Saturday, September 24, 2022

लाइब्रेरी साइंस कोर्स

स्‍कूल कॉलेज हों या फिर सरकारी व प्राइवेट संस्‍थान हर जगह डॉक्यूमेंट्स को संभालने व संरक्षण करने के लिए लाइब्रेरी का उपयोग होता है। इस लाइब्रेरी में किताबों की देखभाल करने वाले को लाइब्रेरियन कहा जाता है। अगर आपको भी किताबों से प्‍यर है और ज्ञान के भंडार के बीच अपना समय बीताना चाहते हैं, तो लाइग्ररियन बन सकते हैं, इसके लिए आपको लाइब्रेरी साइंस का कोर्स करना पड़ेगा, जिसके बाद आप लाइब्रेरी अटेंडेंट, लाइब्रेरी असिस्टेंट, जूनियर लाइब्रेरियन और लाइब्रेरियन जैसे पदों पर रहकर अच्‍छा करियर बना सकते हैं। 
क्या है लाइब्रेरी सांइस का कोर्स
लाइब्रेरी साइंस का दायरा काफी बड़ा है, आज के समय यह एक हाईटेक कार्य के रूप में जाना जाता है। इसलिए इसमें करियर के अवसर भी काफी ज्यादा नजर आ रहे हैं। इस कोर्स के तहत छात्रों को लाइब्रेरी और इंफॉर्मेशन सिस्टम मैनेजमेंट, डॉक्यूमेंटेशन, मैनुस्क्रिप्ट, कैटलॉग, बिबलियोग्राफी आदि के बारे में पढ़ाया जाता है। इस क्षेत्र में अगर आप करियर बनाना चाहते हैं, तो आपको कंप्यूटर की बेसिक जानकारी भी होना जरूरी है। क्योंकि आजकल सारे डेटा और रिकॉर्ड कंप्यूटर पर ही रखे जाते हैं।

लाइब्रेरी साइंस में कोर्स
अगर आप लाइब्रेरी साइंस में करियर बनाना चाहते हैं तो आप डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। इसके लिए कैंडिडेट्स को किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास होना चाहिए। वहीं बैचलर इन लाइब्रेरी साइंस या बैचलर इन लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस के लिए आपको किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएट होना होगा। बैचलर करने के बाद आम मास्टर इन लाइब्रेरी साइंस भी कर सकते हैं। इसके बाद आप एमफिल या पीएचडी कर रिसर्च या टीचिंग के सेक्टर में भी जा सकते हैं।
करियर स्‍कोप क्‍या है
लाइब्रेरी साइंस में इस समय जॉब्‍स की कमी नहीं है, लाइब्रेरी साइंस में ग्रेजुएट होने के बाद आप सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर में जॉब कर सकते हैं। जिस तरह से दिन- प्रतिदिन यूनिवर्सिटी और कॉलेज की संख्या बढ़ रहा है, ठीक उसी प्रकार इस सेक्टर में जॉब के अवसर भी बढ़ रहे हैं। आप किसी भी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, प्राइवेट संस्थान, प्राइवेट लाइब्रेरी, म्‍यूजियम आदि में लाइब्रेरियन के तौर पर काम कर सकते हैं।
इसके अलावा न्यूज़पेपर और न्यूज़ चैनल्स में भी लाइब्रेरियन की नियुक्ति की जाती हैं। अब तो कॉरपोरेट कंपनियों में भी लाइब्रेरी को प्रमोट किया जाता है, ऐसे में यहां पर भी अच्छी सैलेरी के साथ जॉब मिल सकती है। अब जमाना डिजिटल हो चुका है, इसलिए अब ऑनलाइन लाइब्रेरी या कंप्यूटर लाइब्रेरी, डिजिटल लाइब्रेरी का चलन तेजी से बढ़ा है।

करियर ऑप्‍शन क्‍या है
अब लाइब्रेरी साइंस काफी विकसित सेक्टर के रूप में जाना जाता है। जिसकी जरूरत हर जगह पर पड़ती है। जिसके कारण इस क्षेत्र में करियर के अनेक ऑप्शन हैं। आप कोर्स पूरा कर निम्‍न पदों पर रहकर करियर बना सकते हैं। जिसमें जूनियर लाइब्रेरियन, सहायक लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन, लाइब्रेरियन, लाइब्रेरी अटेंडेंट, पुस्तकालय सहायक, शोधकर्ता व वैज्ञानिक, सलाहकार, तकनीकी सहायक, अभिलेख प्रबंधक, सूचना केंद्र का प्रमुख, वरिष्ठ सूचना विश्लेषक, कानून लाइब्रेरियन, इंडेक्सर, सूचना वास्तुकार, पुरालेखपाल शामिल है।
कितनी मिलती है सैलरी
लाइब्रेरी साइंस में कोर्स करने के बाद आप प्रेशर के तौर पर 20 से 30 हजार रूपए कमा सकते हैं, इसके बाद जिस तरह से आपका अनुभ्‍व बढ़ेगा, उसी के अनुसार आपका पद और वेतन भी बढ़ेगा। वहीं अगर आपकी जॉब गवर्नमेंट सेक्‍टर में लग गया तो आप हर माह लाखों रुपए कमा सकते हैं।

