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Showing posts from July, 2017

कॉफी क्वॉलिटी मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा

कॉफी दुनिया के सबसे लोकप्रिय पेय में एक हैं। इसकी लोकप्रियता को बनाए रखने के लिए इसकी गुणवत्ता पर काफी जोर दिया जाता है। ऐसे में कॉफी क्वॉलिटी के क्षेत्र में करियर बनाने के अच्छे मौके भी मिलते हैं।

कॉफी के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वालों के लिए भारत के कॉफी बोर्ड ने पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स लॉन्च किया है। इसके छात्रों को भारतीय कॉफी कंपनियों में अच्छी नौकरियों के अवसर मिलते हैं।

कॉफी क्वॉलिटी मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (PGDCQM) कोर्स छात्रों को कॉफी टेस्टर्स  के रूप में उनकी क्षमता विकसित करने में मदद करता है।

कोर्स की खास बातें
- यह 12 महीने का कोर्स है जो 3 ट्राइमेस्टर में होता है।

- छात्रों को पहले ट्राइमेस्टर में सीसीआरआई, बलेहोनुर, चिकमंगलूर में रहने की सुविधा मिलती है। दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर के लिए छात्रों के बेंगलुरु में अपने रहने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।

- दाखिले हर योग्य अभ्यर्थी के लिए खुले हैं। कॉफी इंडस्ट्री के लिए स्पॉन्सर्ड अभ्यर्थियों को भी दाखिले दिए जाएंगे।

- दाखिले अकादमिक रिकॉर्ड, पर्सनल इंटरव्यू और सेंसरी इवैल्यूएशन टेस्ट के आधार …

आरजीसीबी में पीएचडी

बायोटेक्नोलॉजी के आधुनिक क्षेत्र में शोध करने के बाद कॅरियर की व्यापक संभावनाएं तलाशने के इच्छुक लोग राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी के लिए आवेदन कर सकते हैं । यहां इस फील्ड से जुड़ी कई स्ट्रीम्स में शोध करने के विकल्प मौजूद हैं। भारत सरकार का यह स्वायत्त संस्थान तिरूवनंतपुरम में है। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पीएचडी आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2015 निर्धारित की गई है। आवेदन करने वाले लोगों में से योग्य उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। इंटरव्यू के लिए बुलाए जाने वालों को ईमेल के जरिए सूचित किया जाएगा। इसके अलावा वेबसाइट पर भी उनके नाम डाले जाएंगे। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आरजीसीबी में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2015 निर्धारित की गई है। कई हैं स्ट्रीम्स आरजीसीबी में जिन फील्ड्स में पीएचडी का विकल्प उपलब्ध है, वे फील्ड्स इस प्रकार हैं- प्लांट बायोलॉजी, केमिकल बायोलॉजी, क्रोनिक डिसीज बायोलॉजी, ट्रॉपिकल डिसीज बायोलॉजी, कंप्यूटेशनल बायोलॉजी आदि। क्या है अनिवार्य योग्यता आवेदक ने संबंधित विषय में पीजी किया हो और इसम…

जीव विज्ञान में पीएचडी

डॉक्टरेट कार्यक्रम 'कोशिकाओं की आणविक जीव विज्ञान "न्यूरोसाइंसेस और आण्विक बायोसाइंसेज के लिए गौटिंगेन ग्रेजुएट स्कूल (GGNB) के एक सदस्य है। यह आणविक बायोसाइंसेज के लिए गौटिंगेन केंद्र (GZMB) द्वारा आयोजित किया जाता है और गौटिंगेन विश्वविद्यालय, biophysical रसायन विज्ञान, प्रायोगिक चिकित्सा के लिए मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के लिए मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट, और जर्मन प्राइमेट सेंटर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है।

शोध उन्मुख कार्यक्रम और अंग्रेजी में सिखाया जाता है, जो जैव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, चिकित्सा के क्षेत्र में एक मास्टर की डिग्री (या समकक्ष), या संबंधित क्षेत्रों रखने वाले छात्रों के लिए खुला है।

