Wednesday, May 11, 2022

बायोटेक्नोलॉजी में करियर

भारत में बायोटेक्नोलॉजी ने काफी महत्वपूर्ण जगह बना ली है. इस फील्ड के तहत सभी संभावित फ़ील्ड्स जैसेकि, फार्मास्यूटिकल, फ़ूड मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, एजुकेशन और रिसर्च से संबद्ध कार्य शामिल हो गये हैं. उक्त फ़ील्ड्स के अलावा भी अन्य कई फ़ील्ड्स में बायोटेक्नोलॉजी के योगदान को नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता है. चाहे वह बायोफ़र्टिलाइज़र्स, बायोपेस्टीसाइड्स, ग्रीन रेवोलुशन या आईटी की फ़ील्ड में रेवोलुशन लाने वाली बायोइन्फॉर्मेटिक्स से संबंधित मुद्दे हों, बायोटेक्नोलॉजी भारत के युवा वर्ग के लिए रोज़गार के ढेरों अवसर मुहैया करवा रही है. अब हम उन विभिन्न एरियाज का जिक्र करते हैं जिनमें बायोटेक्नोलॉजी पढ़ने वाले छात्रों के करियर के अभूतपूर्व विकास के लिए काफी संभावनाएं हैं.

1. मेडिकल राइटिंग्स

2. कॉलेज और विश्वविद्यालय

3. फार्मास्युटिकल कंपनियां

4. आईटी कंपनियां

5. हेल्थ केयर सेंटर्स

6. एग्रीकल्चर सेक्टर

7. एनिमल हसबेंड्री

8. जेनेटिक इंजीनियरिंग

9. रिसर्च लैबोरेट्रीज

10. फ़ूड मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री

सैलरी प्रॉस्पेक्ट्स

मेक इन इंडिया डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, भारत विश्व के टॉप 12 बायोटेक डेस्टिनेशन्स में से एक है और एशिया पेसिफिक में इसका तीसरा रैंक है. इससे पता चलता है कि बायोटेक्नोलॉजी की फील्ड से प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है. भारत में 350 से ज्यादा बायोटेक्नोलॉजिकल कंपनियां हैं और बायोटेक में स्पेशलाइजेशन कोर्स करना अब काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.

यहां इस फील्ड की सैलरी एक्सपेक्टेशन्स पेश की जा रही हैं जिनके बारे में आपको इस फील्ड में अपना करियर शुरु करने से पहले पता होना चाहिए. ये सैलरी एक्सपेक्टेशन्स किसी भी कंपनी में आपके सीनियरटी लेवल के अनुसार अलग-अलग हैं जिनका विवरण नीचे देखें: 

लेवल

सैलरी एक्सपेक्टेशन्स (लाख रु.)

फ्रेशर्स

2-3

मिड-लेवल

4-6

सीनियर लेवल

7-10

टॉप लेवल

<10

सोर्सपेस्केल डॉट कॉम

बायोटेक इंजीनियर्स के लिए मशहूर फर्म्स

इंडियन ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन अर्थात आईबीईएफ की सिफारिशों के अनुसार, बायोटेक इंजीनियर्स के करियर के शानदार विकास के लिए निम्नलिखित टॉप 10 फर्म्स विकास के अवसर ऑफर करती हैं:

1. बायोकॉन लिमिटेड

2. नेशनल डेरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा संचालित इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (आईआईएल)

3. ग्लैक्सोस्मिथक्लिन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड

4. ट्रांसएशिया बायो-मेडिकल्स

5. वॉकहार्ट

6. पिरामल ग्रुप

7. सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया लिमिटेड

8. रासी सीड्स(पी) लिमिटेड

9 शांथा बायोटेक्निक लिमिटेड

10. क्रेब्स बायोकेमिकल्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (केबीआईएल)

आईबीईएफ द्वारा लिस्टेड कंपनियों में एग्रीकल्चर, डेरी, केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल और अन्य कई फ़ील्ड्स शामिल हैं. ये कंपनियां प्रसिद्ध जॉब प्रोफाइल्स के साथ ही उभरते हुए बायोटेक्नोलॉजिस्ट्स को केवल जॉब्स के बेशुमार अवसर ही नहीं मुहैया करवाती हैं बल्कि, उन्हें विशेष इनोवेशन्स के लिए अवसर भी मुहैया करवाती हैं और ये इनोवेशन्स हमारे आजकल के काम करने के तरीकों में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं. 

बायोटेक्नोलॉजी स्ट्रीम पर और अधिक अपडेट्स प्राप्त करने के लिए, समय-समय पर jagranjosh.com पर विजिट करते रहें और सारी जानकारी एक ही साइट पर प्राप्त करें.

कोर्सेज के प्रकार और अवधि

बायोटेक्नोलॉजी एक प्रोमिसिंग कोर्स है जिसके तहत कई कोर्सेज और सिलेबस शामिल किये जा सकते हैं. इस स्ट्रीम में अपना करियर बनाने के इच्छुक कैंडिडेट्स 10 वीं क्लास (इंटरमिडीएट लेवल) की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी यह कोर्स कर सकते हैं. इस कोर्स को पढ़ कर, समझकर और विश्लेषण करके आप काफी अच्छी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. आप इस कोर्स के तहत डॉक्टोरल डिग्री भी प्राप्त कर सकते हैं बशर्ते आप विज्ञान की इस ब्रांच में शामिल विभिन्न बारीकियों और विवरण का पता लगाना चाहते हों.

 

डिप्लोमा कोर्सेज

बायोटेक्नोलॉजी में डिप्लोमा प्राप्त करने के लिए, छात्र उन कॉलेजों में इस कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं जो 10 वीं क्लास पास करने के बाद छात्रों को यह डिप्लोमा कोर्स ऑफर करते हैं. भारत में इस कोर्स की अवधि 3 वर्ष है. 

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज

जो इंस्टिट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज अंडरग्रेजुएट कोर्सेज ऑफर करते हैं, वहां आप बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इस अंडरग्रेजुएट कोर्स की अवधि 4 वर्ष है और छात्रों को इस अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेने के लिए एक एंट्रेंस एग्जाम पास करना पड़ता है.

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज

पोस्टग्रेजुएशन के लेवल पर, इस कोर्स को अक्सर बायोटेक्नोलॉजी में एमटेक या बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी के नाम से जाना जाता है. यह उस यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट पर निर्भर करता है जो कैंडिडेट्स को पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री या डिप्लोमा ऑफर करता है. पोस्टग्रेजुएशन लेवल पर इस कोर्स की अवधि केवल 2 वर्ष है.

डॉक्टोरल प्रोग्राम्स

जो उम्मीदवार बायोटेक्नोलॉजी में डॉक्टोरल डिग्री हासिल करना चाहते हैं, वे अपनी पोस्टग्रेजुएशन पूरी करने के बाद पीएचडी कोर्सेज के लिए अप्लाई कर सकते हैं. पीएचडी कोर्सेज की अवधि आमतौर पर 3 से 4 वर्ष की होती है जो थीसिस पूरी करने के लिए शामिल रिसर्च वर्क पर निर्भर करती है. पीएचडी फुल टाइम और पार्ट टाइम तरीके से की जा सकती है.