कहां से करें कोर्स
  1. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद
  2. पटना विश्वविद्यालय, पटना
  3. दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली
  4. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
  5. एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी, बरेली
  6. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
  7. चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ
  8. लखनऊ यूनिवर्सिटी
  9. गुरुघासीदास यूनिवर्सिटी, छत्तीसगढ़
  10. सीएसजेएम यूनिवर्सिटी, कानपुर
  11. बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी
  12. महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी, गुजरात
  13. जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली
  14. उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी

Tuesday, September 20, 2022

ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर' में करियर

र्यावरण को बेहतर बनाने और सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने के लिए अब 'ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर' पर जोर दिया जा रहा है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है, जिन्हें लैंडस्केप आर्किटेक्ट्स कहा जाता है। अगर आपको आर्किटेक्चर में रुचि है और आप पर्यावरण को बेहतर बनाने में अपना योगदान देना चाहते हैं, तो यह फील्ड आपके लिए परफेक्ट है।

क्या है लैंडस्केप आर्किटेक्चर?

यह आर्किटेक्चर की सब-ब्रांच है, जिसमें सार्वजनिक स्थलों, लैंडमार्क्स या पार्क्स आदि को डिजाइन करना, उनकी प्लानिंग करना और उनका मैनेजमेंट शामिल होता है। लैंडस्केप आर्किटेक्ट्स अपनी विशेषज्ञता के जरिए जगह की जरूरत को देखते हुए ऐसी डिजाइन तैयार करते हैं, जो देखने में आकर्षक होती हैं। इसमें हरियाली का भी खास खयाल रखा जाता है।

कौन-से कोर्स?

इस फील्ड में करियर बनाने के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषय होना जरूरी है। इसके बाद आप बैचलर इन आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, बैचलर ऑफ लैंडस्केप आर्किटेक्चर या बैचलर ऑफ साइंस इन लैंडस्केप आर्किटेक्चर का कोर्स कर सकते हैं।

भविष्य की संभावनाएं

आप सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में अर्बन प्लानिंग, साइट प्लानिंग, एन्वायर्नमेंट प्लानिंग, रियल एस्टेट और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर ऑर्गेनाइजेशन्स व कंपनीज में काम कर सकते हैं या अपना बिजनेस भी शुरू कर सकते कमाई कितनी? इस फील्ड में शुरुआत 2-4 लाख रुपए के एनुअल पैकेज से होती है। थोड़े अनुभव के बाद 8-10 लाख रुपए के एनुअल पैकेज पर जॉब मिल सकती है।

कैसी है वर्क प्रोफाइल?

इस फील्ड में आप लैंडस्केप आर्किटेक्ट, साइट डिजाइनर, सिविल इंजीनियर, आर्किटेक्ट, डिजाइनर, आर्किटेक्ट मैनेजर, लैंडस्केप कंसल्टेंट, लैंडस्केप आर्किटेक्ट सुपरवाइजर आदि के तौर पर काम कर सकते है।

जरूरी स्किल्स

इस फील्ड में सफल होने के लिए आपमें क्रिएटिविटी के साथ-साथ डिजाइन को समझने का एप्टिट्यूड भी होना चाहिए। कम से कम स्पेस में बेहतरीन डिजाइन तैयार करने की कला आपमें होनी चाहिए। इसके अलावा अलग-अलग तरह के पौधों के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

प्रमुख संस्थान

- एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग

- स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर

- सीसीएलएस कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर एंड डिजाइन सीईपीटी यूनिवर्सिटी

- डॉ. भानुबेन नानावटी कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर फॉर विमेन

- डॉ. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट-- 

Sunday, September 18, 2022

बी. टेक बायोटेक्नोलॉजी

बी. टेक बायोटेक्नोलॉजी एक undergraduate स्तर का कोर्स है। इसकी फुल फॉर्म है Bachelor of technology in biotechnology है। इस कोर्स में बायोलॉजी और केमिकल इंजीनियरिंग के एक साथ प्रयोग से सजीव जीवों और उनसे मिलने वाले उत्पादों को और अधिक बेहतर बनाने पर काम किया जाता है।

बी. टेक बायोटेक्नोलॉजी 4 वर्षीय पाठ्यक्रम है जिसे 8 सेमेस्टरों में आयोजित किया जाता है। वर्तमान समय में विज्ञान संकाय के छात्रों द्वारा चयनित किया जाने वाला यह एक पसंदीदा कोर्स है।

● अनिवार्यता (Eligibility)

बी. टेक बायोटेक्नोलॉजी कोर्स में प्रवेश के लिए छात्र का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वी में 50 से 60% अंक के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है इसके साथ ही छात्र 12वी में विज्ञान संकाय से होना चाहिये और उसके पास physics, chemistry, biology या mathematics विषय होने चाहिए।