कार्यक्रम है जो कोशिकाओं के अध्ययन के लिए उत्साह का हिस्सा पिछले शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों से छात्रों को स्वीकार करता है। प्रशिक्षण कैसे सेल भाग्य और टोपोलॉजी निर्धारित कर रहे हैं की एक तुलनात्मक समझ प्राप्त करने के उद्देश्य से है, कैसे व्यापक जीनोमिक विश्लेषण उपकरणों को लागू करने का एक महत्वपूर्ण भावना, और स्थापित करने और सेलुलर कार्…

फर्नीचर डिजाइनिंग में करियर,

एक समय तक फर्नीचर डिजाइनिंग का काम कारपेंटर ही करते थे, लेकिन आज के दौर में यह एक अलग प्रोफेशन बन चुका है। अगर आप की भी इसमें रुचि है और आप क्रिएटिव हैं तो फर्नीचर डिजाइनर बनकर करियर संवार सकते हैं। संबंधित ट्रेनिंग हासिल कर आप किसी कंपनी में जॉब कर सकते हैं या फिर अपना कारोबार भी शुरू कर सकते हैं। इस बारे में विस्तार से जानिए

पर्सनल स्किल्स
फर्नीचर डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपमें क्रिएटिव और आर्टिस्टिक सेंस का मजबूत होना अति आवश्यक है, साथ ही कम्युनिकेशन स्किल अच्छी होनी चाहिए। मार्केटिंग स्किल्स और बिजनेस की भी समझ अनिवार्य है। फर्नीचर डिजाइनिंग के क्षेत्र में काम करने के लिए मार्केट में डिजाइनिंग को लेकर क्या कुछ नया किया जा रहा है, उस ओर भी पैनी नजर रखनी होती है क्योंकि फर्नीचर डिजाइनर का काम एक बेजान लकड़ी में डिजाइन के जरिए उसे आकर्षक रूप देना होता है।

बढ़ रही है डिमांड
फर्नीचर डिजाइनिंग व्यवसाय अब केवल कारपेंटर का काम नहीं रह गया है, बल्कि इसमें कुशल डिजाइनरों की मांग व्यापक स्तर पर बढ़ी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले पांच वर्षों में बाजार म…

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में करियर

एविएशन का नाम आते ही आसमान में उड़ने का मन करता है लेकिन यदि आप बनाना चाहते हो हो एविएशन में अपना करियर तो आप कहाँ पर अपनी लाइफ बना सकते हो। एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) में हो रहे लगातार विस्तार से रोजगार के अवसरों में काफी इजाफा हुआ है। ऐसे में बहुत से अवसर हैं कई लोग सोचते हैं केवल पायलट या एयर होस्टेस तक ही एविएशन में जॉब सीमित हैं,  लेकिन ऐसा कतई नही है क्योंकि इनके इलावा भी आप एविएशन में अपना करियर बना सकते हो। इसी लाइन में में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर (AME) भी बहुत अच्छा विकल्प है।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर की कार्य प्रकृति कैसी है उसका क्या काम होता है: किसी भी जहाज की तकनीकी जिम्मेदारी एएमई के ऊपर होती है। हर उड़ान के पहले एएमई जहाज का पूरी तरह से निरीक्षण करता है और सर्टिफिकेट जारी करता है कि जहाज उड़ान भरने को तैयार है। इस काम के लिए उसके पास पूरी तकनीकी टीम होती है। कोई भी विमान एएमई के फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना उड़ान नहीं भर सकता। गौरतलब है कि एक हवाईजहाज के पीछे करीब 15-20 इंजीनियर काम करते हैं। इसी से इनकी जरूरत का अनुमान लगाया जा सकता है।
कैसे बन …

