Sunday, June 26, 2016

लिक्विड इंजीनियरिंग में कैरियर

निजी कंपनियों के भारतीय पेट्रोलियम कारोबार में प्रवेश करने से लिक्विड इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए कॅरियर के और अधिक अवसर उत्पन्न होने लगे हैं... 

लिक्विड इंजीनियरिंग का संबंध मुख्य रूप से पेट्रोलियम पदार्थों से है। इन दिनों पेट्रोलियम पदार्थों की आवश्यकता जीवन में काफी बढ़ गई है। इसके बिना कई दैनिक कार्य संभव नहीं हैं। इस क्षेत्र में भारत एशिया के तेल और प्राकृतिक गैस बाजार में बड़ा खिलाड़ी बनकर उभर रहा है। इस समय भारत में इस क्षेत्र से लाखों लोग प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से जुड़े हैं। 

बढ़ती जरूरत
हमारे देश में जिन क्षेत्रों का बहुत तेजी से विकास हो रहा है, पेट्रोलियम और ऊर्जा उनमें से एक है। भारत की बड़ी इंडस्ट्रीज में पेट्रोलियम इंडस्ट्री का क्रम सबसे ऊपर आता है। तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग तथा अन्य तेल कंपनियां इस क्षेत्र में भारी लाभ अर्जित रही हैं। पेट्रोलियम और विभिन्न पेट्रो प्रोडक्ट्स के बढ़ते इस्तेमाल के कारण इस फील्ड में कुशल पेशेवरों की काफी मांग रही है।

कार्य प्रकृति
तेल उद्योग को अपस्ट्रीम (अन्वेषण और उत्पादन) तथा डाउनस्ट्रीम (रिफाइनिंग, मार्केटिंग और वितरण) क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें सभी स्तरों पर कॅरियर निर्माण के शानदार अवसर उपलब्ध हैं। लिक्विड (पेट्रोलियम) उद्योग के तहत भूगर्भशास्त्रियों, जियो फिजिस्ट और पेट्रोलियम इंजीनियरों के लिए अपस्ट्रीम गतिविधियों एवं केमिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन और प्रोडक्शन इंजीनियरों के लिए डाउनस्ट्रीम गतिविधियों में कॅरियर के विकल्प उपलब्ध हैं। पेट्रोलियम इंजीनियर विभिन्न क्षेत्रों में इंजीनियरों, वैज्ञानिकों, ठेकेदारों और ड्रिलिंग स्टाफ के साथ मिलकर काम करते हैं। 

कोर्स कैसे-कैसे 
लिक्विड (पेट्रोलियम) इंजीनियरिंग के कोर्स अंडरग्रेजुएट तथा पोस्ट ग्रेजुएट दोनों स्तरों पर संचालित किए जाते हैं। बीटेक के 4 वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र तथा गणित विषयों में 10+2 परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। एमटेक पाठ्यक्रम पेट्रोलियम, पेट्रोकेमिकल, केमिकल तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए खुला है। यह जरूरी नहीं कि इस सेक्टर का द्वार केवल पेट्रोलियम इंजीनियरों के लिए ही खुला है। मार्केटिंग और प्रबंधन क्षेत्र के युवाओं के लिए भी इसमें काफी अवसर हैं। 


मौके कहां-कहां
पेट्रोलियम से संबंधित स्नातकों के लिए कॅरियर निर्माण के तमाम उजले अवसर उपलब्ध हैं। पेट्रोलियम इंजीनियरों की बढ़ती मांग का ही परिणाम है कि इन्हें अच्छे वेतन पर आकर्षक रोजगार देने के लिए पेट्रोलियम कंपनियां हमेशा तैयार रहती हैं।

चूंकि सारी दुनिया में सुरक्षित तथा किफायती ऊर्जा संसाधनों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है, इसलिए इन प्रोफेशनल की मांग का सिलसिला आगामी दशकों में भी जारी रहेगा। पेट्रोलियम उत्पादन कंपनियों, कंसल्टिंग इंजीनियरिंग कंपनियों, कुओं की खुदाई करने वाली कंपनियों के साथ-साथ ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम तथा रिलायंस पेट्रोकेमिकल्स के अलावा रिसर्च और शैक्षणिक संस्थानों में आकर्षक वेतनमान पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।

इस क्षेत्र में पैसों की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम इंजीनियरों के लिए प्रोफेशनल कॅरियर के अलावा रिसर्च के क्षेत्र में भी अच्छे अवसर हैं। वह रिसर्च लैब में बतौर साइंटिस्ट या रिसर्च फेलो के रूप में अनुसंधान तथा विकास कार्य कर सकते हैं। विदेशों, खास तौर पर खाड़ी देशों में भी पेट्रोलियम इंजीनियरों के लिए कॅरियर निर्माण के ढेरों अवसर मौजूद हैं। 

मुख्य संस्थान
राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी, रायबरेली
इंडियन ऑयल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम मैनेजमेंट, गुड़गांव
इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम मैनेजमेंट, गांधीनगर
इंडियन स्कूल ऑफ माइंस, धनबाद
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम, देहरादून
इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी, गांधीनगर