B.Tech biotechnology में एडमिशन मेरिट और इंट्रैन्स एग्जाम के आधार पर होता है। एडमिशन के लिए छात्रों को JEE mains and JEE advance जैसी प्रवेश परीक्षा पास करनी होती हैं।

● फीस (Fees) – सरकारी और प्राइवेट कॉलेज के अनुसार आपके कोर्स की फीस निर्धारित होती है। तो आपके पूरे कोर्स की फीस लगभग 25 हजार से 7 लाख तक हो सकती है।

● कैरियर (Job & Career) – अगर आप आगे पढ़ाई करना चाहते है इस क्षेत्र में तो M.Tech biotechnolgy भी कर सकते हैं।

यदि आप जॉब में कैरियर बनाना चाहते हैं तो आप प्राइवेट और सरकारी दोनो सेक्टर में काम कर सकते हैं। B.Tech biotechnology डिग्री प्राप्त करने के बाद आप biochemist, lab technician, research scientist, biotech analyst आदि की जॉब कर सकते हैं।

इनके अलावा आप मेडिकल, फ़ूड सेक्टर , केमिकल सेक्टर , हॉस्पिटल, रिसर्च सेंटर, लैबोरेटरी, एजुकेशनल इंस्टिट्यूट, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर विभाग, एनिमल हसबैंडरी, पर्यावरण विभाग आदि में जॉब कर सकते हैं।

● सैलरी (Sallery) – B.Tech बायोटेक्नोलॉजी के बाद जॉब में सैलरी प्रत्येक पोस्ट के आधार पर अलग अलग होती है परन्तु कम से कम सैलरी इसमे लगभग 5 लाख से 8 लाख प्रतिवर्ष होती ही है।

इसके बाद आपके अनुभव और आपकी काबिलियत के आधार पर आप इस सेक्टर में अच्छी कमाई कर सकते हैं और अपनी आय को 15 लाख और इससे अधिक भी बढ़ा सकते हैं।

Monday, September 12, 2022

फॉरेंसिक साइंस में CAREER

फॉरेंसिक साइंस की फील्ड में काम करने वाले प्रोफेशनल फॉरेंसिक साइंस साइंटिस्ट या फॉरेंसिक साइंस एक्सपर्ट्स कहलाते हैं। फॉरेंसिक साइंस साइंटिस्ट्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके क्राइम स्पॉट पर मौजूद सबूतों की जाँच करते हैं और अपराधियों को पकड़ने में मदद करते हैं। इसके लिए वे क्राइम सीन, ब्लड सेंंपल, डीएनए प्रोफाइलिंग आदि की जांच करते हैं।
फॉरेंसिक साइंस का इस्तेमाल आपराधिक मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है। फॉरेंसिक साइंस में केमिस्ट्री, बायोलॉजी, फिजिक्स, जियोलोजी, साइकोलॉजी, सोशल साइंस, इंजीनियरिंग आदि फील्ड्स शामिल होती हैं। इस फील्ड में काम करने वाले प्रोफेशनल फॉरेंसिक साइंस साइंटिस्ट या फॉरेंसिक साइंस एक्सपर्ट्स कहलाते हैं। फॉरेंसिक साइंस साइंटिस्ट्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके क्राइम स्पॉट पर मौजूद सबूतों की जाँच करते हैं और अपराधियों को पकड़ने में मदद करते हैं। इसके लिए वे क्राइम सीन, ब्लड सेंंपल, डीएनए प्रोफाइलिंग आदि की जांच करते हैं।

कोर्स

फॉरेंसिक साइंस में करियर बनाने के लिए 12th में साइंस होनी ज़रूरी है। आप फोरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी या फॉरेंसिक साइंस एंड लॉ में एक वर्षीय डिप्लोमा कर सकते हैं। आप फॉरेंसिक साइंस 3 साल की बीएससी, 2 साल की एमएससी भी कर सकते हैं। इस फील्ड में स्पेशलाइजेशन और रिसर्च करने के इच्छुक हों तो फॉरेंसिक साइंस में पीएचडी और एमफिल भी कर सकते हैं।

जरूरी स्किल्स

एक फॉरेंसिक साइंस साइंटिस्ट को जिज्ञासु होना चाहिए और साहसिक कार्यों में दिलचस्पी होनी चाहिए। इस फील्ड में हर कदम पर चुनौती है इसलिए आपको दिमागी तौर पर मजबूत होना जरूर है। इसके साथ ही आपके अंदर मजबूत कम्युनिकेशन स्किल्स होना भी बेहद जरूरी है। एक फॉरेंसिक साइंस साइंटिस्ट को कई तरह की टेस्ट रिपोर्ट लिखनी होती हैं इसलिए आपकी राइटिंग स्किल्स भी अच्छी होनी चाहिए।फॉरेंसिक साइंस साइंटिस्ट को सबूतों की जाँच करनी होती है इसलिए आपको एकाग्रता और सतर्कता के साथ काम करना आना चाहिए।    


