यदि प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना है और आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ पर्यावरण मुहैया करवाना है, तो जीव जंतुओं के बीच की कड़ी को बनाए रखना होगा। अगर आपको वन क्षेत्र और जंगली जीव-जंतुओं से प्यार है, वन क्षेत्र में समय बिताने में आपको आनंद आता है, यदि वाइल्ड लाइफ आपको आकर्षित करता है, तो वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में आप शानदार करियर बना सकते हैं। आज हम अापको बता रहे है कि कैसे आप इस फील्ड में करियर बना सकते है
कैसे पहुंचें मुकाम पर
इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए विज्ञान विषय से 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है और 12वीं के बाद बायोलॉजिकल साइंस से बीएससी की डिग्री जरूरी है। एग्रीकल्चर में बैचलर डिग्री भी इस क्षेत्र में प्रवेश दिला सकती है। फोरेस्ट्री या एन्वायरनमेंटल साइंस से भी स्नातक की डिग्री ली जा सकती है। बीएससी के बाद वाइल्ड लाइफ साइंस से एमएससी करने वालों के लिए भी यह क्षेत्र असीम संभावनाओं से भरा हुआ है।
रोजगार के अवसर
आज इस क्षेत्र में संभावनाओं की कमी नहीं है। अपेक्षित डिग्री हासिल करने के बाद मुंबई नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी, वर्ल्ड वाइड फंड, वाइल्ड लाइफ इंस्टीच्यूट ऑफ इंडिया, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अलावा कई ऐसे आर्गेनाइजेशंज हैं, जिनमें रिसर्चज और प्रोजेक्ट आफिसर्ज के रूप में काम कर सकते हैं। वाइल्ड बायोलॉजिस्ट के क्षेत्र में भी भरपूर अवसर हैं। इस क्षेत्र में कोर्स पूरा करने के बाद वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरीज, एन्वायरनमेंटल एजेंसी, जूलॉजिकल फर्म, एन्वायरनमेंटल कंसल्टेंसी फर्म, नॉन गवर्नमेंटल आर्गेनाइजेशन, एग्रीकल्चरल कंसल्टेंट फर्म, इंडियन काउंसिल ऑफ फोरेस्ट रिसर्च एंड एजुकेशन और ईको रिहैबिलीटेशन फर्मों में नौकरी पा सकते हैं।
सैलरी
प्राइवेट सेक्टर में वाइल्ड लाइफ साइंटिस्ट को 20 से 25 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता है। यह वेतन सीनियोरिटी और अनुभव के साथ बढ़ता जाता है। पीएचडी होल्डर एक वरिष्ठ वैज्ञानिक का 50 हजार प्रतिमाह वेतन हो सकता है। इसके विपरीत एनजीओ या सरकारी विभाग में वाइल्ड लाइफ साइंस से जुड़े कर्मचारियों को काफी अच्छे वेतनमान पर नौकरियां मिलती हैं।
योग्यता
बायोलॉजी, मैथमेटिक्स तथा स्टेटिस्टिक्स में मजबूत पकड़ हो।
वन्य जीवन के प्रति आकर्षण हो।
बेहतर कम्युनिकेशन स्किल व आंतरिक दक्षता हो।
कम्प्यूटर पर काम करने की जानकारी हो।
क्या करना होता है काम
फील्ड साइट पर पहुंच कर डाटा एकत्र करना।
फील्ड साइट की भौगोलिक स्थिति के मुताबिक ऊबड़-खाबड़ और मुश्किल रास्तों पर चढ़ाई या ड्राइव करना होता है।
वन्य जीव विशेषज्ञों से मिलना और बातचीत करना।
साइंटिफिक पेपर, टेक्निकल रिपोर्ट या पॉपुलर ऑर्टिकल्स का काम पूरा करना या अनुदान या वित्तीय सहायता के लिए लिखना तथा नीति निर्माताओं या कॉलेबोरेटर्स से मुलाकात करना।