पोषाहार विज्ञान में करियर

पोषाहार विज्ञान में विज्ञान के ऑनर्स बैचलर पोषाहार विज्ञान वास्तव में एक अंतःविषय प्रकृति के अध्ययन के एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है। स्वास्थ्य और रोग में अपनी भूमिका पर पोषण के प्रभाव को समझना (पोषक तत्व आवश्यकताओं और उपयोग) शामिल चयापचय की प्रक्रिया का ज्ञान पर आधारित है, में एकीकृत सामाजिक और व्यवहार कारकों में से खाद्य पदार्थों के रसायन शास्त्र (खाद्य संरक्षण, खाद्य उत्पादन) और की उचित पोषण के माध्यम से इष्टतम स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लक्ष्यों के विचार।
प्रमुख कार्यक्रम पोषाहार विज्ञान में एक मेजर को प्राप्त करने के लिए, छात्र विज्ञान की एक चार साल ऑनर्स बैचलर (Hon.B.Sc.) के लिए आवश्यक 20 पाठ्यक्रमों में से आठ को परिभाषित करता है, जो अध्ययन के एक कार्यक्रम इस प्रकार है। कार्यक्रम में परिभाषित नहीं अन्य पाठ्यक्रमों के लिए, छात्र व्यक्तिगत रुचि और कैरियर के लक्ष्यों द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, पोषण जैव रसायन में एक स्नातक की डिग्री का पीछा पर एक छात्र के इरादे अधिक उपयुक्त अर्थशास्त्र या व्…

फार्माकोविजिलेंस में करियर

बचपन से मेडिसीन की पढ़ाई का सपना था पर सफलता नहीं मिलने की वजह से मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं ले पाए तो निराश होने की कोई बात नहीं. अब आपके पास एक ऐसा ऑप्‍शन है जो आपके अधूरे सपने को पूरा कर सकता है. हालांकि इस कोर्स को करने के बाद आप एमबीबीएस की डिग्री तो नहीं पा सकेंगे लेकिन एक डॉक्टर का फर्ज जरूर निभा सकेंगे.
हम यहां जिस कोर्स की बात कर रहे हैं उसका नाम है- फार्माकोविजिलेंस. दरअसल, दवाइयों से होने वाले किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट की पहचान, आकलन और बचाव के लिए फार्माकोलॉजिकल साइंस की मदद ली जाती है ताकि दवाइयों को ज्यादा सुरक्षित और उपयोगी बनाया जा सके.

अगर आपकी रुचि मेडिकल के क्षेत्र में है तो यह कोर्स आपके लिए ठीक रहेगा. इसके अलावा लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग और सुरक्षित रखने की भावना रखने वाले लोगों के लिए यह एक बेहतर करियर ऑप्शन है.
फार्माकोविजिलेंस का संबंध दवाइयों की उपलब्धता, डिस्ट्रीब्यूशन, पहुंच, इस्तेमाल और इससे जुड़ी दूसरी समस्‍याओं से भी है. इस फील्‍ड में विदेशों में भी नौकरियों की संभावनाएं हैं.
कोर्सेज:
सर्टिफिकेट इन फार्माकोविजिलेंस
डिप्लोमा इन फार…

वनस्पति में करियर

पौधे और फूल न केवल हमारे उद्यानों में सुंदरता फैलाते हैं और हमारे जीवन को ताजगी देते हैं बल्कि हमारी बुनियादी आवश्यकताओं तथा औषधियों के लिए महत्त्वपूर्ण वैज्ञानिक सामग्रियों के रूप में कार्य करते हैं। पौधे ऐसे रासायनिक कारखाने होते हैं जो मनुष्य के लिए उपयोगी सभी प्रकार के उत्पाद देते हैं। भोजन के अतिरिक्त पौधे कागज, भवन सामग्री, द्रव्यों, गोंद, कपड़ों, औषधियों और कई अन्य उत्पादों के लिए कच्चा माल देते हैं। उदाहरण के लिए एलोवेरा पौधा क्रीम तथा चिकित्सा द्रव्यों में प्रयोग में लाया जाता है। इन सब बातों का अध्ययन वनस्पति विज्ञान में किया जाता है। वनस्पति विज्ञान में वनस्पति जगत में पाए जाने वाले सब पेड़-पौधों का अध्ययन होता है। जीव विज्ञान का यह एक प्रमुख अंग है। दूसरा प्रमुख अंग प्राणी विज्ञान है। सभी जीवों को जीवन निर्वाह करने, वृद्धि करने, जीवित रहने और जनन के लिए भोजन या ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है। यह ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होती है। सूर्य में परमाणु के विखंडन या तरंगों के रूप में चलकर यह ऊर्जा पृथ्वी पर आती है। केवल पौधों में ही इस ऊर्जा के ग्रहण करने की क्षमता विद्यमा…