Wednesday, March 2, 2022

रेडियोलॉजी टैक्नीशियन

मैडीकल का दायरा सिर्फ डॉक्टर या नर्स तक सीमित नही है, इसमें कई लोग जुड़े होते हैं। उन्हीं में से एक है, रेडियोलॉजी टैक्नीशियन। आजकल हर छोटी-बड़ी बीमारी का आकलन करने के लिए एक्स-रे किया जाता है। यह कार्य रेडियोलॉजिस्ट करते हैं। वर्तमान समय में यह क्षेत्र काफी तेजी से उभर रहा है। करियर बनाने के लिए इस क्षेत्र में बेहतरीन संभावनाएं हैं।
कार्यक्षेत्र
रेडियोलॉजिस्ट शरीर के विभिन्न अंगों का एक्स-रे करते हैं। एक्स-रे करते वक्त मरीज तथा आसपास के लोगों पर रेडियोएक्टिव किरणों का साइड इफैक्ट न हो, इस बात की निगरानी भी रखते हैं। इसके अलावा वे रेडियोग्राफिक उपकरणों की देखभाल तथा रोगियों के रिकॉर्ड्स भी मेंटेन करते हैं । 
कोर्स
रेडियोलॉजी टैक्नीशियन बनने के लिए कई तरह के कोर्स उपलब्ध  हैं। इसमें सर्टीफिकेट कोर्स से लेकर डिप्लोमा, डिग्री और मास्टर्स तक के कोर्स उपलब्ध हैं जैसे बी.एस.सी. इन रेडियोलॉजी (3 साल), सर्टीफिकेट इन रेडियोग्राफी (1 साल), डिप्लोमा इन एक्स-रे टैक्नीशियन (1 साल), पी.जी. डिप्लोमा इन रेडियो थैरेपी टैक्नोलॉजी (2 साल) आदि। 
योग्यताएं
इस क्षेत्र से संबंधित स्नातक डिग्री, सर्टीफिकेट, तथा डिप्लोमा कोर्स करने के लिए फिजिक्स, कैमिस्ट्री व बॉयोलॉजी में 50 प्रतिशत अंकों के साथ बारहवीं पास होना जरूरी है। यदि आप साइंस विषयों में स्नातक हैं, तो पी.जी. डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं।  गौरतलब है कि इसमें प्रवेश मुख्यत: बारहवीं पास अंकों के आधार पर ही होता है, लेकिन कुछ संस्थान एंट्रैंस टैस्ट व इंटरव्यू के आधार पर भी चयन करते हैं । 
करियर  
इस क्षेत्र में स्नातक रेडियोग्राफर, रेडियोलॉजिक प्रौद्योगिकीविद, वैज्ञानिक प्रयोगशाला सहायक, क्लीनिक सहायक, एक्स-रे तकनीशियन, अल्ट्रासाऊंड विशेषज्ञों के रूप में काम कर सकते हैं। डॉक्टर रेडियोलाजिस्ट से एम.आर.आई. और एंजियोग्राफी व इलाज परीक्षण के सभी प्रकार की मदद लेते हैं। 
अवसर
यह करियर विकल्प के तौर पर लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए उपयुक्त है। रेडियो इमेजिंग में एक साल के लंबे कार्यक्रम में  दो सीमैस्टर होते हैं। कोर्स के दौरान छात्रों को शरीर रचना विज्ञान, शरीर विज्ञान, विकिरण भौतिकी, इमेजिंग भौतिकी और रेडियोग्राफिक स्थिति के बारे में जानकारी दी जाती है। सफल स्नातकों के लिए सरकारी और निजी  दोनों क्षेत्रों में काफी संभावनाएं हैं। रेडियोलॉजिस्ट बनने के बाद आप किसी भी नर्सिंग होम, अस्पताल, डाइग्नॉस्टिक सैंटर, अत्याधुनिक अस्पताल या फिर खुद का काम शुरू कर सकते हैं।
सैलरी
भारत में रेडियोलॉजी टैक्नीशियन की शुरूआती सैलरी 8 से 10 हजार रुपए प्रतिमाह होती है। वहीं एक अनुभवी व प्रशिक्षित रेडियोलॉजिस्ट 15 हजार से 20 हजार रुपए प्रतिमाह प्राप्त कर सकता है।
प्रमुख संस्थान 
ऑल इंडिया इंस्टीच्यूट ऑफ मैडीकल साइंसेज, नई दिल्ली 
टाटा मैमोरियल हास्पिटल, मुंबई 
क्रिश्चियन मैडीकल स्कूल,  वैल्लूर, तमिलनाडु
बी.जे. मैडीकल कॉलेज, अहमदाबाद, गुजरात


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BA in Animation and Graphic Design