बायोटेक्नोलॉजी के तहत सब-स्पेशलाइजेशन कोर्सेज

जब कोई छात्र बायोटेक्नोलॉजी प्रोग्राम करना चाहता है तो वह निम्नलिखित में से कोई एक स्पेशलाइजेशन कोर्स चुन सकता है. ये स्पेशलाइजेशन्स अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट लेवल पर किये जा सकते हैं लेकिन, हरेक इंस्टिट्यूट अपने छात्रों को निम्नलिखित सभी स्पेशलाइजेशन्स ऑफर नहीं करते हैं. अगर आप किसी विशेष डोमेन में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं तो किसी इंस्टिट्यूट में एडमिशन लेने से पहले इस इंस्टिट्यूट के प्रोग्राम ब्रोशर में उस इंस्टिट्यूट द्वारा ऑफर किये जा रहे स्पेशलाइजेशन कोर्सेज के नाम चेक कर लें.

जेनेटिक्स

जेनेटिक्स और सेल बायोलॉजी से संबद्ध वैज्ञानिक खोज में रूचि रखने वाले छात्र यह कोर्स चुन सकते हैं. उन्हें विभिन्न मेडिकल डायग्नोस्टिक्स, थेरेपीज और थेरापियूटिक्स के बारे में सिखाया जायेगा. उदाहरण के लिए: ह्यूमन जीनोम की सिक्वेंसिंग पर प्रोजेक्ट्स.

वीरोलॉजी

यह विषय आमतौर पर बायोटेक्नोलॉजी के चौथे  सेमेस्टर में पढ़ाया जाता है. वीरोलॉजी की स्टडी से आपको मॉलिक्यूलर वीरोलॉजी के फंडामेंटल्स और वास्तविक दुनिया में इसके एप्लीकेशन्स को समझने में सहायता मिलती है.

इम्युनोलॉजी

यह कोर्स ह्यूमन इम्यून सिस्टम के काम करने के तरीके और समझने में मदद करता है ताकि हमें यह पता चल सके कि टेक्नोलॉजी कैसे इम्यून सिस्टम को कमजोर होने से बचाने में मनुष्यों की मदद कर सकती है.

बायो-स्टेटिस्टिक्स

बायो-स्टेटिस्टिक्स बायोटेक्नोलॉजी की वह फील्ड है जिस के जरिये कोई भी व्यक्ति रिसर्चर्स द्वारा किये जाने वाले विभिन्न एक्सपेरिमेंट्स में मैथमेटिक्स और स्टेटिस्टिक्स के कॉन्सेप्ट्स अप्लाई कर सकता है. इस जानकारी का इस्तेमाल करते हुए, बायो-स्टेटिस्टीशियन डाटा कलेक्ट, डिसेक्ट और समराइज़ कर सकते हैं और फिर, ठोस जानकारी पेश कर सकते हैं.

फार्माकोलॉजी

फार्माकोलॉजी पढ़ने वाले छात्र कम लागत पर ड्रग्स तैयार करने के तरीके और मनुष्यों तथा जानवरों के टिश्यू एवं सेल फंक्शन पर इन ड्रग्स के प्रभाव का मुल्यांकन करना सीखते हैं.

मॉलिक्यूलर बायोलॉजी

यह स्पेशलाइजेशन ह्यूमन और एनिमल हेल्थ, एग्रीकल्चर और एनवायरनमेंट जैसे क्षेत्रों में न्यूक्लिक एसिड्स और प्रोटीन्स के एप्लीकेशन्स के लिए इनकी बारीकियों को समझने में मदद करता है. इस कोर्स को पढ़ने वाले छात्र ह्यूमन और एनिमल हेल्थ कायम रखने के लिए ड्रग्स, थेरेपीज और डायग्नोस्टिक टेस्ट्स तैयार करने के लिए अपने ज्ञान का इस्तेमाल कर सकते हैं.  

एनिमल हसबेंड्री

बायोटेक्नोलॉजी लाइवस्टॉक ब्रीडिंग के लिए एक आश्चर्यजनक वरदान बन चुकी है. बायोटेक्नोलॉजी की यह ब्रांच पृथ्वी पर जीवजंतुओं की हेल्थ और कल्याण के लिए छात्रों को एम्ब्रॉय ट्रांसफर, आर्टिफीशल इनसेमिनेशन, क्लोनिंग और अन्य कई कंसेप्ट्स की जानकारी प्राप्त करने में मदद करती है.

ये कुछ ऐसे स्पेशलाइजेशन कोर्सेज थे जो बायोटेक्नोलॉजी करने वाले छात्र अक्सर चुनते हैं. कुछ अन्य स्पेशलाइजेशन्स भी हैं जो आजकल लोकप्रिय हो रहे हैं.

बायोटेक्नोलॉजी के कोर्सेज में कैसे लें एडमिशन?

किसी भी शानदार करियर की शुरुआत करने के लिए एडमिशन प्रोसेस बहुत चुनौतीपूर्ण लेकिन महत्वपूर्ण कदम होती है. जब कोई छात्र किसी कॉलेज में एक विशेष कोर्स में एडमिशन लेना चाहता है तो उसके लिए विभिन्न स्टेप्स को क्रम से फ़ॉलो करना जरुरी होता है. इस पूरी प्रक्रिया में, पहला कदम किसी खास कोर्स के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को समझना है. जब आपको एक बार एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया का पता चल जाता है तो आप उस कोर्स के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो इस प्रक्रिया का अगला कदम है वांछित कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए निर्धारित एग्जाम्स के बारे में पता करना.

सबसे पहले, हम विभिन्न स्तरों पर बायोटेक्नोलॉजिकल कोर्सेज के लिए आवश्यक एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के बारे में जानकारी हासिल करते हैं: 

बायोटेक में एडमिशन लेने के लिए विभिन्न लेवल्स पर एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

किसी भी छात्र को बायोटेक्नोलॉजी में एडमिशन लेने के लिए एलिजिबिलिटी के बारे में अवश्य पता होना चाहिए. अगर कोई कैंडिडेट एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा नहीं करता/ करती है तो उसे कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलेगा. इस संबंध में इंस्टिट्यूट्स और एग्जाम लेने वाले संस्थानों ने कुछ गाइडलाइन्स  जारी की हैं. बायोटेक करने के इच्छुक उम्मीदवारों को भारत के किसी बेहतरीन बायोटेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट में सीट प्राप्त करने के लिए अवश्य इस संदर्भ में पूरी जानकारी होनी चाहिए.