जोखिम के साथ पैसा भी
यदि आपको प्रकृति और वन्य जीवों से थोड़ा भी लगाव है या इनके क्रियाकलापों और जीवन को जानने में आपकी विशेष रुचि है तो समझ लीजिए आपको रोजगार की राहें खुल गई हैं। क्योंकि सरकारी संस्थाओं के अलावा देश-विदेश के एनजीओ भी वाइल्ड लाइफ से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट की तलाश करते रहते हैं। हालांकि इस क्षेत्र में अन्य क्षेत्रों की तरह सुविधाएं नहीं हैं, लेकिन आपमें काम करने का जुनून है तो पैसे कोई मायने नहीं रखते। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के काम को समझते हुए संस्थान इस क्षेत्र से जुड़े पेशवरों को धन संबंधी समस्याएं नहीं आने देते।
कोर्स
बीएससी इन वाइल्ड लाइफ
एमएससी इन वाइल्ड लाइफ बायोलॉजी
एमएससी इन वाइल्ड लाइफ
पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री इन वाइल्ड लाइफ साइंस
अंडर ग्रेजुएट कोर्स इन वाइल्ड लाइफ
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एडवांस्ड वाइल्ड लाइफ साइंस
बीएससी इन फोरेस्ट्री इन वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट
डिप्लोमा इन जू एंड वाइल्ड एनिमल हैल्थ केयर एंड मैनेजमेंट
सर्टिफिकेट कोर्स इन वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट
प्रमुख संस्थान
वाइल्ड लाइफ इंस्टीच्यूट ऑफ इंडिया,देहरादून
हिमाचल फोरेस्ट रिसर्च इंस्टीच्यूट, शिमला
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, बंगलूर
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बंगलूर
नेचर कंजरवेशन फाउंडेशन, मैसूर
सौराष्ट्र विश्वविद्यालय राजकोट, गुजरात
गुरु घासीराम विश्वविद्यालय बिलासपुर, मध्यप्रदेश
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़, उत्तरप्रदेश
Wednesday, July 6, 2022
वाइल्ड लाइफ में करियर
Friday, July 1, 2022
जूलॉजिस्ट और वाइल्डलाइफ बायोलॉजिस्ट
प्राणीविज्ञानी और वन्यजीव जीवविज्ञानी की भूमिका
- प्राणीविज्ञानी और वन्यजीव जीवविज्ञानी आमतौर पर निम्नलिखित कार्य करते हैं:
- नियंत्रित या प्राकृतिक परिवेश में जानवरों के साथ प्रयोगात्मक अध्ययन का विकास और संचालन करना।
- आगे के विश्लेषण के लिए जैविक डेटा और नमूने एकत्र करना।
- जानवरों की विशेषताओं का अध्ययन करना, जैसे कि अन्य प्रजातियों, प्रजनन, बीमारियों और आंदोलन के पैटर्न के साथ उनकी बातचीत को समझना।
- उस गतिविधि का विश्लेषण करना जो मानव गतिविधि के तहत वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों पर है।
- वन्यजीवों की आबादी का अनुमान लगाना।
- शोध पत्र, रिपोर्ट और विद्वानों के लेख लिखना जो उनके निष्कर्षों की व्याख्या करते हैं।
- अनुसंधान निष्कर्षों पर प्रस्तुतियाँ देंना।
- वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन के मुद्दों पर नीति निर्माताओं और आम जनता के लिए सिफारिशें करना।
प्राणीविज्ञानी और वन्यजीव जीवविज्ञानी के आवश्यक कौशल
शैक्षणिक योग्यता
