Thursday, June 16, 2016

राजनीतिक विज्ञान से पाएं करियर


राजनीति विज्ञान एक सामाजिक विज्ञान हैजो राजनीति के सिद्धांत और व्यवहार तथा राजनीतिक व्यवस्था के विवेचन एवं विश्लेषण से जुड़ा हुआ है। इस विषय के कई उपभाग हैं । जैसे-राजनीतिक सिद्धांतलोक नीतिराष्ट्रीय राजनीतिअंतरराष्ट्रीय संबंध,  तुलनात्मक राजनीति आदि। इससे पता चलता है कि यह विषय व्यापक क्षेत्र को कवर करता है तथा इस विषय का अध्ययन करने के बाद विविध क्षेत्रों में एवं विभिन्न भूमिकाओं में कार्य करने का अवसर मिल सकता है
राजनीति अपने पुरातन स्वरूप में बड़े बदलाव कर रही हैजो पूरी दुनिया की सामाजिक संरचनाओं को भी प्रभावित कर रही है। ढेरों ऐसे संगठन इस बदलाव को समझने और नई रणनीतियों को बनाने के लिए बन रहे हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है। तमाम राजनीतिक दल अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए नए तरीके और आइडियाज पर काम कर रहे हैं। थिंक टैंक और संगठन तक में आधुनिक तौर तरीकों से बदलाव किए जा रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की बाजार में मांग पैदा हो रही है जो इन बदलावों को बेहतर तरीके से समझते हों या राजनीतिक समझ को बेहतर करने में सक्षम हों। पॉलिटिकल साइंटिस्ट और थिंक टैंक जैसे नए पदनामों के साथ राजनीति विज्ञान ने आधुनिक दुनिया में बेहतर करियर बनाने के ढेरों नए अवसर पैदा किए हैं। राजनीतिक सिद्धांतलोकनीतिराष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिवैश्विक संबंध और तुलनात्मक राजनीति जैसे क्षेत्र उनका स्वागत करने के लिए हाथ पसारे खड़े हैं।
क्या पढ़ना होगा
राजनीति विज्ञान में स्नातक के अलावा इंटेलेक्चुअल प्रॅपर्टी राइट्सइंटरनेशनल रिलेशंसलोकल गवर्नेंसपब्लिक एडमिनिस्ट्रेशनपॉलिटिक्सपब्लिक पॉलिसी में स्नातकोत्तरएमफिल और पीएचडी की जा सकती है। क्षेत्र विशेष में अपनी विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए मिनिस्ट्रीपंचायती राजइंडियन पॉलिटिकल सिस्टम और गुड गवर्नेंस में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज भी भारत में उपलब्ध हैं।
सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं
राजनीति विज्ञान सिर्फ  विचार समझने और विकसित करने तक ही सीमित नहीं है बल्कि उसे प्रचारित और प्रसारित करने तक आगे बढ़ चुकी है। यह जनमत निर्माण के लिए सोचने से आगे लिखने और बेहतर वक्ता होने तक की मांग करती है इसलिए इस क्षेत्र में करियर निर्माण के लिए सोचने वाले युवाओं को अपने पूरे व्यक्तित्व पर भी काम करना होगा। इस विधा में महारत रखने वाले उम्मीदवारों के लिए लॉ फर्म्समार्केटिंग रिसर्च फम्सफील्ड रिसर्चलॉ इंफोर्समेंट एजेंसी जैसे पुलिस एवं न्यायालय आदिपब्लिशिंग फर्म्सराजनीतिक दल और विभिन्न व्यवसायों में ढेरों बेहतरीन जॉब ऑफर्स इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा वे पॉलिसी एनालिस्टपॉलिटिकल कंमेटेटरपॉलिटिकल राइटरसर्वे कंडक्टरप्री पोल एनालिस्टपब्लिक अफेयर्स रिसर्च एनालिस्टपब्लिक ओपिनियन एनालिस्टकैम्पेन वर्करकैम्पेन डिजाइनरविभिन्न मीडिया समूहों या अखबार में पॉलिटिकल कॉरसपॉन्डेंट या बिजनेस एडमिनिस्ट्रेटर जैसे पद संभाल सकते हैं।
यहां से कर सकते हैं कोर्स
*     हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालयशिमला
*     पीजी कालेजधर्मशाला(हिमाचल प्रदेश)
*     राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयबिलासपुर
*     राजकीय सनातकोत्तर महाविद्यालयसरकाघाट
*     राजकीय महाविद्यालयबैजनाथ
*     दिल्ली विश्वविद्यालयदिल्ली
*     हैदराबाद विश्वविद्यालयहैदराबाद
*     कलकत्ता विश्वविद्यालयप. बंगाल
*     पुणे श्विवविद्यालयपुणे
*     बनारस हिंदू विश्वविद्यालयवाराणसी
*     हिंदू कालेजदिल्ली
*     पंजाब विश्वविद्यालयचंडीगढ़
राजनीति विज्ञान का अन्य समाज विज्ञानों से संबंध
समाजशास्त्रों में पारस्परिक अंतर्निर्भरता पाई जाती है। कोई भी एक समाज विज्ञान समाज का उचित एवं समग्र अध्ययन नहीं कर सकता। इसलिए तमाम समाजशास्त्र आपस में संबंधित हैं और अंतर्शास्त्रीय अध्ययन पद्धति ने फिर से समाजशास्त्रों के इस संबंध को उभार दिया है। आज राजनीतिक अर्थशास्त्रराजनीतिक नैतिकताराजनीतिक इतिहासराजनीतिक समाजशास्त्रराजनीतिक मनोविज्ञान तथा राजनीतिक भूगोल आदि विभिन्न राजनीति विज्ञान की नई शाखाओं का खुलना इस बात का प्रतीक है कि राजनीति विज्ञान अन्य समाज विज्ञानों से संबंध स्थापित किए बिना नहीं चल सकता।
बदलता स्वरूप
यूनानी विचारकों के समय से लेकर आधुनिक काल तक के विभिन्न चिन्तकोंसिद्धांतवेत्ताओं और विश्लेषकों के योगदानों से राजनीति विज्ञान के रूपअध्ययन सामग्री एवं उसकी परंपराएं समय-समय पर परिवर्तित होती रही हैं। तद्नुरूप इस विषय का निरंतर विकास होता रहा है। इस विकासक्रम में राजनीति विज्ञान के अध्ययन के संबंध में दो प्रमुख दृष्टिकोणों का उदय हुआ है। परंपरागत दृष्टिकोण एवं आधुनिक दृष्टिकोण। पारंपरिक या परंपरागत दृष्टिकोण राज्य प्रधानता का परिचय देता है जबकि आधुनिक दृष्टिकोण प्रक्रिया प्रधानता का।
वेतनमान
इस क्षेत्र में वेतनमान इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस पद पद हैं और क्या आप का क्षेत्र सरकारी है या निजी क्षेत्र में आप कार्यरत हैं। स्कूल में अध्यापन कार्य में आरंभ में 10 से 15 हजार तक वेतन मिलता है। कालेज में 35 से 40 हजार तक वेतनमान है।
महत्त्व
राजनीति विज्ञान का महत्त्व इस तथ्य से प्रकट होता है कि आज राजनीतिक प्रक्रिया का अध्ययन राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की राजनीति को समझने के लिए आवश्यक है। प्रक्रिया के अध्ययन से ही वास्तविक राजनीति एवं उनके भीतर अवस्थित तथ्यों का ज्ञान संभव है।