डिप्लोमा

जिन छात्रों ने मैथमेटिक्स और साइंस सब्जेक्ट के साथ 10 वीं क्लास पास कर ली है, वे बायोटेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

ग्रेजुएशन

अंडरग्रेजुएट कोर्स में अप्लाई करने के लिए, छात्र ने फिजिक्स, मैथ्स, बायोलॉजी और केमिस्ट्री के साथ 12 वीं क्लास अवश्य पास की हो. जिन छात्रों ने 10वीं क्लास पास करने के बाद डिप्लोमा प्राप्त किया है, वे भी अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन ले ले सकते हैं. 12 वीं क्लास पास करने वाले छात्रों की बजाय डिप्लोमा प्राप्त करने वाले छात्रों को ज्यादा महत्व दिया जाता है. डिप्लोमा होल्डर्स को बायोटेक्नोलॉजी के 2 वर्ष के बीटेक/ बीई कोर्स में सीधी एंट्री दी जायेगी.

पोस्टग्रेजुएशन

बायोटेक्नोलॉजी में एमटेक करने के लिए अप्लाई करने वाले छात्रों के लिए कम से कम 50% मार्क्स के साथ ग्रेजुएशन या उसके समान योग्यता प्राप्त करना बहुत जरुरी है. रिजर्वेशन कोटा और इंस्टिट्यूट की एडमिशन पॉलिसी के अनुसार हरेक इंस्टिट्यूट की रिक्वायर्ड परसेंटेज अलग-अलग हो सकती है.

डॉक्टोरल प्रोग्राम्स

बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री किसी डॉक्टोरल प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए बहुत जरुरी होती है. कुछ यूनिवर्सिटीज अपने यहां पीएचडी प्रोग्राम में एडमिशन देने के लिए मास्टर इन फिलोसोफी (एमफिल) के बारे में भी पूछ सकती हैं.

बायोटेक्नोलॉजी में कोर्सेज करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम्स

अंडरग्रेजुएट लेवल पर, बीटेक कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए, जेईई मेन्स और जेईई एडवांस्ड एग्जाम्स सबसे ज्यादा प्रसिद्ध एंट्रेंस एग्जाम्स हैं. जो लोग उच्च शिक्षा अर्थात पोस्ट-ग्रेजुएट लेवल में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे हैं, अक्सर गेट और आईआईटी जेएएम जैसे एंट्रेंस एग्जाम्स की तैयारी करते हैं. आईआईटीज और भारत के अन्य बढ़िया इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए, छात्र इन एग्जाम्स के डिफिकल्टी लेवल को देखते हुए इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम्स के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करते हैं.

डिप्लोमा कोर्सेज के लिए

आमतौर पर इंस्टिट्यूट्स स्टेट लेवल के इंजीनियरिंग डिप्लोमा एंट्रेंस एग्जाम्स के आधार पर ‘बायोटेक्नोलॉजी में डिप्लोमा’ के लिए स्टूडेंट्स को शॉर्टलिस्ट करते हैं. कुछ पॉपुलर इंजीनियरिंग डिप्लोमा एंट्रेंस एग्जाम्स हैं:

1. दिल्ली पॉलिटेक्निक कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (दिल्ली सीईटी)

2. ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन काउंसिल, उत्तर प्रदेश (जेईईसीयूपी)

3. जेईएक्सपीओ और वीओसीएलईटी पॉलिटेक्निक एंट्रेंस एग्जाम (पश्चिम बंगाल)

4. पंजाब ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (पंजाब पीईटी)

5. हरियाणा डिप्लोमा एंट्रेंस टेस्ट (एचएसटीईएस डीईटी)

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज के लिए:

नेशनल लेवल के एग्जाम्स

सीबीएसई द्वारा आयोजित जेईई मेन 2018

आईआईटी और एनआईटी में एडमिशन लेने के लिए जेईई एडवांस्ड 2018

स्टेट लेवल के एग्जाम्स

एपी ईएएमसीईटी 2018

टीएस ईएएमसीईटी 2018

केसीईटी 2018

एमएएच-सीईटी 2018

यूनिवर्सिटी लेवल के एग्जाम्स

वीआईटीईई 2018

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज के लिए:

नेशनल लेवल के एग्जाम्स

गेट 2018

आईआईटी जेएएम (एमएससी के लिए ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट)

स्टेट लेवल के एग्जाम्स

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च ग्रेजुएट स्कूल द्वारा बायोलॉजी और इंटरडिसिप्लिनरी बायोलॉजी के लिए आयोजित ज्वाइंट ग्रेजुएट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेजीईईबीआईएलएस)

यूनिवर्सिटी लेवल के एग्जाम्स

एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) एमएससी बायोटेक्नोलॉजी

जेएनयू सीईईबी कंबाइंड बायोटेक्नोलॉजी एंट्रेंस एग्जाम

बायोटेक्नोलॉजी क्या है?

बायोटेक्नोलॉजी को आमतौर पर ‘बायोटेक’ के नाम से जाना जाता है और यह इंजीनियरिंग करने के इच्छुक उम्मीदवारों के बीच सबसे ज्यादा पसंदीदा कोर्सेज में से एक कोर्स है. बायोटेक्नोलॉजी साइंस की वह ब्रांच है जिसमें बायोलॉजी और टेक्नोलॉजी के आश्चर्यजनक मेल से रॉ मेटीरियल्स को आश्चर्यजनक इनोवेशन्स, डिस्कवरीज और प्रोडक्ट्स में बदला जाता है. वर्ष 1919 में, हंगरी के एग्रीकल्चरल इंजीनियर कार्ल एरेक्य ने सबसे पहले बायोटेक्नोलॉजी शब्द का इस्तेमाल किया. चाहे वह बैक्टीरिया, यीस्ट या एंजाइम्स जैसे बायोलॉजिकल पदार्थ हों, बायोटेक की जानकारी प्राप्त करने के बाद, आप इंडस्ट्रियल या मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेसेज से संबद्ध कार्य करने के लिए हरेक माइक्रोऑर्गानिज्म को इस्तेमाल कर सकेंगे.

एक बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियर क्या करता है?

एक प्रसिद्ध कहावत है कि, “विनर्स अलग काम नहीं करते हैं, वे कामों को अलग तरीके से करते हैं.” यह कहावत एक बायोटेक्नोलॉजिस्ट/ बायोटेक इंजीनियर पर खरी उतरती है. बायोटेक्नोलॉजी कामों को अलग तरीके से करने के लिए विभिन्न पहलू तलाश करने से संबद्ध है ताकि इस दुनिया में परिवर्तन लाया जा सके. एक बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियर ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन लेवल पर किये गए स्पेशलाइजेशन और अपनी रूचि के अनुसार विभिन्न फ़ील्ड्स जैसेकि, एनिमल हसबेंड्री, एग्रीकल्चर, मेडिसिन, जेनेटिक इंजीनियरिंग, एनवायरनमेंट कन्जर्वेशन, हेल्थकेयर और रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़े कार्य करता/ करती है.