प्राणीविज्ञानी और वन्यजीव जीवविज्ञानी की करियर संभावनाएं
Sunday, June 26, 2022
नैनोटेक्नोलॉजी में बढ़िया है करियर
चूंकि नैनोटेक्नोलॉजी इंटर सब्जेक्ट है, इसलिए अपेक्षित योग्यताओं में शामिल हैं - मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, भौतिकी, रसायन शास्त्र, इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिग। आने वाले वक्त में नैनोटेक्नोलॉजी में एमटेक किए हुए छात्रों की मांग में भी इजाफा होने की उम्मीद है। ऐसे में आप तय करें कि आपको कैसी जॉब चाहिए और कुछ कंपनियों की एक सूची बनाइए, जो इस काम के लिए या इससे संबंधित काम के लिए लोगों को खोज रही हों।
हालांकि यह क्षेत्र अभी अपने शुरुआती दौर में है, लेकिन भारत में इसकी शुरुआत दो दशक पहले हो चुकी है। भारत तथा विदेशों की विभिन्न कंपनियों प्रयोगशालाओं में इस विषय के योग्य उम्मीदवारों की काफी मांग है। साथ ही नैनोटेक्नोलॉजी विशेषज्ञों के लिए अब अनेक क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध हो रहे हैं जैसे स्वास्थ्य उद्योग, अनुसंधान परामर्श, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल, कृषि, खाद्य पेय, पर्यावरण उद्योग, सरकारी अनुसंधान विकास, यूनिवर्सिटी एवं निजी रिसर्च इंस्टीट्यूट, शिक्षा, व्यापार, मैनेजमेंट और बायोटेक्नोलॉजी।
नैनो टेक्नोलॉजी का कौशल रखने वाले उम्मीदवारों को रोजगार देने वाली कंपनियों में ऑटोमोबाइल, रसायन, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा समेत तमाम क्षेत्रों में कारोबार करने वाली कंपनियां शामिल हैं। भारत में नैनोटेक उद्योग अब गति पकड़ रहा है और ऐसी लगभग 30 भारतीय कंपनियां हैं, जो नैनाटेक प्रोडक्ट का कारोबार कर रही हैं। इनमें फार्मास्यूटिकल एवं इंस्ट्रूमेंटेशन प्रणालियों की कंपनियां भी शामिल हैं। इससे नैनोटेक एक्सपर्ट्स, रिसर्चर्स के लिए रोजगार की बेहतर संभावनाएं बनेंगी।
नैनोटेक्नोलॉजी का उपयोग करने वाली कंपनियों में शामिल हैं - ऑटो फाइबर क्राफ्ट, बी कैम्स, बिलकेयर, डाबर फार्मा, एरिस टेक्नोलॉजिज, आइकॉन एनालिटिकल इक्विपमेंट, केरला मिनरल्स एडं मेटल्स, माइक्रोमटीरिअल्स (इंडिया), नैनोबायोकेमिकल्स, क्वांटम कॉरपोरेशन, सेंट-गोबेन ग्लास आदि। इनके अलावा नैनोटेक्नोलॉजी की फील्ड में भारत में रोजगार तलाशने वालों के लिए भारतीय यूनिवर्सिटीज में पढ़ाने का विकल्प भी है। इस टेक्नोलॉजी की चकित कर देने वाली मांग और संभावनाओं को देखते हुए लगभग हर भारतीय यूनिवर्सिटी ने नैनोटेक्नोलॉजी/ नैनोसाइंस में स्नातक/ स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू किए हैं। अभी भी इस विषय के शिक्षकों और विशेषज्ञों की उपलब्धता काफी कम है। ऐसे में यहां रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
इस फील्ड में मिनिमम शुरुआती सैलरी 40,000 रुपए है, उम्मीदवार 1,00,000 रुपए और उससे ज्यादा राशि भी पा सकते हैं। विदेशों में नैनोटेक्नोलॉजी विशेषज्ञों की भारी मांग है और वहां लाखों रुपए का पैकेज मिलता है। अनुभव और नियोक्ता कंपनी के आधार पर वेतन के आंकड़े में बढ़ोतरी होती जाती है।
