Wednesday, January 27, 2016

शेयर बाजार के शेर

शेयर ब्रोकर का करियर एक चुनौतीपूर्ण करियर है। इस करियर में सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत व अनुशासन बेहद जरूरी है। इस करियर के बारे में बता रही हैं रुचि गुप्ता
देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए सरकारों द्वारा उठाए गए कई कदमों की वजह से शेयर बाजारों की हालत में काफी सुधार देखने को मिला है, जिसकी वजह से बढ़ते बाजार में पेशेवरों की मांग भी बढ़ी है। सिर्फ इतना ही नहीं, बाजार के कारोबार में बढ़ती पारदर्शिता और वैश्विक बाजारों तक बढ़ती हमारी पहुंच की वजह से भी शेयर ब्रोकर और बाजार विश्लेषकों के लिए नए-नए विकल्प खुलते नजर आ रहे हैं। यहां संभावनाएं बढ़ रही हैं और नए लोगों के लिए कंपनियों और नौकरियों के लिहाज से भी इस क्षेत्र में संभावनाएं पैर पसार रही हैं।
एक शेयर ब्रोकर के रूप में आपको अपने क्लाइंट को शेयर बाजार की वर्तनी और कारोबार के तरीके सरल भाषा में समझाने पड़ते हैं। आप उन्हें वित्तीय सलाह देते हैं और उनके लिए शेयरों को खरीदते-बेचते हैं। बतौर ब्रोकर आपको अपने क्लाइंट को उसका वित्तीय पोर्टफोलियो बनाने में मदद भी करनी चाहिए, जिसमें न सिर्फ शेयर, बल्कि जीवन बीमा, बॉन्ड, म्युचुअल फंड आदि भी शामिल हैं। किसी से भी अपना कमाया हुआ पैसा शेयरों या अन्य वित्तीय विकल्पों में लगवाना इतना आसान नहीं होता, इसलिए अपने क्लाइंट को आपके बताए गए शेयर में निवेश करने के लिए मनाना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है।
क्या करते हैं शेयर ब्रोकर: शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, इसलिए शेयर ब्रोकर के लिए बेहद जरूरी है कि वे बतौर अर्थशास्त्री, एकाउंटेंट, वित्त प्रबंधक, वित्तीय विश्लेषक, इन्वेस्टमेंट प्लानर या वित्तीय योजनाकार और कैपिटल मार्केट विश्लेषक के रूप में अनुभव हासिल करे। इसके अलावा शेयर ब्रोकर डीलर, सलाहकार या सिक्योरिटी एनालिस्ट्स के रूप में भी काम कर सकते हैं। अपनी भूमिका को सही रूप में निभाने के लिए जरूरी है कि आपको बिजनेस फाइनेंस, गणित और कंप्यूटर की अच्छी जानकारी हो।
शेयर ब्रोकर अपने क्लाइंट के लिए शेयर खरीदते व बेचते हैं।
सिक्योरिटी एनालिस्ट्स कंपनियों को अपने नए शेयर बाजार में उतारने की सलाह देते हैं।
शेयर ब्रोकर बैंकों, म्युचुअल फंडों और बीमा में भी अपनी विशेषज्ञता दिखाते हैं।
इक्विटी एनालिस्ट्स बाजार पर रिसर्च कर बेहतर वित्तीय निवेशों के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करते हैं।
शेयर ब्रोकर व्यक्तिगत के साथ-साथ निजी व संस्थागत क्लाइंट्स को भी अपनी सेवाएं मुहैया कराते हैं। वे इक्विटी सेल एडवाइजर की भूमिका निभाते हैं, जो अपने क्लाइंट्स को निवेशों और शेयरों को खरीदने-बेचने की सलाह भी देता है।
आप करियर के लिहाज से शेयर ब्रोकिंग कंपनियों जैसे कि एचडीएफसी सिक्योरिटीज लिमिटेड, आईसीआईसीआई डायरेक्ट.कॉम, कार्वी कंसल्टेंट्स लिमिटेड, कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड, मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज लिमिटेड, एचएसबीसी इन्वेस्टडायरेक्ट (इंडिया) लिमिटेड आदि में भी नौकरी पा सकते हैं।
खुद का कारोबार
निश्चित तौर पर आप बतौर शेयर ब्रोकर अपना कारोबार भी शुरू कर सकते हैं, बशर्ते आप खुद को रजिस्टर करवाने के लिए एक मोटी रकम खर्च कर सकें। सिर्फ इतना ही नहीं, आपको सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के साथ रजिस्टर करने के लिए भी लगभग 25 से 30 लाख रुपये और खर्च करने होंगे। अगर आप चाहें तो बतौर डीलर, सब-ब्रोकर या एजेंट के रूप में किसी शेयर ब्रोकिंग कंपनी के साथ जुड़ कर भी खुद का कारोबार कर सकते हैं।
कैसें करें शुरुआत
वैसे तो कॉमर्स विषयों के साथ 12वीं पास करने के बाद आप छोटे-मोटे कोर्स के जरिए इस क्षेत्र में उतर सकते हैं, लेकिन बेहतर यही रहेगा कि आप कॉमर्स या अर्थशास्त्र विषयों के साथ ग्रेजुएशन के बाद इस क्षेत्र में उतरने की सोचें। सभी ब्रोकर्स और ट्रेडर्स के लिए सर्टिफिकेट हासिल करना जरूरी है। इसके लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई का सर्टिफिकेशन इन फाइनेंशियल मार्केट्स (एनसीएफएम) और बीएसई के ट्रेनिंग इंस्टीटय़ूट की चार विभिन्न विषयों में परीक्षाएं उत्तीर्ण करना जरूरी है। इनके बारे में अधिक जानकारी के लिए संबंधित वेबसाइट पर लॉग ऑन करें।