भारत में टॉप 10 बायोटेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट्स

बायोटेक्नोलॉजी एक महत्वपूर्ण कोर्स है जो भारत में विभिन्न इंस्टिट्यूट्स ऑफर करते हैं. उनमें से यूजीसी द्वारा मान्यताप्राप्त टॉप 10 बायोटेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट्स के नाम निम्नलिखित हैं जिन्हें वर्ष 2018 के लिए एनआईआरएफ रैंकिंग में भी प्रमुख स्थान देने के साथ इन इंस्टिट्यूट्स की काफी तारीफ की गई है:

क्रमसंख्या

इंस्टिट्यूट

लोकेशन

1

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी

मद्रास

2

डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोसाइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग (बीएसबीई), आईआईटी 

बॉम्बे

3

डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी

नई दिल्ली

4

डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी

खड़गपुर

5

डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग, आईआईटी

कानपुर

6

डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, आईआईटी

रूड़की

7

डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, आईआईटी

गुवाहाटी

8

सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी, अन्ना यूनिवर्सिटी

चेन्नई

9

डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, आईआईटी

हैदराबाद

10

इंस्टिट्यूट ऑफ़ केमिकल टेक्नोलॉजी

मुंबई

उक्त बायोटेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट्स का चयन बेहतरीन प्लेसमेंट रिकॉर्ड, स्टेट ऑफ़ दी आर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, हाइली क्वालिफाइड फैकल्टी और उनके द्वारा अपनाई जा रही सख्त एडमिशन प्रोसेस के आधार पर किया गया है. हमें आशा है कि उक्त लिस्ट आपके शानदार करियर के लिए, आपको बढ़िया बायोटेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट चुनने में मदद करेगी.

बायोटेक्नोलॉजी के स्टूडेंट्स के लिए करियर ऑप्शन्स

बायोटेक्नोलॉजी की फील्ड का विकास बड़ी तेज़ रफ्तार से हो रहा है और बायोटेक्नोलॉजी में डिप्लोमा/ बीटेक/ एमटेक या डॉक्टोरल डिग्री करने वाले छात्रों के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है. चाहे वह कोई प्राइवेट सेक्टर हो या कोई गवर्नमेंट जॉब, बायोटेक कैंडिडेट्स को विभिन्न कंपनियों में बेहतरीन जॉब प्रोफाइल्स मिल सकते हैं. बायोटेक कैंडिडेट्स को आमतौर पर ऑफर किये जाने वाले कुछ प्रसिद्ध जॉब प्रोफाइल्स की लिस्ट नीचे दी जा रही है:

जॉब प्रोफाइल्स

डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद पलब्ध जॉब प्रोफाइल्स

भारत में विभिन्न पॉलिटेक्निक्स बायोटेक्नोलॉजी में डिप्लोमा करने वाले फ्रेशर्स को कोर्स पूरा होने के बाद निम्नलिखित जॉब ऑफर मिलते हैं:

1. क्लिनिकल लेबोरेटरी टेक्निशियन

2. बायोलॉजिकल सप्लाइज मैन्युफैक्चरर

3. एनवायर्नमेंटल टेक्निशियन

4. फ़ूड सेफ्टी टेक्निशियन

5. फार्मास्युटिकल रिसर्च टेक्निशियन

बीटेक करने के बाद उपलब्ध जॉब प्रोफाइल्स

बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक करने वाले छात्रों को आमतौर पर इंडियन और मल्टीनेशनल फर्म्स द्वारा निम्नलिखित जॉब ऑफर्स मिलते हैं:

1. लेबोरेटरी असिस्टेंट

2. प्रोफेसर / एसोसिएट प्रोफेसर

3. बायोटेक्नोलॉजी एक्सपर्ट

4. बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव

5. सेल्स मैनेजर

6. मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव ट्रेनी

एमटेक करने के बाद उपलब्ध जॉब प्रोफाइल्स

बायोटेक्नोलॉजी में एमटेक करने वाले छात्रों को उनके शानदार करियर के लिए बहुत बढ़िया और रिवॉर्डिंग जॉब प्रोफाइल्स में काम करने के अवसर मिलते हैं:

1. बैक्टीरियोलॉजिस्ट

2. मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट

3. एम्ब्र्योलॉजिस्ट

4. जेनेटिसिस्ट

5. इम्यूनोलॉजिस्ट

6. माइक्रोबायोलॉजिस्ट

7. बायो-इन्फॉर्मेटिशियन

8. फार्माकोलॉजिस्ट

9. बायो-एनालिटिकल केमिस्ट

10. फ़ूड केमिस्ट

11. एनवायरनमेंटल केमिस्ट

12. मेडिकल बायोकेमिस्ट

पीएचडी करने के बाद उपलब्ध जॉब प्रोफाइल्स

डॉक्टोरल डिग्री की पढ़ाई करना काफी मुश्किल काम है. लेकिन, एक बार पीएचडी या डॉक्टोरल डिग्री प्राप्त कर लेने के बाद आपको इंडस्ट्री में लीडिंग रोल्स ऑफर किये जाते हैं. कुछ विशेष जॉब रोल्स निम्नलिखित हैं:

1. बायोटेक्नोलॉजी रिसर्चर

2. प्रोसेस इंजीनियर

3. बायोटेक्नोलॉजी एंड फार्मास्यूटिकल रिसर्च एनालिस्ट

4. लीड बायोटेक्नोलॉजी कंसलटेंट

5. क्लिनिकल प्रोजेक्ट मैनेजर

6. पेटेंट सर्च एनालिस्ट

7. रिसर्च साइंटिस्ट

8. मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट एंड लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट

9. क्वालिटी अश्योरेंस / क्वालिटी कंट्रोल एग्जीक्यूटिव

10. बायोटेक्नोलॉजी एक्सपर्ट

Saturday, May 7, 2022

एनिमेशन में कॅरियर

आज लगभग हर जगह कंप्यूटर ग्राफिक्स का इस्तेमाल होता है। इंजीनियरिंग, फैशन डिजाइनिंग, सिनेमा में एनीमेशन और ग्राफिक डिजाइनिंग का खूब इस्तेमाल होता है। इस डिजिटल दौर में कंपनियां या विभिन्न संस्थाएं प्रचार के कामों में या उत्पादों को बेहतर बनाने में ग्राफिक डिजाइन का इस्तेमाल करती हैं। वहीं, बाहुबली, कुंग फू पांडा और आइस एज जैसी फिल्मों की लोकप्रियता के साथ, एनीमेशन में करियर के बेहतरीन अवसर मौजूद हैं। 
 
क्या है एनिमेशन 
एनीमेशन को एक चरित्र या एक वस्तु के लिए जीवन को साँस लेने की कला के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। यह मनोरंजन उद्योग और प्रौद्योगिकी का मिश्रण है, जो ग्राफिक रूप से समृद्ध और आकर्षक मल्टीमीडिया क्लिप के डिजाइन, ड्राइंग, लेआउट और उत्पादन से संबंधित है।
 
योग्यता 
एनीमेशन और ग्राफिक डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आप 12वीं पास करने के बाद आप ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। इतना ही नहीं, आजकल कई तरह के प्रोफेशनल कोर्स भी उपलब्ध हैं।
 
जरूरी कौशल 
रचनात्मकता
अच्छा दृश्य कल्पना
CAD का ज्ञान
कलात्मक कौशल
चित्र के माध्यम से विचार व्यक्त करने की क्षमता
कंप्यूटर कौशल
 