जानें कहां मिलेगी नौकरी

इस फील्ड में सरकारी और प्राइवेट जॉब्स की भरमार है। फॉरेंसिक साइंस में डिग्री हासिल करने के बाद आपको पुलिस, लीगल सिस्टम, इंवेस्टिगेटिव सर्विस जैसी जगहों पर जॉब मिल सकती है। वहीं, कोई प्राइवेट एजेंसी भी आपको बतौर फॉरेंसिक साइंटिस्ट्स जॉब ऑफर कर सकती है। अगर आप में योग्यता है तो आपको फॉरेंसिक साइंटिस्ट इंटेलि‍जेंस ब्यूरो और सीबीआई में भी नौकरी का अवसर प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा आप किसी फॉरेंसिक साइंस शिक्षण संस्थान में टीचर के रूप पढ़ा कर अच्छी सैलरी कमा सकते हैं। 

सैलरी

योग्यता के आधार पर आपको शुरुआत में 20-50 हजार रुपये प्रतिमाह तक सैलरी मिल सकती है। समय के साथ अनुभव होने पर आप 6 से 8 लाख रुपये तक महीना कमा सकते हैं।

Tuesday, August 30, 2022

बैचलर ऑफ आर्ट्स इन एंथ्रोपॉलजी में करियर

कक्षा 12वीं पास करने के बाद अक्सर ही इस चिंता में रहते हैं कि वह क्या कोर्स पढ़ें क्या न पढ़े। ऐसी स्थिति में वह जिस स्ट्रीम से है उससे जुड़े सभी कोर्स के बारे में जानना जरूरी है। ताकि आप आसानी से ये फैसला ले सकें कि आप आगे किस फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं। तो आज हम आपको बैचलर ऑफ आर्ट्स इन एंथ्रोपॉलजी- बीए एंथ्रोपॉलजी के बारे में बताने जा रहे हैं। बीए एंथ्रोपॉलजी 3 साल का अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम है। 3 साल की अवधि वाले इस कोर्स को सेमेस्टर सिस्टम के तहत 6 सेमेस्टर में बांटा गया है। 1 साल में 2 सेमेस्टर होते हैं। ये मानव व्यवहार और सामाजिक अस्तित्व को समझने में मदद करता है। इस कोर्स में छात्रों को सोशियोकल्चरल, बायोलॉजिकल, लिंग्विस्टिक और आर्कलॉजिकल साइंस के बारे में पढ़ाया जाता है। कक्षा 12वीं के बाद छात्र ये कोर्स कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें 12वीं में कम से कम 55% अंक लाने जरूरी है। बीए एंथ्रोपॉलजी कोर्स की फीस 10 हजार से 40 हजार तक हो सकती है। ये संस्थान आधारित होती है। हर संस्थान का अपना फीस स्ट्रक्चर होता है। जिसके अनुसार कोर्स की फीस तय की जाती है।

बीए एंथ्रोपॉलजी योग्यता बीए एंथ्रोपॉलजी कोर्स में प्रवोस लेने के लिए छात्र को किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से कक्षा 12वीं पास होना चाहिए।

कक्षा 12वीं में छात्रों के कम से कम 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए तभी वह इस कोर्स के लिए योग्य माना जाएगा। यदि आप आरक्षित श्रेणी (एससी, एसटी, ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर) से हैं तो आपको 5 प्रतिशत अंकों की छुट मिलेगी। बीए एंथ्रोपॉलजी कोर्स में प्रवेश के लिए आर्ट्स स्ट्रीम से छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

 बीए एंथ्रोपॉलजी प्रवेश प्रक्रिया बीए एंथ्रोपॉलजी में प्रवेश के लिए छात्र मेरिट और प्रवेश परीक्षा दोने के लिए आवेदन कर सकते हैं। मुख्य तौर पर इस कोर्स में प्रवेश के लिए कट ऑफ जारी की जाती है। लेकिन कई ऐसे संस्थान है जो प्रवेश परीक्षा का आयोजन पर दाखिला ले सकते हैं।

 मेरिट लिस्ट में छात्रों के 12वीं के अंको के आधार पर कट ऑफ लिस्ट बनाई जाती है। आपक द्वारा 12वीं में हासिल अंकों को उसमें शामिल किया जता है जिसके आधार पर आप प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश परीक्षा के लिए कक्षा 12वीं में छात्रों के कम से कम 55 प्रतिशत अंक होने आवश्यक है ताकि वह कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद छात्रों को आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाता है।

