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Showing posts from August, 2015

ट्रांसलेटर/ इंटरप्रेटर दो संस्कृतियों को समझने की कला

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राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की पहल पर चार साल पहले देश में राष्ट्रीय अनुवाद मिशन बनाया गया। करीब 74 करोड़ रुपये बजट वाले इस मिशन का काम विभिन्न भारतीय भाषाओं को अनुवाद के जरिए जन-जन तक पहुंचाना है। देश में अनुवाद की उपयोगिता की यह सिर्फ एक बानगी है। व्यापक स्तर पर देखें तो विश्व को एक गांव बनाने का सपना पूरा करने में अनुवादक आज अहम भूमिका निभा रहा है। चाहे विदेशी फिल्मों की हिन्दी या दूसरी भाषा में डबिंग हो या फैशन की नकल, इंटीरियर डेकोरेशन का काम हो या ड्रेस डिजाइनिंग, अनुवादक की हर जगह जरूरत पड़ रही है। संसद की कार्यवाही का आम जनता तक पलक झपकते पहुंचाने का काम भी अनुवादक के जरिए ही संभव होता है। इसके जरिए हम कुछ वैसा ही अनुभव करते और सोचते हैं, जैसा दूसरा कहना चाहता है। एक दूसरे को जोड़ने में और परस्पर संवाद स्थापित करने में अनुवादक की भूमिका ने युवाओं को भी करियर की एक नई राह दिखाई है। इस क्षेत्र में आकर कोई अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ अच्छा-खासा पैसा कमा सकता है। अनुवादक और इसी से जुड़ा इंटरप्रेटर युवाओं के लिए करियर का नया क्षेत्र लेकर हाजिर है। अनुवादक की कला से रू-ब-रू…

बागवानी : एक फलता-फूलता कॅरिअर

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रोजगार समाचार, 15-21 सितंबर 2012 यदि आप किसी व्यावसायिक बागवान के लिए कार्य करते हैं तो खेतों, उद्यानों, बागों और गोल्फ कोर्स के भूदृश्याकंन, जुताई, रखरखाव तथा पैदावार आदि जैसे कार्य आपको करने होंगे, भूदृश्यांकन उद्देश्य वाले होटल, रिसोर्ट तथा विस्तृत भूमि वाले निजी बंगले भी इस क्षेत्र में रोज़गार के अन्य विकल्प हैं। निर्माण कंपनियों और भूदृश्य वास्तुकला फार्मों को पौधों एवं पौधों की देखरेख पर सलाह देने के लिए आप सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दे सकते हैं।आपके जन्म-दिन पर आपको उपहार के रूप में कोई विदेशी पौधा मिलता है तो क्या आप हर्ष-विभोर हो जाते हैं? क्या आपको आश्चर्य होता है कि आपके मित्र के मस्तिष्क में यह शानदार विचार कैसे आया! तो, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उपहार के रूप में पौधे देना, पर्यावरण की रक्षा के लिए चिंतित इस विश्व में एक नई परिपाटी है। आपके लिए यह और रुचिकर हो सकता है कि उपहार के पौधे एवं फूल बेचना एक शानदार उद्यम है। इसलिए यदि आप पौधों में रुचि रखते हैं और पौधों के माध्यम से धन-राशि अर्जित करने के विकल्प तलाश रहे हैं तो बागवानी आपके कॅरिअर को दिशा दे सकती है।

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कंपनी सेक्रेटरी: कॉरपोरेट कंपनी की बैक बोन

कंपनी सेक्रेटरी के रूप में करियर हमेशा से आकर्षक रहा है। एक सीएस के तौर पर आप जहां भी रहेंगे, टॉप पर रहेंगे और आपकी सैलरी भी आसमान छू रही होगी। इस करियर पर एक नजर डाल रहे हैं अमित कुश : 
किसी कंपनी में कंपनी सेक्रेटरी के रूप में काम करने के लिए आपको इंस्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) की तरफ से चलाया जाने वाला कोर्स करना जरूरी है। सिर्फ यही संस्थान भारत में कंपनी सेक्रेटरी तैयार करता है और उनके प्रफेशनल एथिक्स पर भी निगाह रखता है। यह संस्थान सीएस का कोर्स डिस्टेंस लर्निंग के जरिए कराता है यानी घर बैठे पढ़ाई का ऑप्शन आपको मनपसंद माहौल में पढ़ाई की सुविधा दे सकता है। आप इंटरमीडिएट या ग्रैजुएशन करने के बाद इस कोर्स में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। कोर्स की 3 स्टेज होती हैं, फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल। इंटरमीडिएट के बाद रजिस्ट्रेशन कराने वाले स्टूडेंट्स को फाउंडेशन कोर्स से शुरुआत करनी होगी, जबकि ग्रैजुएशन के बाद सीएस करने के लिए इंटरमीडिएट और फाइनल स्टेज से गुजरना होगा। फाउंडेशन कोर्स में 5 पेपर, इंटरमीडिएट के 2 ग्रुप में 8 पेपर और फाइनल कोर्स के 3 ग्रुप में 9 पेपर होंगे।…

