कंपनी सेक्रेटरी (CS) का कोर्स उन छात्रों के लिए एक बेहतरीन करियर विकल्प है जो कॉर्पोरेट कानून, गवर्नेंस और मैनेजमेंट में रुचि रखते हैं। यह कोर्स ICSI (Institute of Company Secretaries of India) द्वारा संचालित किया जाता है।
यहाँ इस कोर्स की पूरी डिटेल दी गई है:
1. कंपनी सेक्रेटरी (CS) कौन होता है?
एक CS कंपनी और उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के लिए एक कानूनी सलाहकार और अनुपालन अधिकारी (Compliance Officer) के रूप में कार्य करता है। उनका मुख्य काम यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी सभी सरकारी नियमों और कानूनों का पालन कर रही है।
2. कोर्स के चरण (Stages of CS Course)
CS बनने के लिए आपको तीन मुख्य चरणों से गुजरना होता है:
क. CSEET (CS Executive Entrance Test)
यह प्रवेश परीक्षा है। 12वीं पास करने के बाद छात्र इसे दे सकते हैं।
पात्रता: 12वीं (किसी भी स्ट्रीम से, सिवाय ललित कला)।
छूट: ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन (50% अंकों के साथ) करने वाले छात्र सीधे अगले चरण में जा सकते हैं।
ख. CS Executive (कार्यकारी कार्यक्रम)
यह दूसरा चरण है जहाँ आपको कॉर्पोरेट कानूनों की गहराई से जानकारी दी जाती है। इसमें दो ग्रुप होते हैं।
ग. CS Professional (व्यावसायिक कार्यक्रम)
यह अंतिम चरण है। इसमें केवल वे छात्र बैठ सकते हैं जिन्होंने Executive लेवल क्लियर कर लिया हो।
3. ट्रेनिंग (Practical Training)
CS कोर्स में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी अनिवार्य है:
EDP (Executive Development Programme): 15 दिनों की ट्रेनिंग।
Long Term Training: Professional प्रोग्राम के दौरान या उसके बाद 21 महीने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग।
4. करियर के अवसर और वेतन
एक योग्य CS के पास अवसरों की कमी नहीं होती। वे निम्नलिखित भूमिकाओं में कार्य कर सकते हैं:
कॉर्पोरेट सलाहकार (Corporate Planner)
कानूनी विशेषज्ञ (Legal Advisor)
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सलाहकार
स्टॉक एक्सचेंज और मर्जर एक्सपर्ट
वेतन: शुरुआती वेतन ₹5 लाख से ₹8 लाख प्रति वर्ष तक हो सकता है, जो अनुभव के साथ काफी बढ़ जाता है।
5. महत्वपूर्ण जानकारी (Table)
विवरण जानकारी
संस्था ICSI (The Institute of Company Secretaries of India)
अवधि लगभग 3 से 4 साल (प्रशिक्षण सहित)
परीक्षा के महीने जून और दिसंबर
मुख्य विषय कंपनी लॉ, टैक्स लॉ, इकोनॉमिक लॉ, ऑडिटिंग
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