बीए एंथ्रोपॉलजी 3 साल का कोर्स है इसे कोर्स को 6 सेमेस्टर में बांटा गया है। 

बीए एंथ्रोपोलॉजी कॉलेज और फीस सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई - 5,537 रुपए डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर मेरिट-आधारित - 4,300 रुपए विद्यासागर विश्वविद्यालय, मिदनापुर मेरिट-आधारित - 1,900 रुपए कॉटन यूनिवर्सिटी, गुवाहाटी - 4,450 रुपए डिमोरिया कॉलेज, गुवाहाटी - 2,700 रुपए दूधनोई कॉलेज, गोलपारा - 3,420 रुपए गोस्नर कॉलेज, रांची - 8,450 रुपए एमवीआर डिग्री कॉलेज, विशाखापत्तनम - 3,500 रुपए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, गढ़वाल - 14,890 रुपए ऊपर दिए सभी कॉलेज में छात्र मेरिट बेस पर प्रवेश ले सकते हैं। छात्रों को बता दें कि मेरिट लिस्ट या कट ऑफ लिस्ट आपके 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर बनती है। जितने अच्छे आपके अंक उतने अच्छे और पसंदिदा कॉलेज में आप दाखिला ले सकते हैं। बीए एंथ्रोपोलॉजी कोर्स के प्रकार बीए एंथ्रोपोलॉजी कोर्स छात्र दो मोड में कर सकते है। एक फूल टाइम कोर्स यानी रेगुलर और डिस्टेंस मोड यानी ओपन से पढ़ाई। फूल टाइम कोर्स- रेगुलर कोर्स में छात्र कॉलेज की गतिविधियों में शामिल रहते हैं। कोर्स की क्लासेस रेगुलर चलती है। डिस्टेंस मोड- ओपन से कोर्स पढ़ने वाले छात्र घर बैठे कोर्स की पढ़ाई कर सकते हैं। उन्हें क्लासेस लेना जरूरी नहीं। छात्रों को केवल परीक्षा देने के लिए ही जाना होता है। इग्नु- इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी भी बीए एंथ्रोपोलॉजी में डिग्री देती है। ओपन से इस कोर्स की फीस 26 हजार 400 रुपए है। इसमें दाखिला मेरिट बेस पर दिया जाता है। बीए एंथ्रोपोलॉजी जॉब प्रोफाइल और सैलरी टूर गाइड के तौर पर आप 3.50 लाख तक सालाना कमा सकते हैं। लिंग्विस्ट के तौर पर आप 4.85 लाख रुपए आराम से कमा सकते हैं। अर्बन प्लानर के तौर पर आप 5 लाख रुपए आराम से कमा सकते हैं। क्यूरेटर के तौर पर आप 5.75 लाख रुपए आराम से कमा सकते हैं। आर्कविस्ट के तौर पर आप 6.60 लाख रुपए तक कमा सकते हैं। कल्चरल रिसोर्सेज मैनेजर के तौर पर आप 7.52 लाख रुपए आराम से कमा सकते हैं।

 टॉप भार्तिकर्ता एंथ्रोपोलॉजी डिपार्टमेंट्स एपिडेमियोलॉजी आर्ट गैलरीज क्यूरेटर पब्लिशिंग हाउस एनजीओस (NGOs) आर्काइव म्यूजियम एंड लाइब्रेरी कमीशन ऑफ शेड्यूल कास्ट आर्ट गैलरीज डॉक्यूमेंट्री फिल्म कंपनी डिपार्टमेंट ऑफ कॉर्पोरेट हाउस एंड इंडस्ट्रीज बीए एंथ्रोपोलॉजी के बाद एंथ्रोपोलॉजी में बीए करने के बाद छात्र चाहें तो नौकरी कर सकते हैं लेकिन अगर वह आगे पढ़ना चाहते हैं तो उसके लिए भी छात्रों के पास कई अच्छे ऑप्शन है। एमए इन एंथ्रोपोलॉजी एमबीए पीएचडी सोशल वर्क

Saturday, August 27, 2022

बीडीएस में करियर

बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) कोर्स का परिचय

डेंटल सर्जरी या बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) में स्नातक का पाठ्यक्रम एक ही क्षेत्र में दंत समस्याओं, डेन्चर और सर्जरी के कई तत्वों को कवर करता है। एमबीबीएस के बाद बीडीएस या बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी सबसे लोकप्रिय वैज्ञानिक दिशा है। यह दिशा आपको डेंटल सर्जन बनाती है। इस 5-वर्षीय पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से पूरा करने वाले उम्मीदवारों को अतिरिक्त रूप से डॉक्टर की उपाधि से सम्मानित किया जाता है और वे लाइसेंस प्राप्त करने के बाद दंत चिकित्सा अभ्यास कर सकते हैं।

बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) का सफलतापूर्वक पीछा करने वाले अभ्यर्थियों के लिए चिकित्सा के साथ-साथ व्यक्तिगत क्षेत्र में कुछ अवसरों से अधिक खुलेंगे। छात्रों के लिए डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया में अपना पंजीकरण कराना आवश्यक है, जो बीडीएस मार्ग को नियंत्रित करता है, ताकि वे अपनी डिग्री पूरी होने के बाद अपने पेशे का अभ्यास करने के लिए पात्र बन सकें। डिप्लोमा को भारतीय दंत चिकित्सा परिषद के माध्यम से शीघ्र ही डीसीआई कहा जाता है। वे डेंटल हिस्टोलॉजी, ओरल पैथोलॉजी, ओरल सर्जरी इत्यादि से युक्त पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाने वाले विषयों की संख्या हैं।

पाठ्यक्रम में विशेषज्ञता क्षेत्र

दंत शल्य चिकित्सा के स्नातक के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदर्शन करने के लिए कई विकल्प हैं। बीडीएस पाठ्यक्रम के सभी विशेषज्ञता क्षेत्रों के छात्रों को प्रति वर्ष वेतन पैकेज की एक अच्छी राशि मिलती है।