>> मद्रास यूनिवर्सिटी
>> आईआईटी, बॉम्बे
>> वेल्लोर इंस्टीट्यटू ऑफ टेक्नोलॉजी, तमिलनाडु
Monday, June 20, 2022
इकनॉमिक्स में करियर
इकनॉमिक्स करियर के रूप में युवाओं की लिस्ट में पसंदीदा कोर्स बनता जा रहा है। इकनॉमिक्स में करियर बनाने के लिए न केवल देश बल्कि विदेशों में भी कई मौके हैं। यहां हम आपको बता रहे है कि इकनॉमिक्स में आप कौनसा कोर्स कर सकते हैं और कोर्स करने के बाद आपके पास नौकरी के क्या विकल्प हैं।
कौनसा कोर्स करें
इकनॉमिक्स में करियर बनाने से पहले आपको इस विषय में कोर्स चुनना होगा। इकनॉमिक्स में कई डिग्री प्रोग्राम कराए जाते हैं जिनकी लिस्ट हम नीचे दे रहे हैं।
बैचलर कोर्स
बैचलर ऑफ आर्ट्स इन इकनॉमिक्स
बैचलर ऑफ साइंस इन इकनॉमिक्स
बैचलर ऑफ आर्ट्स इन बिजनेस इकनॉमिक्स
बैचलर ऑफ अप्लायड इकनॉमिक्स
बैचलर ऑफ आर्ट्स (ऑनर्स) इकनॉमिक्स
मास्टर्स कोर्स
मास्टर ऑफ आर्ट्स इन फाइनेंशियल इकनॉमिक्स
मास्टर ऑफ आर्ट्स इन इकनॉमिक्स
मास्टर ऑफ आर्ट्स इन बिजनेस इकनॉमिक्स
मास्टर ऑफ आर्ट्स इन अप्लायड इकनॉमिक्स
मास्टर ऑफ साइंस इन इकनॉमिक्स
कहां है नौकरी के मौके
इंडियन इकनॉमिक सर्विस- अगर आपने इकनॉमिक्स में एमए या एमएससी किया है तो आप इंडियन इकनॉमिक सर्विस की परीक्षा में हिस्सा ले सकते हैं इसका आयोजन संघ लोक सेवा आयोग करवाता है। इस परीक्षा को पास करने वाले अभ्यर्थी को ग्रुप ए की नौकरी मिलती है।
बैंकों में मौके- इकनॉमिक्स में डिग्री लेने के बाद आप निजी या सरकारी बैंकों में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। आरबीआई भी इकनॉमिस्ट की भर्ती करता है जिसके लिए समय-समय पर आवेदन मांगे जाते हैं। इसके अलावा सरकारी बैंकों में इकनॉमिस्ट की भर्ती IBPS एग्जाम के जरिए होती है।
अन्य संस्थानों में मौके- इकनॉमिक्स में डिग्रीधारी अन्य सरकारी संस्थानों जैसे नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लायड इकनॉमिक रिसर्च, इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च, इंस्टीट्यूट ऑफ इकनॉमिक ग्रोथ आदि में आवेदन कर सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय संस्थान
बड़े अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों में उन इकनॉमिक्ट्स को मौका मिलता है जिनके पास इस फील्ड का अच्छा अनुभव होता है। जैसे वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ, अंकटाड आदि।
सैलरी
शुरुआत में 4-5 लाख रुपए सालाना का पैकेज मिल जाता है यह पैकेज आपके अनुभव और कंपनी के ऊपर निर्भर करता है।
Saturday, June 11, 2022
बीबीए-एलएलबी कोर्स में करियर
BBA LLB Me Career Kaise banaye in hindi- आज की इस पोस्ट में हम आपको बीबीए एलएलबी क्या है और इसमे कैरियर कैसे बनाये इसके बारे में बतायेंगे। अगर आप भी Law के इस फील्ड में कैरियर बनाने की ख्वाहिश रखते हैं तो यंहा पर आपको BBA LLB Course से जुड़ी हर जानकारी मिलेगी। जिससे कि आपको इस फील्ड के बारे में अच्छी तरह से जान और समझ पाएंगे। इस आर्टिकल के माध्यम से आपको अपने कैरियर का डिसीजन लेने में हेल्फ़ मिलेगी। चलिये BBA Course details in hindi इसके बारे में अब जान लेते है।