कहाँ मिलेगी नौकरी 
एक एनिमेटर के रूप में, आपको निम्नलिखित क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिल सकता है:
ऑनलाइन और प्रिंट समाचार मीडिया
कार्टून उत्पादन
विज्ञापन
वीडियो गेमिंग
थिएटर
फिल्म और टेलीविजन
ई-लर्निंग
 
सैलरी 
एक जूनियर एनिमेटर के और पर आप 8000-15000 प्रति माह कमा सकते हैं। वहीं, 3-5 साल के अनुभव के बाद सैलरी बढ़कर 25,000- 75,000 रूपए तक हो सकती है। इसके साथ ही फ्रीलांस के तौर पर भी इस क्षेत्र में आप बहुत पैसा कमा सकते हैं। एनिमेशन की दुनिया में करने के लिए बहुत कुछ है। अगर आपमें हुनर और काम करने की इच्छा है तो आपको देश और विदेश दोनों जगह से काम करने का मौका मिल सकता है।

Wednesday, April 27, 2022

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में करियर

कोरोना काल के बाद से देश-विदेश में करियर के नए अवसर उभरकर आने लगे हैं (Career Options). अब काफी चीजें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence Jobs) पर निर्भर हो गई हैं. अगर आप आईटी सेक्टर (IT Jobs) के नए क्षेत्र में करियर की राह ढूंढ रहे हैं तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स (Artificial Intelligence Course) करके इसमें अपना भविष्य चमका सकते हैं. इस सेक्टर में भविष्य में अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं.

आईटी सेक्टर में हर साल कुछ न कुछ नया होता रहता है. इस सेक्टर में जॉब की भी हमेशा भरमार रहती है. मौजूदा समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) सेक्टर में जॉब्स की डिमांड काफी बढ़ी है. इंटरनेशनल एजेंसी गार्टर (International Agency Garter) की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में 40 प्रतिशत काम इस तकनीक के माध्यम से ही होगा. इसमें मशीन लर्निंग (Machine Learning Course) सहित रोबोटिक साइंस (Robotic Science Course) जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं.

एआई का बढ़ रहा है दायरा
कोरोना काल के बाद से मैन पावर के बजाय एआई पर निर्भरता बढ़ती जाएगी यानी इसका दायरा बढ़ जाएगा. इंजीनियरिंग क्षेत्रों (Engineering Fields) की अपेक्षा इसमें प्रतियोगिता अभी कम है. आने वाले समय में आईटी, फाइनेंस, सिक्योरिटी, डेटा कलेक्शन सहित कई जगह संभावनाएं बढ़ेंगी.

एआई के लिए जरूरी योग्यता

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स करने के लिए कंप्यूटर और गणित विषय अनिवार्य हैं. कंप्यूटर साइंस (Computer Science) से ग्रेजुएट उम्मीदवार भी इस फील्ड में काम कर सकते हैं. इंजीनियरिंग के छात्र एआई टेक्नोलॉजी (AI Technology) के माध्यम से सॉफ्टवेयर एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, प्रोग्रामर्स, गेमिंग क्षेत्र में नौकरी कर सकते हैं.

एआई में करियर के लिए करें ये कोर्स
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence Course) में करियर बनाने के लिए के लिए कम्प्यूटर साइंस, आईटी, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट प्रोग्राम, पीजी प्रोग्राम इन मशीन लर्निंग प्रमुख कोर्स (Machine Learning Course) हैं.

बदल गया है नौकरियों का स्वरूप
गूगल, फेसबुक और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. यहां रोजगार के कई मौके हैं. स्मार्टफोन की तर्ज पर अब हर उपकरण को चलाने के लिए इस फील्ड की जरूरत है

Wednesday, April 20, 2022

लेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर में करियर

प्रिय दोस्तों यदि आप इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर बनना चाहते हैं और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में अपना बेहतर भविष्य बनाना चाहते हैं तो दोस्तों आप बिल्कुल सही जगह पहुंचे हैं क्योंकि इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे की इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में आप अपना करियर कैसे बना सकते हैं साथ ही साथ इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग का कोर्स कैसे कर सकते हैं

इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर कैसे बने


यदि आप एक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग का कोर्स अथवा बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग का कोर्स करना पड़ेगा बात करें दोस्तों डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की तो इसके लिए प्रत्येक वर्ष प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करवाए जाते हैं और विद्यार्थियों को उनके रैंक के हिसाब से सरकारी तथा सहायता प्राप्त कॉलेज किए जाते हैं


इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग कोर्स


बी टेक इन  इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग

बी ई इन  इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग

एमटेक इन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग

डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग


दोस्तों यदि आप बी टेक इन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग का कोर्स करना चाहते हैं तो आपको 12 वीं पास होना जरूरी है इसके पश्चात आप 4 साल का बी टेक कोर्स कर सकते हैं परंतु यदि आप डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग का कोर्स करना चाहते हैं तो यह कोर्स दसवीं के पश्चात भी कर सकते हैं इसके लिए प्रत्येक वर्ष प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करवाई जाती है इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग का कोर्स करके आप अपना बेहतर भविष्य बना सकते हैं

इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के बाद सरकारी विभाग में नौकरियां

दोस्तों आपको बता दें कि बहुत सारे विद्यार्थियों का यह सपना होता है कि वह सरकारी संस्थानों में काम करें तो आज के इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको यह बताना चाहते हैं कि यदि आप एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का कोर्स करते हैं तो आपके लिए सरकारी संस्थानों में नौकरी के कौन-कौन से अवसर होंगे

ISRO

DRDO

DMRC JE

NMRC JE

RAILWAY LOCO PILOT

TECHNICIAN

NTPC

दोस्तों यदि आप इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हैं तो आप अपने सरकारी नौकरी करने का सपना रेलवे की नौकरी पाकर पूरा कर सकते हैं भारतीय रेलवे इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरों को सहायक लोको पायलट तथा जूनियर इंजीनियर टेक्नीशियन के रूप में नौकरी के अवसर प्रदान करती है डीआरडीओ एनटीपीसी तथा इसरो जैसी प्रमुख संस्थाएं भी इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरों को प्रतिवर्ष नौकरी के अवसर प्रदान करती है 

दोस्तों यदि आप इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग से पढ़ाई करके आप अपना कैरियर प्राइवेट क्षेत्र में बनाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपके पास बहुत सारे कंपनियों का ऑप्शन रहता है जिसमें आप अपना सुनहरा भविष्य बना सकते हैं आज की इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की कुछ महत्वपूर्ण प्राइवेट कंपनियों का विवरण देंगे जिनमें लाखों रुपए आराम से कमा सकते हैं

ABB INDIA LIMITED

BAJAJ  ELECTRONICS LIMITED

HAVELLS LIMITED

EXIDE INDUSTRIES LIMITED

FINOLEX CABLES LIMITED

SAMSUNG INDIA LIMITED

EXICOM TELECOM COMPANY

BHARAT ELECTRONICS LIMITED

VIVO

OPPO INDIA

NOKIA 

MIDAS COMMUNICATION TECHNOLOGY

JABIL CIRCUIT

VVDN

CENTUM ELECTRONICS

PHILIPS ELECTRONICS INDIA

THE SAMTEL GROUP

O.E.N

सहायक लोको पायलट कैसे बन सकते हैं?