एक बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) एस्पिरेंट डेंटल सर्जन, ओरल पैथोलॉजिस्ट, पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट में प्रोफेसर, डेंटल हाइजीनिस्ट, डेंटल लैब सेरेमिस्ट आदि के रूप में स्पेशलाइजेशन कर सकता है। बहुमुखी संभावनाएं हैं।

बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) प्रवेश परीक्षा

भारत में बीडीएस में प्रवेश के लिए बहुत अधिक प्रवेश परीक्षाएँ नहीं होती हैं। देश भर में स्टेज परीक्षा NEET BDS पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एकमात्र परीक्षा है। इच्छुक उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करना होगा और अपना निजी विवरण भरना होगा। फिर उन्हें ऑनलाइन उपयोगिता संरचना को भरना चाहिए और इसे वहां सौंपना चाहिए।

2016 के बाद से, यह अनिवार्य बना दिया गया है कि एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, और किसी भी अन्य नैदानिक मार्ग जैसे गाइडों के लिए प्रवेश देशव्यापी डिग्री परीक्षा एनईईटी के माध्यम से पूरी तरह से होगा। भारत में सबसे अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक होने के साथ-साथ, NEET देश भर में या भारत में उच्च रैंक वाले डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पर्याप्त अभिन्न है।

बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) पात्रता मानदंड

बीडीएस डिग्री के कार्यक्रम में दाखिला लेने के लिए उम्मीदवार को रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिकी के साथ 10 + 2 या उच्चतर माध्यमिक योग्यता के रूप में उत्तीर्ण होना चाहिए। पांच वर्षीय स्नातक दंत चिकित्सा कार्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवार की आयु कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए और ऊपरी आयु सीमा मानदंड 25 हैं।

यदि कोई उम्मीदवार 25 वर्ष से अधिक या 17 वर्ष से कम है, तो वह पात्रता मानदंड के अनुसार बीडीएस डिग्री पाठ्यक्रम के लिए नामांकन के लिए पात्र नहीं है। तीनों विषयों रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, और भौतिकी में न्यूनतम अंक की आवश्यकता कम से कम 50% और अन्य सभी विषयों में 30% उनकी उच्च माध्यमिक या समकक्ष परीक्षाओं में होती है।

बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) प्रवेश प्रक्रिया

छात्र को अपने उच्चतर माध्यमिक या 10 + 2 स्तर में अच्छे अंक प्राप्त करने चाहिए और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि अच्छी होनी चाहिए। एक प्रतिष्ठित कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए छात्र को प्रवेश परीक्षा एनईईटी पास करना होगा। अभ्यर्थी को परीक्षा से कम से कम एक वर्ष पहले अपनी NEET परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। फिर आप अपने NEET परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया द्वारा अपना कॉलेज प्राप्त करेंगे, जो आमतौर पर तीन राउंड में आयोजित किए जाते हैं।

अपने इच्छित कॉलेज में पहुंचने के बाद, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कॉलेज आपकी सभी अपेक्षाओं को पूरा कर रहा है या आप उनकी आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर और उनके पूर्व छात्रों से बात करके कॉलेज के विवरण की जांच कर सकते हैं क्योंकि आप पैसे का निवेश कर रहे हैं और यह एक विषय भी है जो आपके करियर के लिए मायने रखता है, इसलिए आपको उस कॉलेज के बारे में सावधान रहना चाहिए, जिसमें आप दाखिला लेना चाहते हैं और वे जो नौकरी के अवसर प्रदान करेंगे। ज्ञान प्राप्त करने के लिए आपको उनकी अध्ययन संरचना और पाठ्यक्रम की जांच करनी चाहिए।

भारत में बीडीएस शुल्क संरचना

भारत में बीडीएस कॉलेज के लिए औसत शुल्क संरचना 8 लाख रुपये प्रति वर्ष से लेकर 10 लाख रुपये प्रति वर्ष हो सकती है। यदि आप किसी सरकारी कॉलेज में जाते हैं तो शुल्क संरचना कम होगी और यदि आप निजी कॉलेज में भर्ती होते हैं तो आपकी शुल्क संरचना अधिक होगी।

बीडीएस अवधि और पाठ्यक्रम 

बीडीएस के पाठ्यक्रम को 5 वर्षों में विभाजित किया गया है जो भारत में बीडीएस की डिग्री प्राप्त करने की अवधि है। आपके कॉलेज के सभी 5 वर्षों में, आपको सामान्य मानव मनोविज्ञान और जैव रसायन, दंत सामग्री, पोषण और डायटेटिक्स, डेंटल एंटोनीज, भ्रूणविज्ञान, ओरल हिस्टोलॉजी, जनरल पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, प्रीक्लिनिकल कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री और प्रोस्थोडॉन्टिक्स, मुकुट और पुल, पीरियडोंटोलॉजी, सार्वजनिक स्वास्थ्य दंत चिकित्सा जैसे विषयों के बारे में पता चल जाएगा। 