BBA LLB Kya hai
बीबीए एलएलबी की फुल फॉर्म Bachelor of Business Administration & Bachelor of Legislative Law होती है। यह 5 बर्ष का इंटीग्रेटेड ला कोर्स है। जिसमे स्टूडेंट्स को बिजनेश एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े लॉ सब्जेक्ट के बारे में पढ़ाया जाता है। यह कोर्स LLB या BA LLB से डिफरेंट है। यह कोर्स ऐसे स्टूडेंट्स के लिए है, जोकि बिजनेस लॉ या कॉरपोरेट Law के फील्ड में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। इसमे कैंडिडेट को प्रॉपर्टी लॉ, बिजनेस लॉ, सिविल लॉ, एडमिनस्ट्रेटिव लॉ, फाइनेंशियल एकाउंटिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन, प्रिंसिपल ऑफ मैनेजमेंट, कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ, फैमिली लॉ, इफेक्टिव कम्युनिकेशन जैसे सब्जेक्ट पढ़ाये जाते हैं।
BBA LLB Me Career Kaise banaye in hindi
इस सेक्टर में कैरियर बनाने के लिए कैंडिडेट को किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास होना चाहिए। इसके साथ ही 12वीं में कम से कम 50% मार्क्स होने चाहिए। इसके बाद आप BBA LLB Course करके इस फील्ड में एंट्री कर सकते हैं। जब आप कोर्स कंप्लीट कर लेते हैं तो इसके बाद आपको किसी भी Corporate Law फर्म में या कॉरपोरेट लॉयर के पास इंटर्नशिप करनी होती है। इसके बाद आप आपको इस फील्ड में असिस्टेंट कॉर्पोरेट लॉयर या असिस्टेंट बिजनेस लॉयर के तौर पर जॉब मिलती है।
Career Scope in BBA LLB
लॉ के इस फील्ड में कैरियर की बेहतरीन ऑपरट्यूनिटी मौजूद हैं। बशर्ते आपके अंदर इस इंडस्ट्री से संबंधित स्किल और जानकारी होनी चाहिए। बिजनेस और कॉरपोरेट के सेक्टर में Corporate लॉयर या बिजनेस लॉयर की काफी अहम भूमिका होती है। इनको बिजनेस से जुड़े कानूनी मुद्दों के बारे में बेहतरीन जानकारी होती है। जिससे कि इनकी कंपनी बिना किसी अड़चन के कानूनी और वैध तरीके से अपना बिजनेस कर सकें।
आज के समय मे पूरी दुनियां ग्लोबल हो चुकी है। विदेशी कंपनियां भारत मे और भारतीय कंपनियां विदेशों में अपने बिजनेस को बढ़ावा दे रही हैं। अपने बिजनेस को बढ़ाने में कंपनियों में होड़ सी लगी रहती है। ऐसे में बिजनेश लॉयर इन कंपनियों के लिए लीगल एडवाइजर की तरह काम करते हैं और उनके बिजनेश में हेल्फ़ करते हैं। किसी भी भी कंपनी या बिजनेश मे कानूनी तौर से आने वाली समस्याओं का बिजनेश लॉयर समाधान करते हैं।
इस प्रकार जिस तरह से दिनों- दिन बिजनेस मैन और कंपनियां बढ़ रही है। उसी तरह से इस सेक्टर में विजनेश ला एक्सपर्ट या एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ एक्सपर्ट की डिमांड बढ़ रही है। एक तरह से देखा जाए तो किसी भी कंपनी के विजनेश को शुरुआत करने से लेकर उसको सफलतापूर्वक संचालित करने का सारा कानूनी प्रोसेस एडमिनिस्ट्रेटिव लॉयर या विजनेश लॉयर ही देखते हैं। इसलिए हर बड़ी कंपनी अपने यंहा पर Law Expert को हायर करती हैं। ताकि ये लॉयर उनकी कंपनी और विजनेश के कानूनी वाद- विवाद को सॉल्व कर सकें। इसलिए BBA LLB scope को लेकर आपके मन में कोई भी डाउट नही होना चाहिए
