Monday, May 28, 2018

BMS में कैरियर

आज के इस मार्केटिंग के दौर में कई मल्टीनेशनल कंपनियां भारत में कारोबार कर रही हैं. इन अलग-अलग मल्टीनेशनल कंपनियों में मैनेजमेंट के छात्रों के लिए ढ़ेरों करियर के विकल्प हैं. मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की चाह रखनेवाले छात्रों के लिए बीएमएस एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. 12वीं के बाद बीएमएस में तीन साल की बैचलर डिग्री लेकर आप मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं. आइए BMS में कैरियर के बारे में विस्तार से जानते हैं. BMS में कैरियर - बीएमएस का मतलब है 'बैचलर इन मैनेजमेंट स्टडीज '. बीएमएस कोर्स के दौरान मैनेजमेंट के बारे में थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाती है. बीएमएस में थ्योरी के अंतर्गत कॉमर्स, ऑर्गेनाइजेशनल बिहैवियर, मैथ्स और मार्केटिंग फाइनेंस जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं. जबकि प्रैक्टिकल नॉलेज के लिए कई सारे प्रोजेक्ट दिए जाते हैं. इस दौरान छात्रों को सिखाया जाता है कि कैसे बिजनेस की फील्ड में अलग-अलग हालात का सामना करना पड़ता है. BMS में कैरियर - एडमिशन के लिए ज़रूरी शर्तें इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए बारहवीं में कम से कम 45 प्रतिशत नंबर आने ज़रूरी हैं. इस कोर्स में एडमिशन पाने के लिए एंट्रेंस टेस्ट देना पड़ता है और इस टेस्ट को पास करने के लिए छात्रों को इंटरव्यू और जीडी यानि ग्रुप डिस्कशन क्लीयर करना पड़ता है. BMS में कैरियर - कहां से करें ये कोर्स ? बारहवीं के बाद किया जाने वाला बीएमएस कोर्स देश के अधिकांश कॉलेजों में उपलब्ध है. भले आप किसी भी राज्य या फिर किसी भी शहर में क्यों न रहते हों. आप इस कोर्स को दिल्ली और मुंबई युनिवर्सिटी के अंतर्गत आनेवाले कई कॉलेजों के से कर सकते हैं. आपको बता दें कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में इस कोर्स की अवधि 4 साल है. जबकि मुंबई यूनिवर्सिटी में इस कोर्स की अवधि 3 साल है. बीएमएस के बाद करियर ऑप्शन बीएमएस कोर्स करने से न सिर्फ आपको बैचलर की डिग्री मिलती है बल्कि इससे आपको मैनेजमेंट के क्षेत्र में एक्सपर्ट बनने में भी मदद मिलती है. इस कोर्स के बाद छात्र सरकारी नौकरी के लिए कॉम्पटिटिव एग्ज़ाम की तैयारी भी कर सकते हैं इसके साथ ही बैंकिंग और फाइननेंस के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं. इसके अलावा कई मल्टीनेशनल कंपनियों में आप प्रोडक्शन मैनेजर, एचआर मैनेजर, मार्केटिंग मैनेजर, इंफोर्मेशन सिस्टम मैनेजर, रिसर्च एक डेवलपमेंट मैनेजर और बिजनेस कंसल्टेंट के रुप में अपना करियर बना सकते हैं. BMS में कैरियर - इस क्षेत्र में मिलनेवाला पैकेज बीएमएस करने के बाद मैनेजमेंट के क्षेत्र में आप इंटर्नशिप के ज़रिए नौकरी की शुरूआत कर सकते हैं. हालांकि इस क्षेत्र में मिलनेवाली सैलरी कंपनी और काम के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. जहां तक शुरूआती सैलरी की बात है तो करीब 15 हज़ार से 20 हज़ार तक हो सकती है जबकि कुछ कंपनियां इससे ज्यादा सैलरी देती हैं. इस क्षेत्र में जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ेगा आपकी कमाई में भी इज़ाफा होने लगेगा. अगर आप मैनेजमेंट में अपना भविष्य तलाश रहे हैं तो फिर बीएमएस कोर्स करके अपने भविष्य के सपने को साकार कर सकते हैं.