौसम विज्ञान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यही कारण है कि सरकारी विभागों से लेकर मौसम विज्ञान की भविष्यवाणी करने वाली प्रयोगशालाओं, अंतरिक्ष विभाग और टेलीविजन चैनल पर मौसम विज्ञान एक अच्छे करियर की दावत दे रहा है। यदि आपको हवा, बादल, समुद्र, बरसात, धुँध-कोहरे, आँधी-तूफान और बिजली में दिलचस्पी है तो मौसम विज्ञान का क्षेत्र न केवल आपकी इन क्षेत्रों की जिज्ञासाओं की पूर्ति करेगा, बल्कि एक शानदार करियर भी प्रदान करेगा, जो बदलते मौसम की तरह ही मोहक होगा।

बहुआयामी करियर
मौसम विज्ञान के इतने अधिक आयाम हैं कि इस क्षेत्र में अध्ययन कर अपनी अभिरुचि के अनुसार परिचालन, अनुसंधान तथा अनुप्रयोग अर्थात ऑपरेशंस-रिसर्च या एप्लिकेशंस के क्षेत्र में बहुआयामी करियर बनाया जा सकता है। ऑपरेशं…

जेमोलॉजी के क्षेत्र में करियर

करियर कुछ अलग हटकर।  आज के युवाओं का यह एक फेवरेट जुमला बन चुका है। परंपरागत करियर की बजाय आज वे कुछ ऐसे करियर विकल्प को चुन रहे हैं, जो रोचक होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण भी हों। साथ ही उनमें हों बढिया कमाई का स्कोप भी। यदि आप भी कुछ इसी तरह की ख्वाहिश रखते हैं, तो जेमोलॉजी अच्छा ऑप्शन है। बढता बाजार  जूलरी भारतीय परंपरा का अभिन्न अंग रही है। भारतीय कारीगरों और जूलरी को विदेशों में काफी पसंद किया जाता है। यही कारण है कि देश के कुल निर्यात में जेम्स ऐंड जूलरी सेक्टर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। भारत दुनिया में सोने का सबसे बडा उपभोक्ता है और यहां डायमंड कटिंग के लिए बेहतरीन बुनियादी सुविधाएं भी मौजूद हैं। जयपुर को विश्व का सबसे बडा जेम्स कटिंग सेंटर के रूप में जाना जाता है। जयपुर के साथ-साथ सूरत, मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद आदि शहरों में जेम्स ऐंड जूलरी के विशाल एक्सपोर्ट हाउस मौजूद हैं। उदारीकरण के बाद भारत के इस उभरते हुए सेक्टर को एक नया आयाम मिला है। दरअसल, जेमोलॉजी के क्षेत्र में दबदबा रखनेवाले दुनिया की बडी-बडी कंपनियां भारत में तेजी से अपनी शाखाएं खोल रही हैं। नेचर ऑफ वर्क दरअसल, एक जे…

बेहतरीन करियर विकल्प है बायोटैक्नोलॉजी

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क्या है बायोटैक्नोलॉजी?
सरल शब्दों में कहें तो बायोटैक्नोलॉजी के तहत जैविक प्रक्रियाओं में बदलाव करके एक ऐसी तकनीक विकसित की जाती है जिसका वाणिज्यीकरण किया जा सके ।  देश में बायोटैक्नोलॉजी की शुरूआत 1980 के दशक के मध्य में हुई थी जब 1986 में भारत सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत बायोटैक्नोलॉजी विभाग का गठन किया । बायोलॉजी और टैक्नोलॉजी को मिला कर बना है बायोटैक्नोलॉजी । इसके अंतर्गत बायोकैमिस्ट्री, जैनेटिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, सीड टैक्नोलॉजी, क्रॉप मैनेजमैंट, इकोलॉजी से लेकर सैल बायोलॉजी तक का अध्ययन किया जाता है ।

बायोटैक्नोलॉजी रिसर्च आधारित विज्ञान है जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक सिद्धांतों और तकनीक का प्रयोग करते हुए बायोलॉजिकल सिस्टम में सुधार करना है । बायोलॉजी और टैक्नोलॉजी को मिलाकर बने इस फील्ड में बायोकैमिस्ट्री, जैनेटिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, कैमिस्ट्री, इम्युनोलॉजी, इंजीनियरिंग, पेड़-पौधे, हैल्थ और मैडीसिन, क्रॉपिंग सिस्टम व मैनेजमैंट, मृदा-विज्ञान और संरक्षण, इकोलॉजी, बायोस्टैटिस्टिक्स, सैल बायोलॉजी, सीड टैक्नोलॉजी, प्लांट फिजियोलॉजी आदि शामिल हैं । आज के दौर …

रंग जमाएं, खूब कमाएं

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मैरिज, बर्थ डे, वेडिंग रिसेप्शन, एनिवर्सरीज जैसे समारोहों के अलावा प्राइवेट पार्टीज, प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग, चैरिटी इवेंट्स, सेमिनार्स, एग्जीबिशंस, सेलिब्रिटी शोज, इंटरनेशनल आर्टिस्ट शोज, रोड शोज, कॉम्पिटिशंस की बढती संख्या को देखते हुए कहा जा सकता है कि इस फील्ड में इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों और इवेंट मैनेजर्स की डिमांड जोरदार तरीके से बढ रही है। हालांकि, इसके लिए अलग-अलग एक्सप‌र्ट्स की जरूरत होती है। इस क्षेत्र की सबसे बडी विशेषता यह है कि इसमें असंभव जैसा कोई शब्द नहीं होता। कठिन से कठिन आयोजनों को सफलतापूर्वक साकार कराना एक अच्छे व कुशल इवेंट मैनेजर की पहचान होती है। पहले इवेंट मैनेजर की मांग केवल कॉरपोरेट क्षेत्र के आयोजनों में ही होती थी, लेकिन अब बर्थडे पार्टी से लेकर बडे-बडे कार्यक्रमों में भी एक्सप‌र्ट्स की सहायता ली जाती है। तेजी से बढती कारोबारी गतिविधियों में भी विशेष तरह के आयोजनों को शिद्दत से महसूस किया जाता है। खास बात यह है कि अब छोटे शहरों में भी इवेंट मैनेजमेंट के लोकप्रिय होने के बाद इस क्षेत्र में अनुभवी लोगों की मांग बढी है। इस क्षेत्र का एक आकर्षक पहलू यह भी है क…