Tuesday, May 8, 2018

बायोटेक्नोलॉजिस्ट कोर्स

बायो और टेक्नोलॉजी के फ्यूजन से बनी बायोटेक स्ट्रीम पूरी तरह रिसर्च बेस्ड है। आने वाले समय में अनेक फील्ड्स में इसके एक्सपर्ट्स की भारी डिमांड रहने की उम्मीद है। ऐसे में इससे रिलेटेड कोर्स कर अपने फ्यूचर को संवारा जा सकता है।
आने वाले समय में जिस क्षेत्र में सबसे ज्यादा नौकरियों के विकास की उम्मीद है, वो ‘बायोटेक्नोलॉजी’ का ही फील्ड है। इसके जरिए इंसानों, जानवरों और पौधो में तरह-तरह के प्रयोग हो रहे हैं, जो भविष्य को एक नई दिशा देंगे। बायोटेक्नोलॉजी के विशाल क्षेत्र में कई विषय आते हैं। जिनमें जेनेटिक्स, बायोकेमेस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, वायरोलॉजी, माल्यूकुलर इंजीनियरिंग आदि मुख्य हैं। इसके अलावा मेडिसिन, एग्रीकल्चर और एन्वॉयरमेंट में भी इसका दखल बढ़ रहा है।
 
मेन कोर्सेस 
पांच वर्षीय एमएससी/एम़ टेक. कोर्स 1964-65 में कोलकाता की जादवपुर युनिवर्सिटी, बायोटेक का फुल टाइम कोर्स शुरू करने वाली देश की पहली यूनिवर्सिटी थी। इन दिनों बायोटेक का बैचलर, मास्टर्स, रिसर्च प्रोग्राम चलाने वाले कॉलेजों की लिस्ट काफी लंबी है। आप बीएससी, बीटेक, एमएससी, एमटेक, एमफिल या पीएचडी करके इसमें आगे बढ़ सकते हैं। सभी कोर्सेस में एडमिशन के लिए क्राइटेरिया और प्रोसेस अलग-अलग हो सकते हैं। जैसे एमएससी के लिए आपका किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से बायोलॉजी या उससे जुडे अन्य विषय में बीएससी होना चाहिए। एमएससी में दाखिला पाने की मुख्य प्रवेश परीक्षाएं हैं ऑल इंडिया बायोटेक्नोलॉजी एंट्रेंस टेस्ट जिसे जेएनयू कराता है। इसे पास करने के बाद आप देश की 32 यूनिवर्सिटी में से किसी एक में दाखिला ले सकते हैं। इसके अलावा आईआईटी में प्रवेश लेने के लिए आपको ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट देना होगा।