ध्यान दें कि आप केवल 4 साल तक विषयों के बारे में सीखेंगे और एक वर्ष आपकी इंटर्नशिप के लिए होगा। आप अपने अनुभव के लिए सरकारी अस्पतालों या निजी दंत चिकित्सा क्लीनिकों में इंटर्नशिप में शामिल हो सकते हैं। आपको अपने कॉलेज के 4 साल पूरे होने के बाद एक प्रशिक्षु होने का भुगतान भी मिलेगा। बीडीएस के बाद एडवांस सर्टिफिकेट पाने और डेंटल सर्जरी के क्षेत्र में अधिक सफलता हासिल करने के लिए आप एमडीएस भी कर सकते हैं।

बीडीएस जॉब रोल्स और रोजगार क्षेत्र

निजी क्षेत्र के साथ-साथ सरकारी क्षेत्रों में बीडीएस डिग्री धारकों के लिए कई कार्य भूमिकाएँ हैं। उनमें से कुछ नीचे उल्लिखित हैं

  • दन्त शल्य – चिकित्सक
  • endodontic
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य दंत चिकित्सा
  • विषमदंत
  • प्रोस्थोडोन्टिक्स
  • सेना के दंत वाहिनी
  • भारतीय नौसेना या भारतीय वायु सेना डेंटल सर्जन

उपरोक्त सूची में से दो का उल्लेख सरकारी नौकरियों के लिए है उन्हें प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को सरकारी परीक्षाओं को मंजूरी देनी चाहिए जो सरकारी नौकरियों के लिए भारत में उपलब्ध रिक्तियों पर आधारित हैं।

भारत में बीडीएस का वेतन

बीडीएस डिग्री धारक जो फ्रेशर्स के रूप में काम करना चाहते हैं, वे अपने औसत वेतन को 15000/- से 30000/- प्रति माह होने की उम्मीद कर सकते हैं, वे अपने पोस्ट ग्रेजुएशन को एमडीएस की डिग्री के साथ कर सकते हैं जो कि दंत चिकित्सा में मास्टर डिग्री है। उनकी सैलरी उनके जॉब प्रोफाइल पर आधारित होती है।

Monday, August 22, 2022

बीयूएमएस कोर्स

BUMS Course Details In Hindi - यूनानी मेडिसिन और सर्जरी के क्षेत्र में BUMS बेहतरीन कोर्स होता है। मेडिकल फील्ड में करियर बनाने के लिए 12वीं के बाद बहुत से कोर्स उपलब्ध हैं जैसे MBBS, BAMS, BDS आदि। ऐसे स्टूडेंट्स जो यूनानी चिकित्सा में भविष्य बनाना चाहते हैं वे BUMS कोर्स करते हैं। यहां पर BUMS कोर्स की संपूर्ण जानकारी (BUMS course details in hindi) दी गई है।
यदि आप 12वीं के बाद BUMS कोर्स करना चाहते हैं तो यह आर्टिकल पूरा जरूर पढ़ें। यहां पर BUMS full form in hindi, BUMS क्या है? इस कोर्स के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, एडमिशन और कोर्स फीस के बारे में बताया गया है। साथ ही भी जानेंगे कि आज के समय में BUMS कोर्स करने के बाद करियर स्कोप क्या है? हमें BUMS कोर्स करना चाहिए या नहीं?

BUMS Course Details In Hindi - BUMS क्या है

बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (BUMS) कोर्स 5.5 वर्ष का होता है। जिसमें 4.5 वर्ष मुख्य पाठ्यक्रम की क्लासेज चलती हैं और अंतिम 1 वर्ष में इंटर्नशिप करनी होती है। भारत में BUMS मेडिकल डिग्री कोर्स सेंट्रल काउंसिल आफ इंडियन मेडिसिन (CCIM) द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

BUMS अंडरग्रैजुएट डिग्री कोर्स है। जिसकी टोटल फीस ₹50000 से ₹500000 तक हो सकती है। BUMS कोर्स करने के बाद यूनानी कंसलटेंट, थैरेपिस्ट, मेडिकल असिस्टेंट आदि जैसी जॉब प्रोफाइल पर नौकरी कर सकते हैं। यूनानी चिकित्सा में प्राचीन प्रक्रियाओं द्वारा मरीज का इलाज किया जाता है।

BUMS Full Form In Hindi (BUMS फुल फॉर्म)

BUMS का फुल फॉर्म होता है "Bachelor of Unani Medicine and Surgery" जिसे हिंदी में 'यूनानी काय चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा स्नातक' के नाम से जानते हैं। BUMS कोर्स में यूनानी चिकित्सा की विभिन्न तकनीकी और प्राचीन तरीके से इलाज के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी जाती है। जिसमें मसाज, डायाफोरेसिस, लीचिंग, एक्सरसाइज आदि शामिल है।