दोस्तों यदि आप इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई किए हैं तो आप रेलवे में सहायक लोको पायलट बनने का सपना पूरा कर सकते हैं जिसके लिए आपको डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग बीटेक इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग इसके अलावा यदि आपने आईटीआई किया है तो भी आप सहायक लोको पायलट के प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेकर के आप अपना रेलवे में ड्राइवर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं

दोस्तों आपको पोस्ट पढ़ने के उपरांत यह जानकारी हो गई होगी कि आप लोग इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के किन किन क्षेत्रों में आप अपना करियर बना सकते हैं इसके लिए आपको कौन से कोर्स करने की आवश्यकता है

इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग करने के प्रमुख संस्थान

दोस्तों आपको बता दें कि वैसे तो भारत में आईआईटी को ही देश का सबसे सर्वोत्तम संस्थान माना जाता है आईआईटी से आप बीटेक और एमटेक का कोर्स कर सकते हैं परंतु दोस्तों यदि आप डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग का कोर्स करना चाहते हैं तो प्रमुख सरकारी संस्थान निम्नलिखित है

राजकीय पॉलिटेक्निक दिल्ली

राजकीय पॉलिटेक्निक लखनऊ

हिवेट पॉलिटेक्निक लखनऊ

राजकीय पॉलिटेक्निक कानपुर

राजकीय पॉलिटेक्निक गाजियाबाद

दोस्तों बता दें यदि आप डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग का कोर्स करते हैं तो आपको प्राइवेट क्षेत्र में नौकरी के बहुत सारे अवसर उपलब्ध होंगे और आप अपना करियर प्राइवेट क्षेत्र में बना सकते हैं

Saturday, April 16, 2022

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में करियर

आज संचार जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। चाहे मोबाइल हो या टीवी यह हर व्यक्ति की जरूरत है। क्या आप ऐसे जीवन की कल्पना कर सकते हैं जहाँ मोबाइल काम ना करे। अपने मन पंसद प्रोग्रामों को देखने के लिए आपके पास टेलीविजन ही ना हो। ऐसे जीवन की कल्पना करना भी अच्छा नहीं लगता है। आपकी सुविधाओं को हकीकत में बदलने का काम किया है, कम्युनिकेशन इंजीनियरों ने। इनकी कला की बदौलत ही आज हर व्यक्ति पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। अगर आप चाहें तो इस क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकते हैं। कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग का क्षेत्र बहुत ही विस्तृत व चुनौतीपूर्ण है। इसके अंतर्गत माइक्रोवेव और ऑप्टिकल कम्युनिकेशन , डिजिटल सिस्टंस , सिग्नल प्रोसेसिंग , टेलीकम्युनिकेशन , एडवांस्ड कम्युनिकेशन , माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इंजीनियरिंग की यह शाखा रोजमर्रा की जिंदगी में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। साथ ही इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी , इलेक्ट्रिकल , पॉवर सिस्टम ऑपरेशंस , कम्युनिके सिस्टम आदि क्षेत्रों में भी इसके महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता। आइए इस ब्लॉग के जरिए जानते हैं कि कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग क्या है? और इसके बारे में संपूर्ण जानकारी।

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग क्या हैं? 

कम्युनिकेशन इंजीनियर उन प्रणालियों का समर्थन करते हैं जो सूचना को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करती हैं। कम्युनिकेशन इंजीनियर दूरसंचार, इंटरनेट प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्किंग, ब्रॉडबैंड प्रौद्योगिकी और रेडियो संचार सहित कई क्षेत्रों में काम करते हैं। एक दूरसंचार इंजीनियर एक कम्युनिकेशन इंजीनियर होता है जिसे दूरसंचार प्रणालियों में विशिष्ट प्रशिक्षण प्राप्त होता है।  वे सिस्टम पर काम करते हैं जो वीडियो, डेटा और वॉयस ट्रांसमिशन का समर्थन करते हैं।  दूरसंचार इंजीनियर संचार उपकरण स्थापित, परीक्षण, रखरखाव और उन्नयन करते हैं।  कुछ दूरसंचार इंजीनियर अंतरिक्ष यात्रा एजेंसियों के लिए काम करते हैं जो उन प्रणालियों को डिजाइन और बनाए रखते हैं जो अंतरिक्ष यान को पृथ्वी पर जमीनी नियंत्रण के साथ संचार करने की अनुमति देते हैं। कम्युनिकेशन इंजीनियर जो विशेष रूप से कंप्यूटर सिस्टम के साथ काम करते हैं, सॉफ्टवेयर स्थापित करते हैं, नेटवर्क सुरक्षा बनाए रखते हैं, और नेटवर्क दक्षता में सुधार करते हैं। ये कम्युनिकेशन इंजीनियर वायरिंग और नियंत्रण जैसे विद्युत घटकों पर भी काम कर सकते हैं।

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग क्यों चुने?

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग करने के बाद भविष्य में नौकरी के अवसर बढ़ जाते है। यह कोर्स करने के बाद आप मैन्युफैक्चरिंग, कम्युनिकेशन, एविएशन, कंस्यूमर, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटरसिटी प्लांट्स, ट्रांसपोर्टेशन और कंप्यूटर एप्लीकेशन में जॉब पा सकते हैं। इसके अलावा ब्रोडकास्टिंग, डाटा कम्युनिकेशन, एंटरटेनमेंट और सिस्टम स्पोर्ट्स के फील्ड में आगे बढ़ सकते हैं। कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद आपके पास बहुत सारे जॉब आप्शन्स होते हैं जिनमे जॉब करके आप अपना करियर बेहतर बना सकते हैं।

  • ये कोर्स करने के बाद आप विदेशों में भी बहुत अच्छी सैलरी पा सकते हैं।
  • इस इंजीनियरिंग में आपको इलेक्ट्रॉनिक एनालॉग और डिजिटल ट्रांसमिशन और डाटा रिसेप्शन, माइक्रोप्रोसेसर सेटेलाइट, कम्युनिकेशन माइक्रोवेव इंजीनियरिंग, एंटीना और वेव प्रोग्रेशन के बारे में बहुत अच्छी जानकरी दी जाती है।
  • ये कोर्स करने के बाद शुरुआत में जॉब पाना काफी मुश्किल होता है लेकिन 1 या 2 साल काम करने के बाद इसमें बहुत ही अच्छा एक्सपीरियंस और सैलरी पा सकते हैं। 

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के लिए स्किल्स 

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के लिए कुछ स्किल्स का होना जरुरी है जो इस प्रकार है: 

हार्डवेयर के साथ परिचित

सफल संचार इंजीनियरों के पास संचार उपकरण स्थापित करने, बनाए रखने और समस्या निवारण का अनुभव होना चाहिए जो उनकी विशेषज्ञता के लिए विशिष्ट है।