इसके अतिरिक्त कैपिटल मार्केट्स में पोस्ट ग्रेजुएट पाठय़क्रम भी है, जिसे आप ग्रेजुएशन के बाद कर सकते हैं। यह पाठय़क्रम विभिन्न निजी संस्थानों व  कुछ विश्वविद्यालयों की ओर से मुहैया कराया जाता है। इसके अलावा स्टॉक एक्सचेंज की सदस्यता के लिए आपको किसी ब्रोकिंग कंपनी के साथ 6 महीने का प्रशिक्षण हासिल करना जरूरी है। बड़ी ब्रोकिंग कंपनियों में वित्त, अर्थशास्त्र और कॉमर्स विषयों में स्नातक या स्नात्तकोत्तर की शिक्षा हासिल किए हुए छात्र बतौर असिस्टेंट रिलेशनशिप मैनेजर या रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में नौकरी पा सकते हैं। इनका काम क्लाइंट से लगातार संपर्क बनाए रखना, उन्हें मार्केट में होने वाली हलचल के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उनकी खरीद-फरोख्त के लिए सलाह देना शामिल है।
योग्यता एवं कौशल
शैक्षिक योग्यता के स्तर पर माना जाता है कि कॉमर्स, अर्थशास्त्र या वित्त से जुड़े छात्रों को इस क्षेत्र में अपनी शिक्षा का फायदा मिलता है। इसके साथ ही शेयर बाजार में अपने पांव जमाने के लिए जरूरी है कि आपको सेंसेक्स और निफ्टी की नब्ज समझ में आए। इसके अलावा जरूरी है कि आप अपने क्लाइंट का भरोसा जीतें और उसके साथ ईमानदारी से पेश आएं, नहीं तो आप क्लाइंट का भरोसा और कंपनी की साख दोनों ही गंवा देंगे। आप लोगों की जीवन-भर की पूंजी या बचत को शेयर बाजार में लगवाते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि आप उन्हें गंभीरता के साथ सही सलाह दें। इसके अलावा जो योग्यताएं आप में होनी चाहिए, वे इस प्रकार हैं-
धैर्य एवं संयम
अपना पक्ष सही तरह से रखने की क्षमता
महत्वाकांक्षी होना
विश्लेषण करने की क्षमता
तर्कपूर्ण विचार
जटिल समस्याओं को संभालने की क्षमता
कारोबार चलाने की दक्षता
बाजार की चालों को समझ कर पूर्वानुमान लगाना
पाठय़क्रम
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कैपिटल मार्केट एंड फाइनेंशियल सर्विसेज
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फंडामेंटल्स ऑफ कैपिटल मार्केट डेवलपमेंट
चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट इक्विटी रिसर्च
बीएसई सर्टिफिकेशन ऑन सेंट्रल डिपोजिटरी
बीएसई सर्टिफिकेशन ऑन करेंसी फ्यूचर्स
बीएसई सर्टिफिकेशन ऑन डेरिवेटिव्स एक्सचेंज
बीएसई सर्टिफिकेशन ऑन सिक्योरिटी मार्केट्स
एनएसई सर्टिफिकेशन इन फाइनेंशियल मार्केट्स
संभावनाएं
अगर आप 12वीं के बाद इस क्षेत्र में उतरते हैं तो आपके लिए यहां संभावनाएं काफी संकुचित हो जाती हैं, परंतु ग्रेजुएशन और एमबीए की डिग्री के बाद आप यहां कई भूमिकाएं निभा सकते हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं- एकाउंटेंट, कैपिटल मार्केट स्पेशियलिस्ट्स, अर्थशास्त्री, इक्विटी विश्लेषक, वित्त प्रबंधक, वित्त सलाहकार, वित्तीय विश्लेषक, वित्तीय योजनाकार, स्वतंत्र एजेंट, इन्वेस्टमेंट प्लानर। आप यह सभी विकल्प किसी बिजनेस हाउस, बीमा कंपनियों, इन्वेस्टमेंट बैंकों, इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी, मर्चेट बैंकों, शेयर ब्रोकर कंपनी और म्युचुअल फंड कंपनियों में देख सकते हैं।
वेतन
स्टॉक मार्केट से जुड़े पाठय़क्रमों को करने के बाद शुरुआत में आप 15 से 20 हजार रुपये कमा सकते हैं। वहीं फाइनेंस में एमबीई की डिग्री के बाद किसी बड़ी ब्रोकरेज फर्म में आपका मासिक वेतन 20 हजार रुपये से शुरू होता है, जो अनुभव व समय के साथ बढ़ सकता है और आप किसी ब्रांच के जोनल मैनेजर तक तरक्की कर सकते हैं।
एक्सपर्ट व्यू
संभावनाओं से भरपूर है यह क्षेत्र

शेयर ब्रोकिंग में करियर के विकल्पों और इस क्षेत्र में उतरने के लिए जरूरी योग्यताओं के बारे में बता रहे हैं, रेलिगेयर सिक्योरिटीज लिमिटेड, दिल्ली में रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन विभाग के अध्यक्ष जयंत मांगलिक
इस क्षेत्र में उतरने के लिए छात्रों में क्या योग्यताएं होनी चाहिए?