Admission Process in BBA LLB
बीबीए एलएलबी कोर्स में एडमिशन अच्छे और प्रतिष्ठित कॉलेज में एंट्रेंस एग्जाम के माध्यम से मिलता है। वही कुछ कॉलेजों में आपको एडमिशन 12वीं के बाद मेरिट के आधार पर ही मिल जाता है। अगर आपका सपना किसी Best College से एलएलबी करने का है तो आपको एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करनी चाहिए। जिससे कि आपको लॉ के चुनिंदा कॉलेजों में एडमिशन मिल सकता है। जिससे कि आपको जॉब मिलने में भी आसानी रहेगी।
BBA LLB entrance exam
इस कोर्स में एडमिशन के लिए आप CLAT, LSAT और AILET या अन्य एंट्रेंस एग्जाम दे सकते हैं। अगर आप एंट्रेंस एग्जाम को क्वालीफाई कर लेते हैं तो इसके बाद फाइनल मेरिट के आधार पर आपको एडमिशन मिल जाता है।
BBA LLB course fees
हर कॉलेज का फीस स्ट्रक्चर अलग-अलग होता है। गवर्नमेंट कॉलेज में फीस काफी कम होती है और प्राइवेट कॉलेजों में फीस काफी ज्यादा होती है। इसलिए इस कोर्स की औसतन फीस 30 हजार से लेकर 1.5 लाख प्रतिबर्ष के बीच होती है। अगर आपकी वित्तीय स्थिति अच्छी नही है, तो आपको गवर्नमेंट कॉलेज से कोर्स को करने के बारे में सोचना चाहिए।
BBA LLB job opportunities
इस फील्ड में जॉब के भरपूर अवसर हैं। अगर आपके अंदर इस फील्ड के बारे में नॉलेज और स्किल है तो। वरना खाली डिग्री हासिल करने से आपको जॉब नही मिलने वाली। इस सेक्टर में आप निम्न पदों पर जॉब कर सकते हैं।
कॉरपोरेट लॉयर/ बिजनेस लॉयर
फाइनेंस मैनेजर
लीगल एडवाइजर
लॉ ऑफिसर
बिजनेस एनालिस्ट
कंपनी सेक्रेटरी
अट्टरनी जनरल
लॉयर, आदि
Average package after BBA LLB
इस कोर्स को पूरा करने के बाद आपको एंट्री लेवल पर औसतन सैलरी प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये मिलती है। अनुभव होने के बाद 50 हजार से लेकर लाखों रुपए तक सैलरी मिलती है। इस फील्ड में सैलरी काफी हाई होती है।
उम्मीद है कि BBA LLB Me Career Kaise banaye ये पोस्ट आपको पसन्द आयी होगी। क्योंकि इस पोस्ट में मैंने BBA LLB Course के बारे में डिटेल में बताया है। इससे आपको इस सेक्टर में बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी। इससे आपको अपने कैरियर के डिसीजन लेने में भी काफी हेल्फ़ मिलेगी।
Sunday, June 5, 2022
एकाउंटिंग में ऐसे बना सकते हैं