कोडिंग

संचार इंजीनियरों को अपने उद्योग में आमतौर पर उपयोग की जाने वाली कोडिंग भाषाओं, जैसे C, C++ और पायथन में दक्ष होना चाहिए।

परियोजना प्रबंधन

उन्नत इंजीनियरों को परियोजनाओं के सफल समापन को सुनिश्चित करने के लिए टीम के सदस्यों को शेड्यूल और प्रबंधित करने में सक्षम होना चाहिए।

गणित

इस क्षेत्र में उन्नत गणित, भौतिकी और डेटा विश्लेषण में प्रवीणता की आवश्यकता है।

मजबूत यांत्रिक कौशल

संचार उपकरणों को स्थापित, अपग्रेड और समस्या निवारण करने वाले संचार इंजीनियरों के लिए यांत्रिक कौशल आवश्यक हैं।

समस्या-समाधान कौशल

सफल कम्युनिकेशन इंजीनियर समाधान की दिशा में काम करने और अक्षम प्रक्रियाओं को समाप्त करने में कुशल होते हैं।

विवरण-उन्मुख

सिस्टम की समस्या का निवारण करते समय या संचार प्रणाली को डिज़ाइन करते समय विवरण पर नज़र रखना महत्वपूर्ण है।

दबाव में शांत

कम्युनिकेशन इंजीनियरों को अपने ग्राहकों और टीम के सदस्यों को व्यावसायिकता प्रदर्शित करने के लिए चुनौतीपूर्ण प्रणाली के मुद्दों को शांत तरीके से निपटना चाहिए।

रचनात्मकता

कम्युनिकेशन प्रणालियों को डिजाइन और समस्या निवारण करने के लिए अक्सर रचनात्मक सोच की आवश्यकता होती है, खासकर अगर किसी समस्या को हल करने के पारंपरिक तरीके काम नहीं करते हैं।

टीम वर्क

कम्युनिकेशन इंजीनियर अक्सर इंजीनियरों, तकनीशियनों और आईटी पेशेवरों की एक टीम के साथ काम करते हैं, इसलिए कुशल सहयोग महत्वपूर्ण है।

समय प्रबंधन

अच्छा समय प्रबंधन कौशल संचार इंजीनियरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर और बजटीय बाधाओं के भीतर अपनी परियोजनाओं को पूरा करने में मदद करता है।

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग का सिलेबस 

सेमेस्टर- lसेमेस्टर- ll
इंजिनियरिंग मैथमेटिक्स- lएलिमेंट्स ऑफ़ मैकेनिकल इंजीनियरिंग
इंजिनियरिंग मैथमेटिक्स- llबेसिक कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
इंजिनियरिंग फिजिक्सबेसिक कम्युनिकेशन
इंजिनियरिंग कैमेस्ट्रीकांस्टीट्यूशन ऑफ़ इंडिया एंड प्रोफेशनल एथिक्स
प्रोग्रामिंग एइन सी एंड डाटा स्ट्रक्चर एनवायरनमेंटल स्टडीज
कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैबोरेटीइंजीनियरिंग फिजिक्स लैब
एलिमेंट्स ऑफ़ सिविल इंजीनियरिंग इंजिनियरिंग कैमेस्ट्री लैब
कंप्यूटर एडेड इंजीनियरिंग ड्रॉइंगवर्कशॉप प्रैक्टिकल
सेमेस्टर -lllसेमेस्टर -lV
इंजिनियरिंग मैथमेटिक्स- lllइंजिनियरिंग मैथमेटिक्स -lV
एनालॉग इलेक्ट्रॉनिक्स सीकेटीएसमाइक्रोकंट्रोलर्स
लॉजिक डिजाइनकन्ट्रोल सिस्टम
नेटवर्क एनालिसिससिग्नल्स एंड सिस्टम
इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशनफंडामेंटल ऑफ एफडीएल
फील्ड थ्योरीलीनियर आईसीएस एंड एप्लीकेशंस
एनालॉग इलेक्ट्रॉनिक्स लैबमाइक्रोकंट्रोलर्स लैब
लॉजिक डिजाइन लैबएचडीएल लैब
सेमेस्टर- Vसेमेस्टर- Vl
मेनेजमेंट एंड एंटरप्रन्यूरशिपडिजिटल कम्युनिकेशन
डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंगमाइक्रो प्रोसेसर
एनालॉग कम्युनिकेशनमाइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सर्किट्स
इनफॉर्नेशन थ्योरी एंड कोडिंगएंटेन्नस एंड प्रोपेगेशन
फंडामेंटल ऑफ सीएमओएसऑपरेटिंग सिस्टम
वीएलएसआइएडवांस्ड कम्युनिकेशन लैब
डीएसपी लैब माइक्रोप्रोसेसर लैब
एनालॉग कम्युनिकेशन  –
लैब+ एलआईसी लैब  –
सेमेस्टर- Vllसेमेस्टर -Vlll
कंप्यूटर कम्युनिकेशन नेटवर्कवायरलेस कम्युनिकेशन
ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशनडिजिटल स्विचिंग सिस्टम
पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्सप्रोजेक्ट वर्क कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
एंबेडेड सिस्टम डिजाइनसेमिनार कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
वीएलएसआई लैब  –
पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स लैब  –

कम्युनिकेशन इंजीनियर कैसे बनें?

इंजीनियरिंग के फील्ड में कम्युनिकेशन इंजीनियर बेहतर करियर ऑप्शन हो सकता है। यह सेक्टर जॉब की मांग के मामले में हमेशा एक विकल्प है। घरेलू उपयोग से लेकर औद्योगिक और स्पेस एप्लिकेंशस तक हर क्षेत्र में कम्युनिकेशन इंजिनियरिंग की काफी ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग बनने के लिए 12 वीं के बाद आप कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या बीटेक कर सकते हैं। कम्युनिकेशन इंजीनियर में कोर्स के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ से 12 वीं पास होना जरूरी है। गवर्नमेंट कॉलेज में इस कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना होता है।

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के लिए प्रसिद्ध विदेशी विश्वविद्यालय 

  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की
  •  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), गुवाहाटी
  •  राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटीके), सूरथकली
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), वारंगल
  •  इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स (आईएसएम), धनबाद
  •  राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), त्रिची
  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास
  •  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर
  •  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी
  •  राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान
  •  राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान
  •  भारतीय विज्ञान संस्थान
  •  दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
  •  विश्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बैंगलोर 

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के लिए योग्यता

भारत में विश्वविद्यालय यूजी एवम पीजी डिग्री पर कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में अध्ययन कार्यक्रम प्रदान करते हैं।  मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग (एमई), / मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एम.टेक) जैसी डिग्री प्रदान की जाती हैं।  यूजी स्तर पर संबंधित अध्ययन विषयों जैसे इलेक्ट्रिकल कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार इंजीनियरिंग आदि में कार्यक्रमों की पेशकश की जाती है। बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बी.ई.) / बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बी.टेक) जैसी डिग्री प्रदान की जाती हैं।