कॉस्ट ऐंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग चुनौती है तो पैसे भी हैं

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दुनिया में छाई मंदी से बाजार को उबारने के लिए वित्त विशेषज्ञ उलझे हुए हैं। बैंक, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की कंपनियां और दुनिया भर की सरकारें मंदी की चुनौतियों से निपटने में जी-जान से लगी हुई हैं। ऐसी स्थिति में कॉस्ट ऐंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग प्रोफेशनल्स की भूमिका बढ गई है। दरअसल, ये प्रोफेशनल्स मैनेजमेंट की चुनौतियों का सामना करने और ऑपरेशंस को कॉस्ट इफेक्टिव बनाने में माहिर होते हैं। ये इन्वेस्टमेंट प्लानिंग, प्रॉफिट प्लानिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और मैनेजरियल डिसीजंस लेने जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इंग्लैंड, अमेरिका जैसे विकसित देशों में जहां कॉस्ट ऐंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग प्रोफेशनल्स को फाइनैंशियल रिपोर्टिग, मैनेजमेंट और स्ट्रेटेजी के स्तर पर ही काम करना होता है, वहीं भारत में इन्हें रेग्युलेटरी संबंधित कार्य भी करने होते हैं। इस प्रकार भारत में इनकी भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाती है। यही वजह है कि भारत में यह कोर्स अन्य देशों की अपेक्षा अधिक पॉपुलर है और हर युवा इस कोर्स को करना चाहता है। इस क्षेत्र के बढते क्रेज और संबंधित कोर्सो पर द इंस्टीटयूट ऑफ …

एपिग्राफी में करियर

क्या है एपिग्राफी?
आज के कम्प्यूटर इंजीनियरिंग तथा इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी के दौर में विज्ञान की एक शाखा है जो हमारे शानदार इतिहास के बारे में जानने के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। यह है विभिन्न प्राचीन भाषाओं तथा संकेतों वाली रहस्यमयी हस्तलिपियों को पढ़ने की कला। इसी को एपिग्राफी यानी पुरालेख विद्या के नाम से भी जाना जाता है। एपिग्राफी पाषाण, ताम्र थालियों, लकड़ी आदि पर लिखी प्राचीन व अनजानी हस्तलिपियों को खोजने तथा उन्हें समझने का विज्ञान है। एपिग्राफ्स इतिहास के स्थायी तथा सर्वाधिक प्रमाणिक दस्तावेज हैं। वे ऐतिहासिक घटनाओं की तिथि, सम्राटों के नाम, उनकी पदवियों, उनकी सत्ता के काल, साम्राज्य की सीमाओं से लेकर वंशावली तक के बारे में सटीक व सही सूचना के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

विभिन्न पदार्थों पर उकेर कर लिखे ये पुरालेख विबिन्न भाषाओं व लिपियों के उद्भव तथा विकास के साथ-साथ प्राचीन भाषाओं के साहित्य के रुझानों तथा इतिहास के विभिन्न पहलुओं के बारे में भी सटीक जानकारी प्रदान करते हैं।

इनकी मदद से हम इतिहास के अनजाने तथ्यों से परिचित हो सकते हैं और पहले से परिचित इतिहास की घट…

खाद्य प्रसंस्करण इंजिनियरी एवं प्रौद्योगिकी में करियर की सम्भावनाएं

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खाद्य प्रसंस्करण खाद्य विज्ञान की एक शाखा है और यह ऐसी पद्धतियों तथा तकनीकों का मिला जुला रूप है जिसके द्वारा कच्ची सामग्रियों (raw ingredients) को मनुष्यों तथा पशुओं के उपयोग के लिए भोजन में परिवर्तित किया जाता है। खाद्य प्रसंस्करण खाद्य को परिरक्षित करता है, उसके सुस्वाद में वृद्धि करता है और खाद्य-उत्पाद में टॉक्सिन्स को कम करता है। आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों ने आज के सुपर-मार्केट्स के विकास की संभावनाओं को बल दिया है विकसित तथा विकासशील देशों के समाजों में उभर रहे उपभोक्तावाद ने स्प्रे ड्राइंग, जसू कन्सन्ट्रटेस, फ्रीज ड्राइगं जैसी तकनीकों वाले खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास तथा कृत्रिम मिठाइयों कलरेंट्स एवं प्रिजर्वेटिव्स प्रारंभ करने में योगदान दिया है। बीसवीं सदी के अंत में मध्यम वर्गीय परिवारों माताओं और विशेष रूप से कार्यशील महिलाओं के लिए ड्राइडइन्स्टेंट सूप्स, रिकंस्टीट्यूटेड फ्रूटस, जूस तथा सेल्फ कुकिगं मील्स जैसे उत्पादों का विकास किया गया।