सामान्य तौर पर कॉमर्स में कक्षा बारह सफलतापूर्वक पास कर लेने के बाद ज्यादातर उम्मीदवार सीए, सीएस और आईसीडब्ल्यूए की तरफ जाते हैं, लेकिन जो इससे इतर कुछ नया कर दिखाना चाहते हैं, उनके लिए भी विकल्प के ढेरों दरवाजे खुल चुके हैं। एकाउंटेंसी में ग्रैजुएशन के अलावा एकाउंटिंग और फाइनेन्स में बीबीए, एकाउंटेंसी में बीकॉम, एकाउंटिंग एंड टैक्सेशन को मिलाते हुए ग्रैजुएशन, एकाउंटिंग और फाइनेंस में ग्रैजुएशन, एडवांस्ड अकाउंटिंग में बीकॉम, कॉरपोरेट एकाउंटिंग में डिग्री, एलीमेन्ट्स ऑफ कॉस्ट एंड मैनेजमेंट एकाउटिंग में ग्रैजुएशन, एकाउंट्स में ऑनर्स, डायरेक्ट एंड इनडायरेक्ट टैक्सेशन में बीकॉम, प्रिंसिपल एंड प्रैक्टिस ऑफ एकाउंटेंसी में डिग्री, टैक्स प्रोसीजर एंड प्रैक्टिस में ग्रैजुएशन के बाद टैक्सेशन, एकाउन्टेन्सी एंड बिजनेस स्टेटिस्टिक्स, अकाउंटिंग एंड ऑडिटिंग, एकाउंटिंग एंड फाइनेन्स, एकाउंटिंग एंड टैक्सेशन, एडवांस्ड एकाउंटिंग, कॉरपोरेट एकाउंटिंग, कॉस्ट कंट्रोल एंड कंट्रोल एकाउंट्स में पीजी किया जा सकता है।
समय के साथ इस क्षेत्र में ढेरों नए अवसर पैदा हो रहे हैं। भारत में युवाओं द्वारा बेहतरीन भविष्य के लिए सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले विषयों में से एक है। डिग्री या डिप्लोमा पूरा होते ही आपको किसी संस्था या कंपनी में ट्रेनी या जूनियर एकाउंटेंट के तौर पर काम करने का मौक़ा मिलता है। इसके अलावा सरकारी क्षेत्र में भी रोजगार के कई अवसर हैं। सभी राज्यों के अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड और चयन आयोग समय-समय पर एकाउंट्स सर्विसेज के लिए आवेदन आमंत्रित करते हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र में फाइनेंस मैनेजर्स, इंडिपेंडेंट वर्कर्स, फाइनेंशियल एडवाइजर, डायरेक्टर फाइनेंस, फाइनेंशियल कंट्रोलर, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, सर्टिफाइट पब्लिक अकाउंटेंट और मैनेजर एकाउंट्स जैसे पदों पर काम करने का मौका मिल सकता है।
एकाउंटेंसी में महारत रखने वालों को निजी क्षेत्र में शुरुआती दौर में 10 हजार से 15 हजार प्रतिमाह की नौकरी आसानी से मिल जाती है, जो समय और अनुभव बढ़ने के साथ बढ़ती जाती है। ढेरों चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म्स भी अनुभवी अकाउंटेंट्स को 5 लाख से 10 लाख सालाना तक के पैकेज आसानी से देती हैं। मल्टीनेशनल कंपनियों का पैकेज 3 लाख से शुरू होकर 50 लाख तक जाता है। यह पूरी तरह व्यक्ति की काबिलियत और विषय पर उसकी पकड़ पर निर्भर करता है।
हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में स्थित यूनिवर्सिटीज से सम्बद्ध कॉलेजेज में एकाउंटेंसी में ग्रैजुएशन और यूनिवर्सिटीज में पोस्ट ग्रैजुएशन तथा पीएचडी कोर्सेज की सुविधाएं प्राप्त हैं, लेकिन भारत के कुछ कॉलेजों को कॉमर्स और उससे संबंधित सिलेबस के लिए बेहतरीन माना जाता है, उनमें से कुछ हैं-
1. श्रीराम काॅलेज आॅफ काॅमर्स, नई दिल्ली।
2. लेडी श्रीराम काॅलेज फाॅर वुमन, नई दिल्ली।
3. लोयोला काॅलेज, चेन्नई।
4. क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरू।
5. सेंट जेवियर काॅलेज, मुंबई।
6. अनिल सुरेन्द्र मोदी स्कूल आॅफ काॅमर्स, मुंबई।
7. सिम्बायोसिस सोसाइटी काॅलेज आॅफ आर्ट्स एंड काॅमर्स, पुणे।
8. सेंट जोसेफ काॅलेज आॅफ काॅमर्स, बेंगलुरु।
9. हंसराज काॅलेज, नई दिल्ली।
10. मद्रास क्रिश्चियन काॅलेज,चेन्नई।