BUMS कोर्स करने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

ऐसे स्टूडेंट्स जो BUMS कोर्स करके बेहतरीन करियर बनाना चाहते हैं। उन्हें इस कोर्स के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करना अनिवार्य होता है। अन्यथा वे इस कोर्स में एडमिशन के लिए एलिजिबल नहीं होते हैं। BUMS कोर्स के लिए योग्यता (एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया) के बारे में नीचे बताया गया है।

  • BUMS कोर्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समांतर परीक्षा न्यूनतम 50% अंक के साथ पास किए हो।
  • 12वीं या समांतर परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी तथा अंग्रेजी मुख्य विषय रहे हो।
  • स्टूडेंट्स की आयु कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए।
  • BUMS कोर्स के लिए किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए यूनिवर्सिटी या राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने होते हैं।
  • 10वीं या 12वीं परीक्षा में उर्दू भाषा होने से BUMS कोर्स में अत्यधिक फायदा होता है।


BUMS कोर्स में एडमिशन कैसे लें - BUMS कैसे करें

BUMS (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा देना होता है। चाहे प्राइवेट कॉलेज हो या गवर्नमेंट कॉलेज BUMS कोर्स में एडमिशन राष्ट्र स्तर, राज्य स्तर या यूनिवर्सिटी स्तर पर आयोजित एंट्रेंस एग्जाम देना होता है। और एंट्रेंस एग्जाम में प्राप्त अंकों के आधार पर कॉलेज में एडमिशन मिलता है।

  • BUMS के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रवेश परीक्षा (NEET UG), राज्य स्तर (OJEE, TS EAMCET) आदि या फिर यूनिवर्सिटी स्तर पर आयोजित प्रवेश परीक्षा के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना होता है।
  • BUMS के लिए आयोजित एंट्रेंस एग्जाम देने के बाद अगले स्टेट में काउंसलिंग प्रोसेस होता है। जिसमें प्रत्येक प्रवेश परीक्षा मेरिट लिस्ट जारी करता है। और कैंडिडेट काउंसलिंग के लिए अप्लाई करता है।


BUMS कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam)

जैसा कि पहले बताया जा चुका है कि BUMS कोर्स में एडमिशन प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है, चाहे गवर्नमेंट कॉलेज हो या प्राइवेट कॉलेज। इसलिए आप विभिन्न एंट्रेंस एग्जाम के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को ध्यान में रखते हुए इन प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।

  • NEET UG
  • Assam CEE entrance test
  • Telangana TS EAMCET entrance test
  • AP EAMCET आंध्र प्रदेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
  • IPU CET (इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट)
  • BVP CET (भारती विद्यापीठ कॉमन एंट्रेंस टेस्ट)


BUMS कोर्स करने के बाद करियर ऑप्शंस

BUMS कोर्स करने के बाद BUMS ग्रेजुएट के लिए प्राइवेट सेक्टर व गवर्नमेंट सेक्टर दोनों में जॉब अपॉर्चुनिटी उपलब्ध होती है। इसके अलावा BUMS ग्रेजुएट हाकिम के तौर पर प्राइवेट प्रैक्टिस भी शुरू कर सकते हैं। यूनानी सेक्टर में BUMS ग्रेजुएट के लिए रोजगार के बहुत से विकल्प होते हैं। वे यूनानी फार्मास्यूटिकल कंपनी या फार्मेसी कंपनी में जॉब कर सकते हैं।


BUMS के बाद रोजगार के क्षेत्र कौन-कौन से हैं?

BUMS कोर्स पूरा करने के बाद आप अपने पसंद के क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। यहां पर ऐसे ही कुछ रोजगार के क्षेत्र बताए गए हैं। जिनमें BUMS ग्रेजुएट करियर बना सकते हैं।

  • गवर्नमेंट और प्राइवेट हॉस्पिटल
  • फार्मेसी
  • फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री
  • रिसर्च लैब
  • एजुकेशनल इंस्टीट्यूट
  • पर्सनल क्लिनिक
  • लाइफ साइंस इंडस्ट्री
  • हेल्थ केयर कम्युनिटी
  • यूनानी चैरिटेबल इंस्टीट्यूट
  • गवर्नमेंट जॉब


BUMS कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल

BUMS कोर्स पूरा करने के बाद आप विभिन्न सेक्टर में विभिन्न जो प्रोफाइल पर करियर बना सकते हैं।

  • हाकिम
  • फार्मासिस्ट
  • यूनानी डिस्ट्रीब्यूटर
  • प्रोफ़ेसर
  • ड्रग इंस्पेक्टर
  • यूनानी कंसलटेंट
  • थैरेपिस्ट


BUMS Course Kitne Saal Ka Hai?

BUMS कोर्स 5.5 वर्ष का होता है। जिसमें 4.5 वर्ष मुख्य पाठ्यक्रम की क्लासें चलती हैं और 1 साल इंटर्नशिप करनी होती है।

क्या MBBS और BUMS समांतर है?

नहीं, BUMS और MBBS दोनों ही अलग-अलग कोर्स है। BUMS कोर्स करने के बाद आप यूनानी फील्ड से संबंधित क्षेत्र में जॉब कर सकते हैं।