Master in Management Studies (MMS) भारत में, विशेषकर महाराष्ट्र में, एमबीए (MBA) के समकक्ष एक अत्यंत लोकप्रिय पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री है। यह कोर्स मुख्य रूप से मुंबई विश्वविद्यालय और महाराष्ट्र के अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों से संबद्ध संस्थानों द्वारा कराया जाता है।
यहाँ MMS कोर्स की पूरी जानकारी दी गई है:
1. MMS क्या है?
MMS एक 2 वर्षीय प्रोफेशनल मास्टर डिग्री प्रोग्राम है। यह पूरी तरह से मैनेजमेंट के सिद्धांतों, व्यापारिक कौशल और नेतृत्व क्षमता (Leadership) विकसित करने पर केंद्रित है। अकादमिक दृष्टिकोण से यह MBA के समान है, लेकिन इसका स्ट्रक्चर अक्सर संबंधित राज्य विश्वविद्यालय के नियमों पर आधारित होता है
2. विशेषज्ञता के क्षेत्र (Specializations)
MMS के दूसरे वर्ष में छात्र अपनी रुचि के अनुसार एक विषय चुनते हैं:
Finance: बैंकिंग, निवेश और वित्तीय विश्लेषण।
Marketing: ब्रांडिंग, सेल्स, डिजिटल मार्केटिंग और विज्ञापन।
Human Resources (HR): कर्मचारी प्रबंधन और भर्ती।
Operations: लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग।
Systems (IT): बिजनेस टेक्नोलॉजी और डेटा मैनेजमेंट।
3. प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process)
MMS में प्रवेश पाने के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम देना अनिवार्य है:
MAH-CET (Maharashtra Common Entrance Test): यह सबसे प्रमुख परीक्षा है।
अन्य परीक्षाएं: कई कॉलेज CAT, CMAT, XAT या MAT के स्कोर भी स्वीकार करते हैं।
CAP Rounds: महाराष्ट्र में एडमिशन 'सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रोसेस' (CAP) के जरिए होता है, जहाँ मेरिट के आधार पर कॉलेज अलॉट किए जाते हैं।
4. योग्यता (Eligibility)
स्नातक (Graduation): किसी भी स्ट्रीम (Arts, Commerce, Science, Engineering) में कम से कम 50% अंक (आरक्षित वर्गों के लिए 45%) के साथ स्नातक डिग्री।
अंतिम वर्ष के छात्र: जो छात्र ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
5. कोर्स का सिलेबस (Syllabus Structure)
कोर्स को 4 सेमेस्टर में बांटा गया है:
सेमेस्टर मुख्य फोकस
सेमेस्टर 1 और 2 बिजनेस कम्युनिकेशन, इकोनॉमिक्स, एकाउंटिंग, और मैनेजमेंट के बेसिक्स।
समर इंटर्नशिप दूसरे सेमेस्टर के बाद 2 महीने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग।
सेमेस्टर 3 और 4 चुनी गई विशेषज्ञता (जैसे Finance या Marketing) के एडवांस विषय और रिसर्च प्रोजेक्ट।
6. टॉप कॉलेज (Top MMS Colleges)
मुंबई के कुछ बेहतरीन MMS कॉलेज इस प्रकार हैं:
JBIMS (Jamnalal Bajaj Institute of Management Studies)
Sydenham (SIMSREE
Welingkar Institute of Management (WeSchool)
PUMBA (Pune University)
MET Institute of Management
7. करियर और वेतन (Career & Salary)
MMS करने के बाद आप बिजनेस एनालिस्ट, मैनेजर, या कंसल्टेंट के रूप में काम कर सकते हैं।
शुरुआती वेतन: ₹5 लाख से ₹15 लाख प्रति वर्ष (कॉलेज की रैंकिंग पर निर्भर)।
प्रमुख नियोक्ता: TCS, HDFC Bank, ICICI, Amazon, Google, और Deloitte जैसी कंपनियाँ।
8. MBA और MMS में अंतर?
मुख्य अंतर डिग्री और फीस का है। MMS एक यूनिवर्सिटी डिग्री है, इसलिए इसकी फीस स्वायत्त (Autonomous) संस्थानों या प्राइवेट MBA के मुकाबले अक्सर कम होती है। सिलेबस और जॉब के अवसर लगभग एक जैसे ही रहते हैं।
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