  •  स्यूजी पाठ्यक्रम में शामिल होने के लिए, छात्रों को भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी के साथ 10 + 2 स्तर या समकक्ष योग्यता की आवश्यकता होती है।  प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। पीजी पाठ्यक्रम का अध्ययन करने के लिए छात्रों को इंजीनियरिंग में यूजी की योग्यता परीक्षा (गेट) में अर्हता प्राप्त करने की आवश्यकता होती है।
  •  विश्वविद्यालय और अनुसंधान संस्थान, संचार प्रणाली इंजीनियरिंग में डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) और पोस्ट डॉक्टरेट रिसर्च फेलोशिप के पुरस्कार के लिए अग्रणी अनुसंधान कार्यक्रम प्रदान करते हैं।  प्रवेश गेट, सीएसआईआर जेआरएफ, आदि जैसी परीक्षाओं के आधार पर दिए जाते हैं।

विदेशी विश्वविद्यालय के लिए आवेदन प्रक्रिया

विश्वविद्यालय के लिए आवेदन प्रक्रिया के बारे में नीचे बताया गया है:

  • रिसर्च करें और अपनी रुचि के अनुसार सही कोर्स खोजें। इसके लिए आप हमारे Leverage Edu विशेषज्ञों की मदद लें सकते है।
  • यूजर आईडी से साइन इन करें और कोर्स चुनें जिसे आप चुनना चाहते हैं। 
  • अगली स्टेप में अपनी शैक्षणिक जानकारी भरें।  
  • शैक्षणिक योग्यता के साथ IELTSTOEFL, प्रवेश परीक्षा स्कोर, SOPLOR की जानकारी भरें। 
  • रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें।
  • अंत में आवेदन पत्र जमा करें।
  • आवश्यक दस्तावेज

विदेशी विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने के लिए नीचे दिए गए डॉक्यूमेंट होने आवश्यक है:

  • 10+2 मार्कशीट
  • सभी आधिकारिक शैक्षणिक ट्रांसक्रिप्टस और ग्रेड कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • पासपोर्ट फोटोकॉपी
  • वीजा 
  • अपडेट किया गया रिज्यूमे
  • अंग्रेजी भाषा कुशलता परीक्षा के अंक
  • सिफारिश पत्र या एलओआर
  • स्टेटमेंट ऑफ़ पर्पस

कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के लिए प्रवेश परीक्षा

जेईई मेन ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (मेन)जेईई (ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन) एडवांस्ड
गेट (ग्रैजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग)बिहार कम्बाइंड एंट्रेंस कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन बीसीईसीई
झारखंड कॉमन एंट्रेंस एग्जाम जेईईसीईयूपीएसईई (उत्तर प्रदेश स्टेट एंट्रेंस एग्जामिनेशन)
एपी ईएएमसीईटी (आंध्र प्रदेश इंजीनियरिंग एग्रीकल्चर एंड मेडिकल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट)टीएस ईएएमसीईटी(तेलंगाना स्टेट इंजीनियरिंग एग्रीकल्चर एंड मेडिकल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट)

टॉप रिक्रूटर्स

  • भारतीय टेलीफोन उद्योग
  • नागरिक उड्डयन
  • दूरसंचार
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग / आईटी
  • बिजली क्षेत्र रक्षा
  • एनपीएल
  • एआईआर
  • डाक और टेलीग्राफ विभाग
  • रेलवे
  • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
  • डी.आर.डी.ओ
  • हार्डवेयर विनिर्माण
  • घरेलू उपकरण
  • टेलीविजन उद्योग और अनुसंधान एवं विकास
  • सीमेंस
  • विप्रो लाइटिंग कॉर्पोरेट
  • माइक्रोटेक
  • टाटा इलेक्ट्रिक कंपनी
  • अदानी पावर लिमिटेड
  • श्नाइडर इलेक्ट्रिक
  • हैवेल्स
  • क्रॉम्पटन ग्रीव्स 

करियर और नौकरी की संभावनाएं

दूरसंचार क्षेत्र में कम्युनिकेशन इंजीनियरों के लिए बड़ी संख्या में अवसर मौजूद हैं, जिनमें रेडियो, टेलीविजन, टेलीफोन और मोबाइल संचार और कंप्यूटर आदि शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार उत्पादों का निर्माण करने वाले उद्योगों को अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं, कार्यशालाओं, प्रबंधन और विपणन आदि में संचार इंजीनियरों की सेवाओं की आवश्यकता होती है। संचार इंजीनियरों को अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ तकनीशियनों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के रूप में भी काम के अवसर मिलते हैं।  शिक्षाविदों में, व्याख्याताओं, प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं के रूप में अवसर प्रदान किए जाते हैं।

वेतन

कम्युनिकेशन इंजीनियरों को उद्योग में आकर्षक वेतन पैकेज प्राप्त है।  एक शुरुआती संचार इंजीनियर का वेतन औसतन लगभग रु 20,000 प्रति माह होता है। एचआरए, टीए, डीए, और भत्तों और प्रदर्शन बोनस जैसी कई अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं।  काम के प्रदर्शन और अर्जित पदोन्नति आदि के आधार पर कमाई कई गुना बढ़ जाती है। कम्युनिकेशन इंजीनियरों को समुदाय में उच्च सामाजिक सम्मान प्राप्त है।

FAQs

क्या मैं चार साल की डिग्री के बिना कम्युनिकेशन इंजीनियर के रूप में काम कर सकता हूं?

बिना डिग्री के कम्युनिकेशन  इंजीनियर के रूप में काम करने के कुछ अवसर हैं।  दूरसंचार, कंप्यूटर सिस्टम या इसी तरह के क्षेत्र में एक सहयोगी की डिग्री आपको कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग तकनीशियन के रूप में शुरू कर सकती है।  यदि आप वर्तमान में एक संचार फर्म के लिए काम कर रहे हैं, तो आप कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के लिए नौकरी पर प्रशिक्षण में भी भाग लेने में सक्षम हो सकते हैं।

कम्युनिकेशन इंजीनियर कहाँ काम करते हैं?

कम्युनिकेशन इंजीनियर आमतौर पर कार्यालय के वातावरण में काम करते हैं।  इंजीनियर एक साथ कई प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हैं।  काम कार्यालय समय के दौरान होता है, हालांकि यदि कोई विशेष रूप से जरूरी समस्या है तो आप अतिरिक्त घंटे काम कर सकते हैं। यदि आप एक कम्युनिकेशन इंजीनियर हैं जो दूरसंचार उपकरणों का निरीक्षण और रखरखाव करते हैं, तो आपको अपनी नौकरी के लिए यात्रा करने की आवश्यकता हो सकती है।  इसके लिए असामान्य परिस्थितियों में बाहर काम करना पड़ सकता है, जैसे सेल टावरों पर।

क्या कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग एक बढ़ता हुआ क्षेत्र है?

कम्युनिकेशन इंजीनियर हमेशा बदलती वैश्विक संचार प्रणालियों का समर्थन करते हैं, जिसका अर्थ है कि वे मांग में हैं।  यू.एस. ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग- वह क्षेत्र जिसका कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग एक हिस्सा है- तकनीकी प्रगति के साथ बने रहने के लिए लगातार बढ़ रहा है।