सबसे पहले तो उन्हें आंकड़ों से लगाव होना चाहिए। इसके अलावा उनका मेहनती होना, अनुशासित होना भी जरूरी है। यहां हर घंटे, हर मिनट में बाजार बदलता है, सो अनुशासन बेहद जरूरी है। साथ ही एक ब्रोकर या डीलर के लिए यह बात सुनिश्चत करना भी जरूरी होता है कि वह अपने क्लाइंट को समय-समय पर सही जानकारी मुहैया कराए।
छात्र कैसे कर सकते हैं शुरुआत?
यह आपकी भूमिकाओं पर निर्भर करता है। अगर आप डीलर के रूप में उतरना चाहते हैं तो निश्चित तौर पर ग्रेजुएशन के बाद आप फाइनेंशियल मार्केट्स में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। और अगर आप प्लानर, एनालिस्ट या रिसर्चर बनना चाहते हैं तो ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और एमबीए की तरफ रुख कर सकते हैं।
शेयर ब्रोकिंग के क्षेत्र में आप आगे क्या संभावनाएं देखते हैं?
निश्चित तौर पर यहां बेहद संभावनाएं हैं। उसकी वजह यह है कि अभी भी भारत में प्रत्यक्ष इक्विटी में लोगों का निवेश काफी कम है। इस फेहरिस्त में हम दुनिया के सबसे कम निवेश करने वाले देशों की सूची में हैं। साथ ही हमारी सरकार का लक्ष्य भी इस दिशा में और विस्तार करने का है। हम 2025 तक अपनी मौजूदा परिस्थितियों के मुकाबले 10 गुणा तक का विस्तार कर सकते हैं, इसलिए यहां आगे चल कर नौकरी और कारोबार दोनों के ही अच्छे मौके देखने को मिलेंगे।
इस क्षेत्र में वेतन की सीमा क्या है?
बतौर डीलर या सेल्स पर्सन इस क्षेत्र में उतरने वालों का वेतन शुरू में लगभग 15 हजार से 20 हजार रुपये प्रति माह होता है, जबकि एमबीए की डिग्री के साथ आपका शुरुआती वेतन 20 हजार रुपये से 25 हजार रुपये प्रति माह हो सकता है। आप कितना कमाएंगे, यह अनुभव और समझदारी पर निर्भर करता है।
अपना कारोबार कैसे किया जा सकता है?
स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए एक बड़ी राशि चुकानी पड़ती है। अगर आप अपना कारोबार करना चाहते हैं तो आप बतौर फ्रैंचाइजी किसी नामी-गिरामी स्टॉक ब्रोकिंग फर्म से जुड़ सकते हैं। इसके लिए आपको डिपॉजिट के रूप में लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये उसे  देने पड़ते हैं। इसके अलावा आपको कंप्यूटर्स, इंटरनेट, ऑफिस जैसी मूलभूत सुविधाएं जुटानी पड़ती हैं।
प्रमुख संस्थान
इंस्टीटय़ूट ऑफ कैपिटल मार्केट स्टडीज
www.icmamonitor.com
ऑल इंडिया सेंटर फॉर कैपिटल मार्केट स्टडीज, जे डी बी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च, नासिक
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, दिल्ली
www.nse-india.com
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, बीएसई ट्रेनिंग इंस्टीटय़ूट, मुंबई
www.bsebti.com/certification/bse_test.html
इंस्टीटय़ूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ इंडिया
www.icfai.org
इंस्टीटय़ूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया, दिल्ली
http://www.icsi.edu
दी ओरियन इंस्टीटय़ूट ऑफ कैपिटल मार्केट, दिल्ली
दी यूटीआई इंस्टीटय़ूट ऑफ कैपिटल मार्केट, मुंबई
इंस्टीटय़ूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया
www.icai.org