11. आर.ए.पोद्दार काॅलेज आॅफ काॅमर्स एंड इकोनाॅमिक्स, मुंबई।
12. हिन्दू काॅलेज, नई दिल्ली।
13. श्री वेंकटेश्वरा काॅलेज, नई दिल्ली।
14. जीसस एंड मेरी काॅलेज, नई दिल्ली।
15. एच. आर. काॅलेज आॅफ काॅमर्स एंड इकोनाॅमिक्स, मुंबई।
Thursday, June 2, 2022
बीएमएस क्या है
BMS की फुल फॉर्म “Bachelor of Management Studies” होती है, BMS की फुल फॉर्म का हिंदी में मतलब/अर्थ "प्रबंधन अध्ययन स्नातक" होता है, यह management में एक undergraduate course है. इस course को लगभग सभी विश्वविद्यालयों और दुनिया भर के प्रसिद्ध बिजनेस स्कूलों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, या इस course की पढ़ाई कराई जाती है।
BMS आमतौर पर तीन साल का management course है, और इन तीन वर्षों को छह सेमेस्टर में विभाजित किया गया है, जो सभी महत्वपूर्ण प्रबंधन विषयों जैसे मार्केटिंग, finance, human resource आदि को कवर करता है।
इस course में छात्रों को emphasis skills प्रदान करने पर जोर दिया जाता है, ताकि skilled management और professionals students produced किया जा सके। कला, विज्ञान या Commerce में विशेषज्ञता के साथ इंटरमीडिएट स्तर के छात्र पाठ्यक्रम के लिए पात्र हैं।
BMS Course Eligibilty?
इस course के लिए किसी भी स्ट्रीम में कोर विषयों में न्यूनतम 50% के साथ 10+2 या इसके बराबर मार्क्स/अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को BMS पाठ्यक्रम में स्नातक होने के लिए योग्य माना जाता है, आपकी जानकारी के लिए बता दे commerce field में छात्रों को एक विशेष महत्व दिया जाता है।
BMS course करने के लाभ ?
यह course एक organization के विभिन्न व्यवहार पहलुओं को सिखाता है।
यह course छात्रों को एक टीम में काम करने या एक टीम का नेतृत्व करने में सक्षम करने के लिए पर्याप्त नेतृत्व गुण प्रदान करता है।
यह course प्रस्तुति कौशल, निर्णय लेने के कौशल और समस्या को सुलझाने के कौशल को बेहतर बनाने में छात्रों की मदद करता है।
Optional BMS Subjects?
Strategic Management
Managerial Economics
Bank Strategy and /management
Entrepreneurship
Leadership
Advanced Financial Accounting.
प्रवेश प्रक्रिया ?
इंटरमीडिएट स्तर की परीक्षाओं को सफलतापूर्वक क्लियर करने के बाद आप बीएमएस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं. कुछ संस्थान अपने बीएमएस पाठ्यक्रम के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं, प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन पत्र संस्थान या विश्वविद्यालयों की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
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नई दिल्ली। अगर आप रेडियो या टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग इंजीनियरिंग में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आप इसके लिए ज्यादा सोचिए मत। आपको बता ...
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