आज भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्यागे उपभोक्ता-खाद्य उद्यागे के रूप में गति पकड़ रहा है। एक रिपार्टे के अनुसार…

बायोडीजल से बढ़ती रोजगार की संभावनाएं

बायोडीजल जैविक गतिविधियों के द्वारा जैविक मूल पदार्थों के उपयोग से बनाया गया ईंधन है जिसमें सेलुलोज पदार्थों का किण्व या शुष्क जीवाणुओं एवं एंजाइमस की क्रियाविधि का उपयोग किया जाता है। इस विधि को ट्रांसस्टरीफिकेशन (वसा व स्नेहक) एवं फरमेंटेशन (सेलुलोज सबस्ट्रेट) के रूप में प्रयोग किया जाता है। इस विधि से प्राप्त बायोडीजल का अपने मूल स्वरूप व डीजल के साथ मिश्रण (गैसोलीन) के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

चूंकि बायोडीजल सेलुलोज सभी पदार्थों से बनाया जा सकता है किंतु अधिक बायोडीजल का उत्पादन करने हेतु हम फसल के दानों जैट्रोफा, करंज, गन्ना, सूर्यमुखी, सोयाबीन एवं कृषि उत्पादों से प्राप्त त्याजों द्वारा बायोडीजल प्राप्त कर सकते हैं।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के परिणामस्वरूप हर देश ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश में है। हमारे देश में जिन स्रोतों पर तेजी से विचार एवं कार्य हो रहा है उनमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि कई विकल्प शामिल हैं। संभावनाओं की दृष्टि से देखने पर बायोडीजल सबसे प्रमुख रूप में उभरता है क्योंकि यह किसानों के हाथ में है और देश के दस करोड़ से भी अधिक किसान बायो…

वाइल्ड लाइफ जीव संरक्षण का सजीव कैरियर

यदि प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना है और आने वाले पीढ़ी को एक स्वस्थ पर्यावरण मुहैया करना है, तो जीव-जंतुओं के बीच की कड़ी को हमेशा बनाए रखना होगा। यही वजह है कि आज वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन के क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स की जरूरत भारत में ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में भी खूब है…
कुछ वर्ष पहले तक पक्षियों की चहचहाहट केवल गांवों में ही नहीं बल्कि शहरों में भी आसानी से सुनी जा सकती थी,लेकिन बढ़ते शहरीकरण के कारण पक्षियों का कोलाहल शहरों में अब कम ही सुनने को मिलता है। पक्षी व जानवर अपने आवास को छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। कई जीव-जंतु विलुप्त हो गए हैं, तो कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं क्योंकि शहरीकरण बढ़ने लगा है और वन सिमटने लगे हैं। ऐसे में यदि वाइल्ड लाइफ आपको आकर्षित करता है, तो वाइल्ड लाइफ  कंजर्वेशन के क्षेत्र में आप शानदार कैरियर बना सकते हैं। सच पूछिए, तो वाइल्ड लाइफ और पर्यावरण हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मसलन छोट-छोटे इंसेक्ट्स को भी हम दरकिनार नहीं कर सकते क्योंकि इन्हीं की वजह से फसलें पॉलिनेट हो पाती हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि हर …

जेनेटिक्स: जीवन से जुड़ा करियर

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जेनेटिक्स करियर की संभावनाओं से भरपूर एक बेहतरीन विषय है। इसकी पढ़ाई देश-विदेश में रोजगार के मौके प्रदान करती है। इसकी पढ़ाई और करियर के बारे में बता रही हैं नमिता सिंह-
आनुवंशिकता (जेनेटिक्स) जन्मजात शक्ति है, जो प्राणी के रूप-रंग, आकृति, यौन, बुद्धि तथा विभिन्न शारीरिक व मानसिक क्षमताओं का निर्धारण करती है। आनुवंशिकता को समझने के लिए आवश्यक है कि पहले वंशानुक्रम को भली-भांति समझा जाए। मुख्यत: वंशानुक्रम उन सभी कारकों को सम्मिलित करता है, जो व्यक्ति में जीवन आरम्भ करने के समय से ही उपस्थित होते हैं यानी वंशानुक्रम विभिन्न शारीरिक व मानसिक गुणों का वह समूह है, जो जन्मजात होते हैं। इस विषय के जानकारों की मानें तो आनुवंशिकता के बिना जीव की उत्पत्ति की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आनुवंशिक क्षमताओं के विकास के लिए उपयुक्त और सुंदर वातावरण काफी सहायक होते हैं। आनुवंशिकता हमें क्षमताएं देती है और वातावरण उन क्षमताओं का विकास करता है।
क्या है जेनेटिक्स
जेनेटिक्स विज्ञान की ही एक शाखा है, जिसमें वंशानुक्रम एवं डीएनए में बदलाव का अध्ययन किया जाता है। इस काम में बायोलॉजिकल साइंस का ज…